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    पुलिस जीप से सब्जियां रौंदने वाला दरोगा फिर सस्पेंड:प्रयागराज मे इस बार नाबालिग से छेड़छाड़ के मामले में खेल पर गिरी गाज

    5 hours ago

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    प्रयागराज में गरीब किसानों की सब्जियां पुलिस जीप से रौंदने वाला दरोगा सुमित आनंद सिंह एक बार फिर सस्पेंड कर दिया गया है। इस बार नाबालिग से छेड़छाड़ के मामले में खेल करने के मामले में उस पर कार्रवाई हुई है। आरोप है कि बिना पीड़ित किशोरी का बयान लिए ही मुकदमे की विवेचना पूरी कर डाली। उचित धाराएं लगाए बगैर ही चार्जशीट भी लगा दी। मामला अफसरों तक पहुंचा तो हड़कंप मचा। इसके बाद दरोगा को सस्पेंड कर दिया गया। उसके खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दे दिए गए हैं। जबरन उठा ले गया था युवक मामला कोरांव थाना से संबंधित है। चार मार्च को इलाके में रहने वाली एक किशोरी जानवरों का चारा काटने गई थी। उसका आरोप है कि इसी दौरान उसे एक युवक जबरन सुनसान जगह पर ले गया और छेड़छाड़ की। विरोध पर मारपीट करने के साथ ही कपड़े भी फाड़ दिए। किसी तरह किशोरी वहां से भागी और फिर घर पहुंचकर परिवारवालों को घटना के बारे में बताया। सिर्फ पिता का बयान लिया परिजनों ने थाने पहुंचकर तहरीर दी तो तहरीर के आधार पर मारपीट की धारा में मामला दर्ज किया गया। विवेचना दरोगा सुमित आनंद को मिली। नौ मार्च यानी चार दिन के भीतर विवेचना पूरी करते हुए उन्होंने इस मामले में मारपीट समेत अन्य धाराओं में चार्जशीट लगा दी। इसका आधार पिता के बयान को बनाया। जबकि जिस किशोरी के साथ घटना हुई, उसका बयान ही नहीं लिया। प्रारंभिक जांच में पाया गया दोषी उधर जानकारी होने पर पीड़ित परिवार 10 मार्च को इस मामले की शिकायत लेकर डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव के पास पहुंचा। बताया कि केस में उचित धाराएं नहीं लगाई गईं। बेटी से छेड़छाड़ हुई जबकि इससे संबंधित कोई धारा ही नहीं लगाई गई। डीसीपी ने शिकायत का संज्ञान लेकर मामले की प्रारंभिक जांच एसीपी मेजा संत प्रसाद उपाध्याय को सौंपी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इसमें विवेचना में लापरवाही की बात सामने आई। डीसीपी बोले प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर दरोगा को सस्पेंड कर दिया गया। विभागीय जांच का भी आदेश दिया गया है। इसके साथ ही आदेश दिया गया है किशोरी का बयान दर्ज करने के साथ ही अन्य सभी बिंदुओं पर गहनता से विवेचना की जाए। सरकारी जीप से रौंदी थी सब्जियां सुमित आनंद सिंह 2015 बैच के दरोगा हैं और कानपुर के रहने वाले हैं। वह पूर्व में भी विवादों में रहे। जून 2020 में कोविड के टाइम में वह गरीब किसानों की सब्जियां सरकारी जीप से रौंदने के मामले में सस्पेंड किए जा चुके हैं। यह घटना घूरपूर बाजार में हुई थी। यहां सब्जियों को सरकारी जीप के पहिए तले रौंदने का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था। इस मामले का संज्ञान मुख्यमंत्री ने लिया था और इसके बाद तत्कालीन कप्तान सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने दरोगा को सस्पेंड किया था। इसके कुछ दिनों बाद ही उनका तबादला गैरजनपद भी कर दिया गया था।
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