Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    NEET Protest: प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR रद्द कराने SC पहुंची केंद्र सरकार, मंगलवार को सुनवाई

    11 minutes ago

    1

    0

    केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक अर्ज़ी दायर की है। इसमें दिल्ली और दूसरे राज्यों में NEET पेपर लीक के विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हुई कथित हिंसा के सिलसिले में पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ दर्ज FIR को रद्द करने की मांग की गई है। समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, भारत के सॉलिसिटर जनरल (SGI) तुषार मेहता ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने यह अर्ज़ी रखी और इस मामले में कोर्ट से दखल देने की मांग की। इसे भी पढ़ें: बीजेपी ने Punjab की AAP सरकार को बताया 'हिटलर', कर्मचारियों पर कार्रवाई को लेकर घेराकेंद्र सरकार चाहती है कि सुप्रीम कोर्ट संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी असाधारण शक्तियों का इस्तेमाल करके प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करे और पूरा न्याय सुनिश्चित करे। सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर मंगलवार (1 सितंबर) को सुनवाई करेगा। इससे पहले दिन में, सुप्रीम कोर्ट ने 5 सितंबर को 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रस्तावित मार्च पर रोक लगाने या इस बारे में कोई निर्देश जारी करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की ज़िम्मेदारी है और उम्मीद जताई कि ज़रूरत पड़ने पर अधिकारी ज़रूरी कदम उठाएंगे। इसे भी पढ़ें: उल्टा चोर कोतवाल को डांटे: Rahul Gandhi पर FIR को लेकर Venugopal ने BJP पर साधा निशानाये बातें CJI कांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहीं। बेंच ने कहा कि उसके पास यह मानने का कोई ठोस कारण नहीं है कि प्रस्तावित मार्च के दौरान कोई अप्रिय स्थिति पैदा होगी। हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर कुछ गंभीर होता है, तो याचिकाकर्ता तुरंत कोर्ट का दरवाज़ा खटखटा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने उम्मीद जताई कि सभी पक्ष कानून का पालन करेंगे और कहा कि हम यह मानकर आगे बढ़ेंगे कि हर कोई ज़िम्मेदारी से, शांति से और कानून के मुताबिक व्यवहार करेगा। कोर्ट ने कहा कि इस समय हमारे सामने ऐसा कुछ भी नहीं है जिससे हम कोई अलग राय बना सकें। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें  National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। 
    Click here to Read more
    Prev Article
    West Bengal में जनता की सीधी सुनवाई! अब सरकारी दफ्तरों में हफ्ते में दो बार लगेगा जनता दरबार
    Next Article
    अंकित बालियान हत्याकांड: जयंत चौधरी ने परिजनों से मिलकर बंधाया ढांढस, प्रशासन की कार्रवाई पर जताया भरोसा

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment