Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    नवाज शरीफ की तरह पाकिस्तान छोड़ सकते हैं इमरान खान:विपक्षी नेता बोले- सरकार से समझौता करने का दबाव; पूर्व PM पर करीब 200 केस

    9 hours ago

    1

    0

    पाकिस्तान में जेल में बंद पूर्व PM इमरान खान भी पूर्व प्रधानमंत्रियों की तरह देश छोड़ सकते हैं। विपक्षी नेता महमूद खान अचकजई ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह दावा किया। अचकचई ने कहा- सरकार इमरान पर समझौते के लिए दबाव बना रही है। वे नवाज शरीफ और बेनजीर भुट्टो की तरह देश छोड़कर जा सकते हैं। 73 साल के इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन्हें 5 अगस्त 2023 को तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा सुनाए जाने के बाद गिरफ्तार किया गया था। उन पर सिफर, अल-कादिर ट्रस्ट और इद्दत निकाह समेत करीब 200 मामले दर्ज हैं। नवाज-बेनजीर ने क्यों छोड़ा था पाकिस्तान? अचकजई ने अपने दावे के समर्थन में पाकिस्तान के दो पूर्व प्रधानमंत्रियों नवाज शरीफ और बेनजीर भुट्टो के पुराने मामलों का हवाला दिया। कभी नवाज शरीफ के करीबी थे अचकजई महमूद खान अचकजई की राजनीति में एंट्री 1973 में पिता की हत्या के बाद हुई। उनके पिता पश्तूनों के अधिकारों और अलग राजनीतिक पहचान के लिए संघर्ष करते थे। अभी वे पख्तूनख्वा मिल्ली अवामी पार्टी (PKMAP) के अध्यक्ष हैं और संसद में विपक्षी पार्टी का नेतृत्व करते हैं। नब्बे के दशक में वे नवाज शरीफ की पार्टी के सहयोगी थे। 2014 में जब इमरान खान ने नवाज सरकार के खिलाफ धरना दिया, तब अचकजई ने नवाज का समर्थन किया था। बाद में संविधान की रक्षा और विपक्षी एकजुटता के मुद्दे पर उनकी पार्टी इमरान के करीब आई। जनवरी 2026 में इमरान खान ने ही उन्हें नेशनल असेंबली में विपक्ष का नेता बनाने के लिए नाम आगे बढ़ाया। अचकजई लंबे समय से पाकिस्तान में सेना के राजनीतिक दखल और सत्ता के केंद्रीकरण का विरोध करते रहे हैं। अगस्त 2023 से जेल में हैं इमरान 73 साल के इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन्हें सबसे पहले तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया था। उन पर सिफर, अल-कादिर ट्रस्ट और इद्दत निकाह समेत करीब 200 मामले दर्ज हैं। बाद में सिफर और इद्दत निकाह मामलों में उन्हें अदालत से राहत मिल गई। तोशाखाना मामले में भी उनकी एक सजा रोक दी गई। इसके बावजूद दूसरे मामलों के चलते वह अभी जेल में हैं। इमरान खान और उनकी पार्टी PTI का कहना है कि 2022 में प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद उनके खिलाफ मामले राजनीतिक वजहों से दर्ज किए गए। उनका आरोप है कि उन्हें राजनीति और चुनाव से दूर रखने के लिए ऐसा किया गया। वहीं, पाकिस्तान सरकार और जांच एजेंसियां इन आरोपों को खारिज करती हैं और कहती हैं कि ये मामले कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रहे हैं। तोशाखाना क्या है और इमरान खान का मामला क्या है? तोशाखाना पाकिस्तान सरकार का सरकारी भंडार है। यहां प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मंत्री और दूसरे सरकारी अधिकारियों को विदेशों से मिले कीमती तोहफे जमा किए जाते हैं। इनमें घड़ियां, गहने, पेंटिंग जैसी चीजें शामिल होती हैं। इमरान खान से जुड़े विवाद इमरान खान 2018 से 2022 तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे। इस दौरान उन्हें कई महंगे विदेशी तोहफे मिले। आरोप है कि कुछ तोहफों की जानकारी और उनकी बिक्री से मिली रकम की पूरी जानकारी नहीं दी गई। इससे जुड़े तीन मामले… इमरान खान के प्रमुख केस की वर्तमान स्थिति -------------------- ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान के बलूचिस्तान में 5.7 तीव्रता का भूकंप आया: सिंध में भी झटके महसूस हुए पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में शनिवार को 5.7 तीव्रता का भूकंप आया। अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र खुझदार शहर से 48 किलोमीटर दूर था। इसी साल फरवरी में यहां इतनी ही तीव्रता का भूकंप आया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…
    Click here to Read more
    Prev Article
    बांग्लादेश के रिजॉर्ट में आग, 10 की मौत:इनमें 6 लोग एक ही परिवार के; बिना फायर सेफ्टी लाइसेंस के रिजॉर्ट चल रहा था
    Next Article
    ट्रम्प ने भारत पर 100% टैरिफ लगाने वाला कानून रोका:बोले- हमें फायदा, रूस से कर चुका डीजल खरीद डील; अमेरिका को 6 फायदे हो सकते हैं

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment