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    मंदिर तोड़ने की चेतावनी पर करणी सेना का हंगामा:अलीगढ़ के खेरेश्वर चौराहे पर हिंदूवादी नेता ने दी आत्मदाह की चेतावनी, पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी

    3 hours ago

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    ​अलीगढ़ में खेरेश्वर चौराहा स्थित श्री बालाजी मंदिर को तोड़ने की जानकारी मिलने पर जमकर हंगामा हुआ। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा मंदिर को जबरन तोड़े जाने की भनक लगते ही स्थानीय जनता और हिंदूवादी संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा। थोड़ी ही देर में करणी सैनिक और अन्य लोग सड़क पर उतर आए। उन्होंने प्रशासन व एनएचएआई के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। ​लोगों के आक्रोश को देखते हुए प्रशासन को मंदिर तोड़े जाने की कार्रवाई को रोकना पड़ा है। मौके पर सुरक्षा के लिहाज से भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। वहीं, क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ज्ञानेंद्र चौहान के आत्महाद की चेतावनी के बाद एसडीएम कोल महिमा मौके पर पहुंची और मंदिर प्रशासन व लोगों से बातचीत की। ​हिंदुओं की आस्था को टारगेट करने का आरोप क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ज्ञानेंद्र चौहान ने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर हमेशा हिंदू की आस्था के साथ ही खिलवाड़ किया जाता है। एनएचएआई की मथुरा रोड और आगरा रोड पर हाईवे की सीमा के भीतर तमाम अवैध मजारें बनी हुई हैं, पहले उनको तोड़ा जाए। इसके अलावा ऊपरकोट, शाहजमाल, भुजपुरा, अमीनिशा और दोधपुर जैसे इलाके भी अवैध अतिक्रमण मुक्त कराए जाएं। इसके बाद ही मंदिर को तोड़ने की बात करें। ​उन्होंने कहा कि इससे पहले कोल विधानसभा के रामघाट रोड पर पथवारी मंदिर के साथ भी ऐसा ही करने का प्रयास किया गया था, लेकिन जन-प्रयासों से मंदिर को आंच नहीं आने दी गई। ​जबरन कार्रवाई हुई तो कर लूंगा आत्मदाह ज्ञानेंद्र चौहान ने कहा कि वे किसी भी कीमत पर मंदिर को टूटने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि ​रेलवे की भूमि पर बनी बरछी बहादुर दरगाह और कब्जा कर बनाई गई अवैध मजारों-मस्जिदों को पहले नहीं तोड़ा गया, तो कोई बात नहीं होगी। अगर प्रशासन ने जबरन मंदिर पर बुलडोजर चलाने या इसे तोड़ने का प्रयास किया तो मंदिर के सामने हाईवे पर खड़े होकर आत्मदाह कर लेंगे। पिलर बेस पुल बनाने की मांग लोगों ने कहा कि खुद को सनातन धर्म की हितैषी और रक्षक बताने वाली सरकार के राज में ही आज मंदिरों को निशाना बनाया जा रहा है। जनभावनाओं को कुचलकर प्रशासन तानाशाही रवैया अपना रहा है। ​मंदिर समिति और श्रद्धालुओं ने मांग रखी है कि हाईवे के इस हिस्से पर पिलर बेस पुल का निर्माण किया जाए, जिससे विकास कार्य भी पूरा हो सके और प्राचीन मंदिर को भी हर हाल में बचाया जा सके। प्रदर्शन के बाद काम रुका ​तनाव बढ़ता देख पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भारी बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित भीड़ को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। गणेश मंदिर के अचलेश्वर पीठाधीश्वर महंत विनय नाथ ने कहा कि हिंदुओं की आस्था को किसी भी कीमत पर चोट नहीं पहुंचने दी जाएगी। उधर, मौके पर पहुंची एसडीएम कोल महिला वर्मा ने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं से बात की। लंबे वार्तालाप के बाद उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि सबसे पहले पिलर लगाकर सड़क बनाने पर विचार किया जाएगा। इसके बाद भी अगर कोई परेशानी होती है तो मंदिर के लिए अगल से जगह दी जाएगी। ये लोग रहे मौजूद ​मौके पर मंदिर समिति के अंशुल वार्ष्णेय, एडवोकेट मुकेश वार्ष्णेय, जिलाध्यक्ष सत्येंद्र राघव, हैरी वार्ष्णेय, पुष्पेंद्र वार्ष्णेय, सचिन राघव, विष्णुकांत, दीपक राजपूत समेत सैकड़ों महिलाएं और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
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