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    मायावती बोलीं- सपा कर रही नौटंकीबाजी:कांशीराम जयंती पर 'पीडीए दिवस' मनाने पर भड़कीं, कहा- बीजेपी-सपा एक जैसे

    2 hours ago

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    समाजवादी पार्टी कांशीराम जयंती को पीडीए दिवस के रूप में मनाने जा रही है। बसपा प्रमुख मायावती ने इसे नौटंकी करार दिया है। गुरुवार को मायावती ने कहा कि हमेशा से दलित-पिछड़ा विरोधी रही सपा अब पीडीए दिवस के नाम पर नौटंकी कर रही है। उन्होंने कहा कि सपा का चाल, चरित्र और चेहरा दलित-पिछड़ा विरोधी रहा है। सपा शासनकाल में ही मान्यवर कांशीराम का निधन हुआ था, लेकिन एक दिन का भी राजकीय शोक घोषित नहीं किया गया। मायावती ने आरोप लगाया कि सपा के कार्यकाल में दलित महानायकों के नाम पर बने जिलों और प्रतिष्ठानों के नाम भी बदल दिए गए थे। मायावती ने यह भी कहा कि सपा की वजह से भारतीय जनता पार्टी को फायदा पहुंचा है। उन्होंने गेस्ट हाउस कांड को याद करते हुए कहा कि सपा शासनकाल में ही 2 जून 1995 को लखनऊ स्टेट गेस्ट हाउस में उन पर जानलेवा हमला हुआ था। सपा और भाजपा दोनों जातिवदी और सांप्रदायिक राजनीति करते पूर्व सीएम मायावती ने सपा को मुस्लिम विरोधी बताया। कहा कि कांग्रेस पार्टी की तरह सपा की सरकारों में भी कई साम्प्रदायिक दंगे हुए। इन दंगों में भारी जान-माल की हानि के साथ-साथ लाखों परिवार प्रभावित हुए हैं। हकीकत में सपा के भड़काऊ आचरण के कारण ही बीजेपी को राजनीतिक रोटी सेंकने का भरपूर मौका मिलता रहा। सपा व भाजपा दोनों एक-दूसरे की जरूरत बनकर यहां जातिवादी व साम्प्रदायिक राजनीति करते रहे। इसी का परिणाम है कि यूपी में भाजपा के राज में मुस्लिम और बहुजन समाज सबसे अधिक पीड़ित और हर प्रकार से त्रस्त हैं। 1993 में सपा–बसपा गठबंधन से शुरू हुआ दलित विरोधी रवैया मायावती ने कहा कि सपा का लंबा इतिहास बहुजन समाज के महान संतों-गुरुओं के अपमान और शोषण का रहा है। मायावती ने याद दिलाया कि सपा का दलित-विरोधी रवैया 1993 के सपा-बसपा गठबंधन से शुरू हुआ। जब मुलायम सिंह यादव ने शर्तों का पालन नहीं किया और 1995 में लखनऊ स्टेट गेस्ट हाउस कांड में मुझ पर जानलेवा हमला कराया गया। यह कांड आज भी सरकारी रिकॉर्ड और इतिहास में दर्ज है। कांशीराम के नाम पर विश्वासघात के कई उदाहरण मायावती ने सवाल उठाया– क्या यही सपा का कांशीराम जी के प्रति आदर-सम्मान है? उन्होंने कहा कि सपा सरकार के दौरान ही कांशीराम जी का निधन हुआ था। बावजूद सपा ने एक दिन का भी राजकीय शोक नहीं घोषित किया। कांशीराम की जयंती पर पीडीए दिवस मनाना सपा की नौटंकीबाजी मायावती ने कहा कि सपा का रवैया हमेशा से दलित, पिछड़ों और मुस्लिम विरोधी रहा है। वह समय-समय राजनीतिक नाटकबाजी करके सिर्फ इन वर्गों का वोट लेना चाहती है। सपा का कोई भी व्यवहार शुद्ध रूप से केवल छलावा और दिखावा है। सपा सरकार जब-जब यूपी में रही, तब–तब सबसे अधिक बहुजन समाज में जन्में महान संतों, गुरुओं व महापुरुषों के अनादर हुआ। दलित और अति पिछड़ों पर अत्याचार और जुल्म ज्यादती सबसे अधिक हुई। बसपा की सरकार ने भदोही को महान संतगुरु के नाम पर संत रविदास नगर नाम से नया जिला बनाया, तो उसे भी सपा सरकार ने बदल दिया। मायावती ने समर्थकों को आगाह करते हुए कहा कि सपा के दलित विरोधी व जातिवादी कृत्यों को ध्यान में रखकर हमेशा सावधान रहें। ---------------- ये भी खबर पढ़ें- 'सुपर कॉप' जिसे शंकराचार्य ने साजिश का मास्टरमाइंड बताया:5 जिलों में 500 एनकाउंटर किए; आशुतोष ब्रह्मचारी को भेजा था जेल शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने IPS डॉ. अजय पाल शर्मा पर आशुतोष ब्रह्मचारी के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप लगाया। शंकराचार्य ने एक फोटो सार्वजनिक की है। जिसमें आईपीएस अजय पाल, उनके खिलाफ केस दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी के साथ केक काटते नजर आ रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…
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