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    नगर पंचायत में ई-टेंडर में देरी, भ्रष्टाचार के आरोप:कुशीनगर में चहेते ठेकेदारों को काम दिलाने के लिए देरी का आरोप

    21 hours ago

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    कुशीनगर जिले की नगर पंचायत दुदही में एक बार फिर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत सीवरेज और जलनिकासी कार्यों से संबंधित ई-टेंडर को निर्धारित समय पर नहीं खोले जाने से स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत दुदही के विभिन्न वार्डों में जलनिकासी की उचित व्यवस्था के लिए लगभग 1 करोड़ 51 लाख रुपये की लागत से नालियों के निर्माण और नेटवर्क विस्तार का कार्य प्रस्तावित है। इस कार्य के लिए ई-टेंडर 4 दिसंबर 2025 को राज्य सरकार के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आमंत्रित किया गया था। निविदा भरने और खोलने की अंतिम तिथि 24 दिसंबर 2025 निर्धारित थी, लेकिन यह समय सीमा बीत जाने के बावजूद टेंडर अब तक नहीं खोला गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछली बरसात में नगर पंचायत दुदही को गंभीर जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ा था। यदि यह कार्य समय पर शुरू नहीं होता है, तो आगामी बरसात में भी नगर को ऐसी ही स्थिति से गुजरना पड़ सकता है। ई-टेंडर में कार्य पूरा करने की अवधि तीन माह तय की गई है, लेकिन टेंडर न खुलने से इस लक्ष्य को प्राप्त करना अब कठिन होता जा रहा है। नगर में इस बात की चर्चा है कि इस ई-टेंडर में अध्यक्ष प्रतिनिधि के कथित चहेते ठेकेदारों के अलावा बाहरी और स्वतंत्र ठेकेदारों ने भी भाग लिया है। सूत्रों के मुताबिक, स्वतंत्र ठेकेदारों द्वारा न्यूनतम दरों पर निविदाएं डाली गई हैं, जिससे चहेते ठेकेदारों को काम मिलने की संभावना कम हो गई है। इसी कारण टेंडर खोलने में जानबूझकर देरी किए जाने की आशंका जताई जा रही है। इस पूरे मामले को लेकर समाजसेवी और टीम अटल के संयोजक मनोज कुंदन ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि बीते एक वर्ष में नगर पंचायत दुदही में जारी सभी ई-टेंडरों और कराए गए कार्यों की जांच की जाए, ताकि कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का खुलासा हो सके। उधर, एक नाली का निर्माण कराए बिना 39 लाख रुपये के भुगतान के आरोपों के मामले में एसडीएम तमकुहीराज आकांक्षा मिश्रा द्वारा एक्सईएन और एईएन पीडब्ल्यूडी की तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
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