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    मथुरा में प्रेमानंद के साधकों ने अचला-मार्किन पहनना छोड़ा:शिष्य की मौत के बाद ड्रेस कोड बदलने का मैसेज वायरल, दर्शन-दीक्षा बंद

    10 hours ago

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    मथुरा में संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम केली कुंज में साधक रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद कई बदलाव नजर आ रहे हैं। आश्रम से जुड़े साधक-साधिकाओं की वेशभूषा बदली है। सफेद कपड़े और पीला अचला पहनना साधकों ने बंद कर दिया है। दरअसल, आश्रम से जुड़ा एक मैसेज सोशल मीडिया पर बुधवार शाम से वायरल हो रहा है। इसमें पूज्य महाराज की आज्ञा का हवाला देते हुए साधकों को नई वेशभूषा में आने के लिए कहा गया है। वायरल मैसेज में लिखा है- ‘सभी गृहस्थ साधकों से निवेदन है कि पूज्य महाराज श्री की आज्ञा अनुसार वाणी पथ के समय से ही अपनी वेशभूषा में परिवर्तन कर लें। कुर्ता पजामा अथवा किसी भी रंग की धोती पहनकर ही आएं। कृपया कोई भी साधक अचला-मार्किन पहनकर राधा केली कुंज में न आएं।' कुर्ता पजामा के साथ लाइन वाला अंगोछा धारण कर सकते हैं, लेकिन अचला न पहनें। साथ ही जटाएं अथवा बढ़ी हुई दाढ़ी न रखें। बाल एवं दाढ़ी को समय-समय पर व्यवस्थित करवाकर रखें। बच्चों को भी साधारण और मर्यादित वस्त्र ही धारण करवाएं। सभी के लिए पूज्य महाराज श्री की आज्ञा का पालन करना अनिवार्य है। -श्री हरिवंश’ कौन हैं ‘श्री हरिवंश’ वायरल संदेश के अंत में ‘श्री हरिवंश’ नाम से हस्ताक्षर किए गए हैं। श्री हित हरिवंश महाप्रभु को राधावल्लभ संप्रदाय का संस्थापक माना जाता है। संत प्रेमानंद महाराज भी इसी राधावल्लभ परंपरा से जुड़े हैं। हालांकि, वायरल संदेश में लिखे ‘श्री हरिवंश’ से आश्रम में किसी वर्तमान व्यक्ति या पदाधिकारी का संकेत है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। दीक्षा और दर्शन बंद ड्रेस कोड में हुए बदलाव से पहले संत प्रेमानंद महाराज ने दर्शन और दीक्षा अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी गई। यह निर्णय भी साधक रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद लिया गया। यह दीक्षा और दर्शन कब तक बंद रहेंगे इस पर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है। इस निर्णय को लेकर भी लेकर आश्रम प्रबंधन से जुड़े लोग कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। लेकिन आश्रम में पहनावे को लेकर हुए बदलाव के बाद केली कुंज के आसपास घूमते साधक बदले गए पहनावे में ही नजर आए। क्या थी साधक की मौत की घटना संत प्रेमानंद से जुड़े साधक रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की 25 सितंबर को वृंदावन के वराह घाट मार्ग स्थित गुरु कृपा कुंज अपार्टमेंट में मौत हो गई थी। वो सुबह करीब 10:25 बजे कमरे से बाहर निकले और करीब 10:36 बजे चौथी मंजिल की छत से नीचे गिर गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उनके शरीर पर गंभीर चोटें मिली थीं। प्राइवेट पार्ट कटा था। कमरे से एक इलेक्ट्रिक ग्राइंडर भी बरामद हुआ, जिसकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। पोस्टमार्टम में अत्यधिक रक्तस्राव को मौत की मुख्य वजह बताया गया है। पुलिस ने CCTV का DVR, मोबाइल और अन्य साक्ष्य जांच के लिए भेजे हैं। मामले में 30 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की जा चुकी है और मौत की परिस्थितियों की जांच जारी है। पुलिस ने 30 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की रसिक दुलारी शरण की मौत के मामले में चल रही जांच के सिलसिले में सीओ वृंदावन संदीप सिंह कोतवाली प्रभारी अश्वनी कुमार और पुलिस टीम के साथ केली कुंज आश्रम पहुंचे। यहां उन्होंने आश्रम से जुड़े लोगों से पूछताछ की। वह आश्रम में करीब आधा घंटे से ज्यादा समय तक रहे। सीओ वृंदावन संदीप सिंह ने बताया कि अभी तक 30 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रसिक दुलारी शरण ने आत्महत्या क्यों की, उन्होंने खुद अपने प्राइवेट पार्ट को क्यों काटा।
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