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    मेरठ छात्रा हत्याकांड- बवाल के बाद गांव में पुलिस तैनात:बाहरी लोगों को एंट्री नहीं; कांग्रेस के 32 नेता कल पीड़ित के घर जाएंगे

    1 day ago

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    मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पब्लिक के भारी विरोध को देखते हुए गांव में भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया है। छात्रा के गांव थिरौट में बाहरी लोगों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है। वहीं, कांग्रेस ने पूरे मामले की जांच के लिए 32 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाया है, जो शुक्रवार को पीड़ित परिवार के घर जाएगा। पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने भी पुलिस कार्रवाई को मानवाधिकार उल्लंघन बताते हुए राज्य मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। शुक्रवार को नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद भी पीड़ित छात्रा के परिवार से मिलने आएंगे। इससे पहले, 8 जुलाई (बुधवार) को कलेक्ट्रेट पर जमकर बवाल हुआ था। एसएसपी ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को थप्पड़ मारे थे। पुलिस वैन के अंदर घुसकर लोगों की पिटाई की थी। लोगों को खदेड़ने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा था। इस पूरे बवाल में शामिल 7 लोगों को पुलिस ने गुरुवार को जेल भेज दिया। 13 नामजद और 50 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के नाम मुकदमा लिखा गया है। पहले जानिए बुधवार को कैसे बिगड़े थे हालात बीए की छात्रा ललिता गौतम की 16 मई को हत्या कर दी गई थी। छात्रा को न्याय दिलाने के लिए 8 जुलाई (बुधवार) को कलेक्ट्रेट के बाहर दलित महापंचायत थी। कांग्रेस नेता हेमंत प्रधान, दलित समाज और कई सामाजिक संगठनों के लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों को पहले से ज्ञापन देने की इजाजत थी। लेकिन, इसी बीच मेरठ के अलावा नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। भीड़ बढ़ने पर पुलिस ने कलेक्ट्रेट का मेन गेट बंद कर दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी गेट के बाहर सड़क पर बैठ गए और धरना शुरू कर दिया। इससे सड़क जाम हो गई। सूचना पर एसपी देहात अभिजीत कुमार और एसपी ट्रैफिक राकेश कुमार मौके पर पहुंचे। इसी बीच, एसएसपी अविनाश पांडेय मौके पर पहुंच गए। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों को थप्पड़ मारे। फिर पुलिस वैन के अंदर घुसकर प्रदर्शनकारियों को पीटा। गांव सील, बाहरी लोगों की एंट्री बंद बवाल के बाद पुलिस ने छात्रा ललिता गौतम के गांव थिरौट की सुरक्षा बढ़ा दी है। गांव की सीमाओं पर बैरिकेडिंग कर दी गई है और पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है। प्रशासन ने फिलहाल बाहरी लोगों और राजनीतिक दलों की गांव में आवाजाही पर रोक लगा दी है। कांग्रेस ने बनाई 30 सदस्यीय जांच टीम घटना के बाद यूपी कांग्रेस ने पूरे मामले की जांच के लिए 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाया है। टीम शुक्रवार को मेरठ पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात करेगी। इसके बाद अपनी रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपेगी। प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के प्रदेश पदाधिकारियों के साथ मेरठ के स्थानीय नेता भी शामिल किए गए हैं। मानवाधिकार आयोग पहुंचा मामला पूर्व आईपीएस और आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग में शिकायत देकर पुलिस कार्रवाई की जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिरासत में प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट और पुलिस वाहन के अंदर हुई कार्रवाई मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन हो सकती है। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और पूरी घटना की स्वतंत्र जांच कराने की मांग भी की है। दिग्विजय भाटी बोले- मुझे झूठा फंसाया गया नामजद आरोपी दिग्विजय भाटी ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दावा किया कि मेरठ में हुए बवाल से उनका कोई संबंध नहीं है। कहा कि अगर घटना में उनकी कोई भूमिका साबित हो जाए, तो वह हर सजा स्वीकार करेंगे। वहीं, पुलिस का कहना है कि वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। दिग्विजय फिलहाल फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है। रात में FIR, 13 नामजद और 25-50 अज्ञात आरोपी पुलिस ने बुधवार देर रात सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज किया। आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने बिना इजाजत धरना दिया, सड़क जाम की, सरकारी काम में बाधा पहुंचाई। पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की की, महिला पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता की और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास किया। पुलिस ने 13 लोगों को नामजद किया है। अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें- अंकित कुमार, अरविंद कुमार, रवि कुमार उर्फ गौतम, ऋतिक, नवनीत कुमार, हिमांशु सिद्धार्थ और लवि उर्फ शुभम शामिल हैं। अन्य की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। करीब 50-60 अज्ञात लोगों को भी मुकदमे में शामिल किया गया है। SSP बोले- बाहरी लोगों ने पीड़ित परिवार को भड़काया एसएसपी अविनाश पांडेय का कहना है कि ललिता गौतम हत्याकांड का खुलासा पहले ही किया जा चुका है और मुख्य आरोपी समेत अन्य सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया है। कुछ बाहरी लोगों ने पीड़ित परिवार को भड़काकर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की। रवि गौतम और दिग्विजय भाटी का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही पुलिस पुलिस के अनुसार, AIMIM नेता रवि गौतम के खिलाफ गाजियाबाद के कोतवाली थाने में साल- 2024 में हत्या के 2 मुकदमे दर्ज हुए थे। उनके खिलाफ कुल 4 केस दर्ज हैं। वहीं, भारतीय किसान यूनियन अंबेडकर के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह भाटी के खिलाफ अमरोहा समेत मेरठ में कुल 9 केस दर्ज हैं। पुलिस हिरासत में लिए गए सभी लोगों का क्राइम रिकॉर्ड चेक किया जा रहा। अब जानिए छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड के बारे में… टीपीनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली बीए तीसरे साल की की छात्रा ललिता गौतम 15 मई को परीक्षा देने घर से निकली थी। इसके बाद वह घर नहीं लौटीं। घरवालों ने उसी दिन गुमशुदगी दर्ज करा दी। 17 मई को रोहटा थाना क्षेत्र के उकसिया गांव के गन्ने के खेत में ललिता का शव मिला। इसके बाद घरवालों ने गैंगरेप के बाद हत्या का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया था। पुलिस ने घरवालों की शिकायत पर 3 युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी अंकुश को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया था कि 3 साल से उसकी ललिता से दोस्ती थी। उसे ललिता के किसी दूसरे युवक से बात करने का शक था। इसको लेकर दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। इसी रंजिश में अंकुश ने अपने साथियों के साथ मिलकर ललिता की हत्या कर दी थी। इसके बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। अब दलित समाज की मांग है कि आरोपियों को फांसी की सजा दी जाए। इसे लेकर ही प्रदर्शन किया गया। --------------------------- ये खबर भी पढ़िए- 58 साल का दरोगा महिला से बोला- पति बना लो: नौकरी दिलवा दूंगा, बरेली में 35 साल की पीड़ित बोली- प्रेग्नेंट हुई तो अबॉर्शन करवाया बरेली में 58 साल के दरोगा का दिल 35 साल की महिला पर आ गया। पति की शिकायत लेकर थाने पहुंची महिला से दरोगा ने कहा- चिंता क्यों करती हो, मैं हूं न। मैं तुम्हारी पूरी मदद करूंगा। इसके बाद दरोगा ने नौकरी और शादी का झांसा देकर महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाए। साल- 2026 में महिला प्रेग्नेंट हुई, तो उसका अबॉर्शन करा दिया। महिला ने जब पत्नी का दर्जा मांगा, तो दोनों की अनबन हो गई। पढ़ें पूरी खबर...
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