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    'नई पीढ़ी के लिए कर्ण शर्मा ने संन्यास लिया':मेरठ में क्रिकेटर के पिता बोले- मैदान छोड़ना आसान नहीं था, आज खेलेंगे आखिरी मैच

    4 hours ago

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    'यूपी लीग के बाद क्रिकेट से संन्यास लेंगे। यह मेरे बेटे कर्ण शर्मा ने पहले ही तय कर लिया था। एक खिलाड़ी के लिए मैदान छोड़ना आसान नहीं होता, लेकिन बढ़ती उम्र और नए युवाओं को मौका देने के लिए बेटे ने यह निर्णय लिया। कर्ण आगे भी क्रिकेट से जुड़े रहेंगे। रेलवे में कोचिंग, चयन या अन्य जिम्मेदारियों के जरिए क्रिकेट की सेवा करेंगे। युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देंगे।' यह कहना है 38 साल के लेग स्पिनर कर्ण शर्मा के पिता विनोद शर्मा का। दैनिक भास्कर से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह फैसला अचानक नहीं लिया गया, बल्कि पिछले कुछ समय से परिवार में इस पर चर्चा चल रही थी। उसके इस फैसले पर हमारा पूरा समर्थन है। दरअसल, 23 अगस्त को 38 साल के कर्ण शर्मा ने इंटरनेशनल और घरेलू क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान किया था। कर्ण ने भारत के लिए 1 टेस्ट, 2 वनडे और 1 टी-20 मैच खेला है। कर्ण 25 अगस्त को लखनऊ के इकाना क्रिकेट स्टेडियम में मेरठ मेवरिक्स के खिलाफ अपना आखिरी मैच खेलेंगे। पिता बोले- बेटे ने बहुत संघर्ष किया पिता ने बताया कि बेटे कर्ण के क्रिकेट करियर का सफर संघर्ष से भरा रहा। 2007 में रणजी ट्रॉफी के शुरुआती मुकाबले में जम्मू-कश्मीर के खिलाफ पहले ही मुकाबले में उन्होंने शतक लगाया था। शुरुआत में वह बल्लेबाज थे, लेकिन बाद में गेंदबाजी पर भी काम किया। ऑलराउंडर के रूप में पहचान बनाई। अंडर-12 से लेकर अंडर-19, रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी, इंडिया-ए और आईपीएल तक उन्होंने लगातार आगे बढ़ते हुए अपनी जगह बनाई। मां ने कहा- बेटे ने खुद को साबित किया कर्ण की मां पूनम शर्मा ने बताया कि करण करीब तीन-चार साल की उम्र से ही क्रिकेट के प्रति बेहद गंभीर था। माता-पिता दोनों खेलों से जुड़े रहे हैं, इसलिए उन्होंने बेटे की प्रतिभा को देखते हुए उसे क्रिकेट में आगे बढ़ने का मौका दिया। 14-15 साल की उम्र में कर्ण का कानपुर क्रिकेट हॉस्टल के लिए चयन हुआ। परिवार ने उसे दो-तीन साल का मौका देने का फैसला किया था। इसके बाद रेलवे में स्पोर्ट्स कोटे से उसका चयन हुआ और उसका क्रिकेट करियर लगातार आगे बढ़ता गया। अब कर्ण नई पीढ़ी को तैयार करेंगे पूनम शर्मा ने बताया कि कर्ण ने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे। आईपीएल में चयन के बाद भी करीब दो साल का अंतराल आया, लेकिन उसने मेहनत जारी रखी और दोबारा खुद को साबित किया। इसके बाद सनराइजर्स हैदराबाद के साथ खेलने का मौका मिला और इंडिया-ए व अन्य स्तरों पर भी प्रदर्शन किया। माता-पिता ने कहा कि कर्ण के लिए क्रिकेट सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि जुनून है। संन्यास के बाद भी वह फिटनेस बनाए रखेंगे और क्रिकेट से पूरी तरह दूर नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि 38 साल की उम्र तक लगातार क्रिकेट खेलना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। करण का सफर युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है और अब वह अपने अनुभव से नई पीढ़ी को तैयार करने का काम करेंगे। अब कर्ण शर्मा के करियर के बारे में जानिए 2014 में तीनों फॉर्मेट में इंटरनेशनल डेब्यू कर्ण ने 2014 में तीनों फॉर्मेट में भारत के लिए डेब्यू किया। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड में अपना इकलौता टेस्ट खेला। इस मैच की दोनों पारियों में उन्होंने 2-2 विकेट लिए। इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम में उन्होंने एकमात्र टी-20 इंटरनेशनल खेला और जो रूट को आउट किया। 2104 में ही श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने दोनों वनडे खेले। इसके बाद कर्ण को 2015 में जिम्बाब्वे दौरे के लिए भी चुना गया था, लेकिन चोट के कारण वह टीम से बाहर हो गए। इसके बाद उन्हें दोबारा भारत के लिए खेलने का मौका नहीं मिला। घरेलू क्रिकेट में करीब 20 साल का करियर कर्ण ने 2007-08 सीजन में फर्स्ट क्लास, लिस्ट-A और टी-20 क्रिकेट में डेब्यू किया था। अपने पहले रणजी ट्रॉफी मैच में ही उन्होंने शतक लगाया। 2012-13 सीजन में तीन रणजी मैचों में 21 विकेट लेने के बाद उन्हें BCCI का बेस्ट अंडर-25 क्रिकेटर अवॉर्ड मिला। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में रेलवे, आंध्र और विदर्भ को रिप्रेजेंट किया। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कर्ण ने 97 मैचों में 270 विकेट लिए। लिस्ट-A के 123 मैचों में 153 विकेट और 191 टी-20 मैचों में 168 विकेट उनके नाम हैं। तीन अलग टीमों के साथ लगातार 3 IPL खिताब कर्ण शर्मा IPL में भी खास रिकॉर्ड बना चुके हैं। वह लगातार तीन सीजन में तीन अलग-अलग टीमों के साथ IPL खिताब जीतने वाले पहले खिलाड़ी बने। उन्होंने 2016 में सनराइजर्स हैदराबाद, 2017 में मुंबई इंडियंस और 2018 में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ ट्रॉफी जीती। 2021 में उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के साथ अपना चौथा IPL खिताब भी जीता। उनका आखिरी IPL मैच 2025 में मुंबई इंडियंस के लिए था। 2014 में अनकैप्ड भारतीय के लिए सबसे महंगी बोली लगी थी 2014 IPL ऑक्शन में सनराइजर्स हैदराबाद ने कर्ण को 3.75 करोड़ रुपए में खरीदा था। उस समय वह IPL ऑक्शन में सबसे महंगे अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ी बने थे। IPL में लगातार तीन खिताब जीतने वाले खिलाड़ी कर्ण शर्मा के अलावा फिल सॉल्ट और सुयश शर्मा भी IPL में लगातार तीन सीजन चैंपियन टीम का हिस्सा बनने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल हैं। सॉल्ट और सुयश ने 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ खिताब जीता था। इसके बाद दोनों ने 2025 और 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ लगातार दो ट्रॉफियां जीतीं।
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