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    नवयुग कन्या महाविद्यालय में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार:सतत भविष्य के लिए रसायन विज्ञान पर हुई चर्चा

    17 hours ago

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    राजधानी के नवयुग कन्या महाविद्यालय में रसायन शास्त्र विभाग ने दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया। इस सेमिनार का विषय 'ब्रिजिंग डिसिप्लिन्स थ्रू केमिकल साइंस फॉर ए सस्टेनेबल फ्यूचर–2026' था। यह आयोजन हाइब्रिड मोड में किया गया, जिसकी अध्यक्षता प्राचार्या प्रो. मंजुला उपाध्याय ने की और संयोजन डॉ. नेहा अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन से हुई। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जे.पी सैनी ने की। मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के आईटी मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने सतत विकास के लिए पर्यावरण अनुकूल तकनीक, हरित रसायन और नवीकरणीय ऊर्जा की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने जोर दिया कि विज्ञान के लाभों के साथ उसके दुष्प्रभावों पर भी गंभीर मंथन होना चाहिए। विज्ञान और प्रौद्योगिकी आर्थिक प्रगति की रीढ़ विशिष्ट अतिथि बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी आर्थिक प्रगति की रीढ़ हैं। उन्होंने सामाजिक समरसता और प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर ही समावेशी विकास संभव बताया। अंतरराष्ट्रीय मुख्य वक्ता प्रो. श्रीकांत बी. जोनालगड्डा (दक्षिण अफ्रीका) ने रसायन विज्ञान को जीवन के हर पहलू से जुड़ा बताते हुए इसे विकास की मजबूत नींव कहा। इस अवसर पर डॉ. नेहा अग्रवाल, डॉ. सुनीता सिंह और प्रो. सीमा पांडे द्वारा संपादित पुस्तकों व स्मारिका का विमोचन किया गया।प्राचार्या प्रो. मंजुला उपाध्याय ने बताया कि दूसरे सत्र में सतत विकास पर पैनल चर्चा हुई,जिसमें विशेषज्ञों ने प्रकृति संरक्षण के साथ आर्थिक और सामाजिक विकास पर बल दिया। सेमिनार में लगभग 200 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए इसके बाद ऑनलाइन और ऑफलाइन तकनीकी सत्र आयोजित हुए,जिनमें देश-विदेश के शिक्षाविदों ने भाग लिया।तृतीय सत्र में ग्रीन केमिस्ट्री और स्थिरता पर प्रस्तुतियाँ दी गईं, जबकि चतुर्थ सत्र में अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं ने शोध आधारित व्याख्यान प्रस्तुत किए। डॉ. ए.के सक्सेना ने औषधि डिजाइन पर एक केस स्टडी साझा की।सेमिनार में लगभग 200 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए।देश-विदेश के विशेषज्ञ, प्राचार्य, शिक्षक और बड़ी संख्या में शोधार्थी ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से इसमें शामिल हुए।
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