Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    पंजाब- ₹20 बढ़े चीनी के दाम, अक्टूबर तक राहत नहीं:मिठाइयां और महंगी होंगी; 3 लाख टन घटा शुगर प्रोडक्शन, एथेनॉल भी बड़ी वजह

    14 hours ago

    1

    0

    पंजाब में त्योहारों के सीजन से ठीक पहले चीनी ने महंगाई का झटका दिया है। 10 दिनों के अंदर चीनी के रेट 20 रुपए तक बढ़ गए। जालंधर में दाम 45 रुपए प्रति किलो से सीधे 65 रुपए हो गए। वहीं, लुधियाना, मोहाली समेत बाकी जगह 15 रुपए तक की बढ़ोतरी देखी गई। एशिया की बड़ी किराना मंडियों में एक मंडी फेंटनगंज जालंधर में चीनी होलसेलर गोपाल ने बताया कि केंद्र सरकार ने स्टॉक लिमिटेड कर दिया है। त्योहारी सीजन के चलते डिमांड ज्यादा और सप्लाई कम होने का ये असर है। वहीं, रिपोर्ट्स की मानें तो चीनी के दाम बढ़ने का एक कारण चीनी मिलों द्वारा गन्ने का इस्तेमाल एथेनॉल में ज्यादा करने से भी है। ज्यादातर शुगर मिल जो पहले गन्ने की सप्लाई का पूरा हिस्सा चीनी बनाने में उपयोग करता था वो अब 50 फीसदी हिस्सा एथेनॉल बनाने में कर रहा है। इसको लेकर अब पंजाब में राजनीति भी चरम पर है। AAP सुप्रीमो केजरीवाल ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि केंद्र सरकार को अनपढ़ चला रहे हैं। पहले गन्ने से एथेनॉल बनाने पर जोर दिया जिससे चीनी उत्पादन कम हो गया और चीनी महंगी हो गई। ये सरकार है या मजाक? पहले जानिए… क्यों बढ़े चीनी के दाम चीनी उत्पादन 15% घटा, एथेनॉल की ओर बढ़ा मिलों का रुझान पंजाब में 2025-26 के पेराई सीजन में चीनी का उत्पादन 15.5 लाख टन रहा, जबकि 2024-25 में यह 18.2 लाख टन था। यानी उत्पादन करीब 2.7 लाख टन घटा है। इसके पीछे गन्ने की कम उपलब्धता, कम बारिश और मौसम संबंधी परिस्थितियों के साथ कुछ मिलों का एथेनॉल उत्पादन बढ़ाना भी बताया जा रहा है। पंजाब में एथेनॉल की 20 इकाइयां, देश में तेजी से बढ़ा उत्पादन पंजाब में चीनी मिलों और ग्रेन-बेस्ड डिस्टिलरी समेत 20 इकाइयां एथेनॉल उत्पादन के लिए पंजीकृत हैं। इनमें चीनी मिलें और ग्रेन-बेस्ड डिस्टिलरी शामिल हैं। जगजीत इंडस्ट्रीज (कपूरथला) ने 2025 में 200 किलोलीटर प्रति दिन क्षमता वाला ग्रेन-बेस्ड एथेनॉल प्लांट शुरू किया, जो सालाना 6 से 7 करोड़ लीटर एथेनॉल उत्पादन का लक्ष्य रखता है। प्रीमियर शुगर मिल्स एंड डिस्टिलरी ने जुलाई 2026 तक 14 हजार मीट्रिक टन एथेनॉल का उत्पादन किया है। देशभर में एथेनॉल आपूर्ति वर्ष 2024-25 में 1 हजार करोड़ लीटर के लगभग रही, जो 2023-24 में 679.4 करोड़ लीटर थी। यानी राष्ट्रीय स्तर पर 53% की वृद्धि हुई। जून 2026 तक 717.29 करोड़ लीटर एथेनॉल बन चुका है। पेट्रोल में E-20 और E-80 के बाद बढ़ी मांग पूरी करने के लिए मिलों ने चीनी की जगह एथेनॉल बनाने को तरजीह दी है। अब पढ़िए इसका क्या असर हुआ परिवार पर महीने का 42 रुपए तक अतिरिक्त बोझ अगर एक परिवार महीने में 2 किलो चीनी इस्तेमाल करता है तो पुराने 46 रुपए किलो के भाव पर खर्च 92 रुपए था। अब 65 रुपए किलो के हिसाब से यही खर्च 130 रुपए हो गया है। यानी करीब 38 रुपए अतिरिक्त। 75 लाख परिवारों के हिसाब से यह बोझ महीने में करीब 28.5 करोड़ रुपए बैठता है। तीन महीने में यह करीब 85.5 करोड़ रुपए हो सकता है। 3 किलो मासिक खपत मानें तो अतिरिक्त बोझ इससे भी ज्यादा होगा। मिठाई कारोबार पर भी असर, कीमतें करीब 10% तक बढ़ीं त्योहारी सीजन शुरू होने से चीनी की महंगाई का असर मिठाई बाजार पर भी पड़ सकता है। जालंधर के एक मिठाई कारोबारी राकेश के मुताबिक, चीनी की कीमत बढ़ने से मिठाइयों के दाम में करीब 10% तक बढ़ोतरी देखी गई है। मावा, छेना, दूध और दूसरी सामग्री के महंगे होने से कारोबारियों की लागत बढ़ रही है, जिसका असर आने वाले दिनों में ग्राहकों की जेब पर पड़ सकता है। दाम बढ़ने पर व्यापारी क्या बोले… अक्टूबर तक कीमतों में गिरावट की संभावना नहीं गन्ने का नया पेराई सीजन अक्टूबर के अंत या नवंबर की शुरुआत में शुरू होने की उम्मीद है। तब तक त्योहारी मांग बनी रहने से बाजार में कीमतों पर दबाव रह सकता है। सरकार की स्टॉक लिमिट, आपूर्ति कोटा और संभावित आयात जैसे कदमों से बाजार को राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल असली राहत इस बात पर निर्भर करेगी कि बाजार में चीनी की आपूर्ति कितनी बढ़ती है। सरकार ने 30 नवंबर तक स्टॉक लिमिट लागू की जमाखोरी और किल्लत रोकने के लिए सरकार ने 30 नवंबर 2026 तक थोक कारोबारियों पर स्टॉक लिमिट लागू की है। इसके तहत थोक व्यापारी निर्धारित सीमा के अनुसार ही चीनी का स्टॉक और कारोबार कर सकेंगे। सरकार कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सीमित मात्रा में ड्यूटी-फ्री चीनी आयात के विकल्प पर भी विचार कर रही है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    बद्दी में बनी 82 दवाओं के सैंपल फेल:इनमें हृदय रोग, दर्द-बुखार की दवाएं भी; सेवन से मरीज की जान भी जा सकती है, देखें पूरी लिस्ट
    Next Article
    ट्रक से टकराई कार के परखच्चे उड़े, 3 की मौत:8 गंभीर, नागपुर से कुबेरेश्वर धाम जा रहे थे 11 लोग; बैतूल में मुलताई फोरलेन पर हादसा

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment