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    मेरठ की भूसा मंडी में बिजली चोरी:32% तक पहुंचा लाइन लॉस, रेड जोन में फीडरों की भरमार; मेरठ साउथ सर्वाधिक प्रभावित

    5 hours ago

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    मेरठ में बिजली चोरी पर तमाम कार्रवाई और अभियान के बावजूद कई इलाके विभाग के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। ओवर ऑल देखा जाए तो यहां 15 प्रतिशत तक लाइन लॉस है। सदर का भूसा मंडी इलाका सबसे अधिक लाइन लॉस वाली फेहरिस्त में सबसे ऊपर है। यहां लाइन लॉस 32 प्रतिशत तक बना हुआ है। इसके अलावा जाकिर कॉलोनी और मकबरा डिग्गी वाले फीडर पर यह लाइन लॉस 30 से 32 प्रतिशत, नई बस्ती-शिवपुरम में करीब 28 प्रतिशत और कंकरखेड़ा के डबका फीडर पर 27 प्रतिशत तक है। विभागीय स्तर पर इन इलाकों को बिजली चोरी के लिहाज से सबसे अधिक संवेदनशील माना जा रहा है। मेरठ साउथ बिजली चोरी के मामले में सर्वाधिक प्रभावित इलाका है। यहां लिसाड़ीगेट की जाली वाली गली, रंग महल की गली नंबर 4, 5, 6 और 7, मलियाना का शुगर मिल इलाका, विकासपुरी फीडर व खड़ौली के खटीकपुरा और जवाहरनगर जैसे कुछ फीडर ऐसे हैं, जहां लाइन लॉस विभाग के लिए चिंता का सबब बना है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इन क्षेत्रों में बिजली चोरी पर प्रभावी अंकुश लगने से ही लाइन लॉस को नीचे लाया जा सकता है। आठ प्रतिशत तक लाइन लॉस सामान्य विभागीय अधिकारियों के अनुसार, करीब आठ प्रतिशत तक लाइन लॉस सामान्य माना जाता है। इसमें बिजली की आपूर्ति ट्रांसमिशन से सब स्टेशन तक पहुंचने में करीब 2.5 से तीन प्रतिशत और सब स्टेशन से 33 केवी से 11 केवी स्तर तक आने में करीब पांच से छह प्रतिशत तक तकनीकी नुकसान शामिल है। इसे तकनीकी लाइन लॉस माना जाता है, जिसे पूरी तरह समाप्त नहीं किया जा सकता। इसके मुकाबले जिन फीडरों पर लाइन लॉस 25 से 32 प्रतिशत तक पहुंच रहा है, वहां बिजली चोरी ही प्रमुख वजह मानी जाती है। विभाग अब ऐसे फीडरों की निगरानी और कार्रवाई को और सख्त करने की तैयारी में है। अफसरों की जवाबदेही होगी तय बड़े लाइन लॉस वाले फीडरों को लेकर अब संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की तैयारी है। पीवीवीएनएल एमडी रवीश गुप्ता बुधवार को यह स्पष्ट कर चुके हैं। विभाग के अधिकारियों को अब अपने क्षेत्र में बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के साथ लाइन लॉस कम करने का लक्ष्य दिया जाएगा। केवल छापेमारी की संख्या के बजाय लाइन लॉस में वास्तविक कमी को भी कामकाज के आकलन का आधार बनाया जाएगा। विभाग का लक्ष्य दीपावली से पहले चिन्हित फीडरों के लाइन लॉस को मौजूदा स्तर से करीब आधा करना है। इसके लिए बिजली चोरी वाले इलाकों की निगरानी, संदिग्ध कनेक्शनों की जांच और अभियान तेज करने की तैयारी है। शहर के टॉप 10 सर्वाधिक असुरक्षित फीडर टेक्निकल लॉस और चोरी का फर्क चीफ इंजीनियर बोले- दिवाली से पहले बड़ा एक्शन मेरठ शहर के चीफ इंजीनियर रजनीकांत मिश्रा ने बताया- बिजली चोरी को लेकर चलाए जा रहे अभियान का काफी स्थिति सुधरी है। जिन इलाकों में अभी भी हालात जस के तस हैं, वहां दिवाली से पहले बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। इसको लेकर जल्द अफसरों की जिम्मेदारी तय कर दी जाएगी।
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