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    MDA के फर्जी जेई समेत वसूली गैंग पर FIR:बोलेरो से चलते थे, अवर अभियंता बनकर चेक करते थे इमारतों के नक्शे

    5 hours ago

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    मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के जेई और अधिकारी बनकर पब्लिक से वसूली करने वाले गैंग के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। गैंग उत्तर प्रदेश सरकार लिखी बोलेरो कार से चलता था और अधिकारी व अभियंता बनकर निर्माणाधीन मकानों के नक्शे चेक करता था। बुलडोजर एक्शन और सीलिंग का भय दिखाकर लोगों से पैसे वसूल करता था। पुलिस को अब इस गैंग के फरार सदस्यों की तलाश है। मामला अमरोहा जनपद के मंडी धनौरा कस्बे का है। अमरोहा जनपद भी मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की सीमा में आता है। मंडी धनौरा में सुल्ताननगर निवासी चंद्रभान सिंह पुत्र सोहन सिंह ने गजरौला थाने में आरोपी शाहिद हुसैन पुत्र खैराती निवासी छोटी पांयती कला और उसके दो अज्ञात साथियों के खिलाफ गजरौला थाने में धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है। चंद्रभान ने थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि वह कस्बे में अपने मकान के नवीनीकरण का कार्य करा रहा था। 26 अक्टूबर को बोलेरो में सवार तीन लोग उसके मकान पर पहुंचे। इनमें से एक शाहिद हुसैन ने खुद को विकास प्राधिकरण का अवर अभियंता बताते हुए मकान के निर्माण के संबंध में एनओसी और मानचित्र आदि प्रस्तुत करने को कहा। चंद्रभान ने कहा कि जब उन्होंने परिचय पूछा तो आरोपियों ने एमडीए के फर्जी पहचान पत्र दिखाकर दावा किया है वे विकास प्राधिकरण के अधिकारी और कर्मचारी हैं। मकान की एनओसी के पेपर नहीं होने का दावा करते हुए आरोपियों ने 5000 रुपए की डिमांड शुरू कर दी। पैसे नहीं देने पर बिल्डिंग को सील करने की धमकी देने लगे। चंद्रभान ने डर की वजह से 2000 रुपए दे दिए और बाकी रकम बाद में देने को कहा। चंद्रभान के मुताबिक खुद को एमडीए का जेई बता रहे शाहिद हुसैन और उसके साथियों ने कहा कि यदि बाकी की रकम नहीं दी तो मकान पर बुलडोजर चला दिया जाएगा। चंद्रभान ने आरोपियों के जाने के बाद इसकी जानकारी अपने परिवार को दी। चंद्रभान को आरोपियों के एमडीए कर्मचारी होने पर संदेह था। उसने जब एमडीए जाकर पता किया तो पता चला कि इस नाम का कोई जेई एमडीए में है ही नहीं। चंद्रभान ने मौके पर बनाई गई आरोपियों की एक वीडियो भी अधिकारियों को दिखाई। मामला संज्ञान में आते ही वीसी अनुभव सिंह ने इसे गंभीरता से लिया और तुरंत अधीनस्थों को मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद एमडीए के अभियंता चंद्रभान को लेकर गजरौला थाने पहुंचे और फर्जी जेई व उसके साथियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया गया।
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