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    पुलिस की '4-स्टेप प्लानिंग' और फंस गए तेज प्रताप:जेल से निकलना कितना मुश्किल, कानून से लेकर 'सम्राट के गेम प्लान' तक, जानिए पूरी कहानी

    5 hours ago

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    RJD सुप्रीमो लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को 8 अगस्त तक के लिए बेऊर जेल भेज दिया गया है। उन पर हत्या के प्रयास की FIR की गई है। वह कब जेल से बाहर आएंगे, कितनी सजा हो सकती है, गिरफ्तारी से तेज प्रताप को कितना नुकसान, सम्राट का गेम प्लान क्या है, समझेंगे; बूझे की नाही में…। सवाल-1ः तेज प्रताप यादव को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया है? जवाबः पटना पुलिस ने 25 जुलाई की रात जनशक्ति जनता दल (JJD) अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को सिटी सेंटर मॉल से गिरफ्तार कर लिया। फिर उनको देर रात 12ः15 बजे छज्जू बाग स्थित मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत यानी 8 अगस्त तक के लिए बेऊर जेल भेज दिया गया। गिरफ्तारी से पहले तेज प्रताप दोपहर में NEET पेपर लीक के खिलाफ हो रहे स्टूडेंट्स के प्रदर्शन में शामिल हुए थे। गांधी मैदान के गेट नंबर-10 के पास प्रदर्शन का नेतृत्व किया था। उस वक्त भी पुलिस ने हिरासत में लिया था, लेकिन कुछ मिनटों में ही उन्हें छोड़ दिया था। स्टूडेंट्स के प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प और पथराव में गांधी मैदान थानाध्यक्ष अखिलेश मिश्रा और टीओपी प्रभारी प्रमोद कुमार समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। बताया जा रहा है कि इसी मामले में पुलिस ने तेज प्रताप को गिरफ्तार किया गया। सवाल-2ः तेज प्रताप को कितने दिन जेल में रहना होगा, कितनी सजा हो सकती है? जवाबः पटना पुलिस ने अब तक तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी से जुड़ा प्रेस रिलीज या बयान जारी नहीं किया है। हालांकि, उनके वकील जगन्नाथ सिंह के दावों के मुताबिक, तेज प्रताप पर हत्या के प्रयास की धारा यानी BNS की धारा 109 लगाई गई है। यह एक गैर-जमानती और संज्ञेय अपराध है। यानी पुलिस थाने या मजिस्ट्रेट कोर्ट से तुरंत जमानत नहीं मिलती। अगर अटेम्प्ट टू मर्डर की धारा यानी 109 बरकरार रही और दोषी पाए गए तो तेज प्रताप की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उन्हें कम से कम 10 साल की सजा हो सकती है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की 109 में 3 तरह की सजा का प्रावधान है। तेज प्रताप यादव पर रामगुलाम चौक पर प्रदर्शन के दौरान छात्रों को हिंसा के लिए भड़काने का आरोप है। आरोप है कि उनके उकसाने पर ही हुए पथराव में गांधी मैदान थाना प्रभारी सहित पुलिस वाले घायल हो गए। इस तरह तेज प्रताप पर अगर कोर्ट में आरोप सही साबित हुए तब उनको कम से कम 10 साल की सजा हो सकती है। या आजीवन कारावास की सजा। सवाल-3ः पुलिस ने गिरफ्तारी का प्लान कब और कैसे बनाया? जवाबः बिहार में हो रहे स्टूडेंट्स के प्रदर्शन में शामिल होने वालों में सबसे चर्चित नाम तेज प्रताप यादव का ही था। बाकी स्टूडेंट्स का हुजूम था। बताया जा रहा है कि दूसरे दिन के प्रदर्शन में जैसे ही तेज प्रताप यादव शामिल हुए तब ही तय हो गया कि अब उनको गिरफ्तार कर लेना है। इसे 4 स्टेप में पूरा किया गया। जानिए, स्टेप बाय स्टेप… सवाल-4ः तेज प्रताप को गिरफ्तार कर सरकार क्या मैसेज दे रही? जवाबः सियासी गलियारे में इसको लेकर 2 तरह की थ्योरी चर्चा में है… 1. प्रदर्शनकारियों में खौफ बनाना NEET पेपर लीक के खिलाफ स्टूडेंट्स का प्रदर्शन खत्म हो गया है। केंद्र सरकार ने सभी स्टूडेंट्स पर से केस वापस लेने का ऐलान किया है। इसके बावजूद बिहार पुलिस का प्रदर्शनकारियों पर ताबड़तोड़ एक्शन जारी है। अब तक तेज प्रताप यादव, माले विधायक संदीप सौरभ सहित 600 युवकों पर FIR की गई है और उन्हें गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि सम्राट सरकार ने तेज प्रताप को गिरफ्तार कर स्टूडेंट्स को मैसेज दिया है कि हम किसी को नहीं छोड़ेंगे। सरकार की सोच है कि इस तरह की कार्रवाई से युवकों के मन में प्रशासनिक कार्रवाई का खौफ जाएगा। इससे वह प्रदर्शन से दूर रहेंगे। 2. तेज प्रताप यादव को बड़ा नेता बनाना कुछ जानकार और नेता इस तरह के कदम के पीछे एक खास रणनीति का जिक्र करते हैं। इस तरह की थ्योरी गढ़ने वालों का तर्क है कि इस वक्त तेज प्रताप यादव विधानसभा में नहीं हैं। हालांकि, वह तेजस्वी से ज्यादा पटना में एक्टिव नजर आते हैं। हर मुद्दे पर अपनी बात रखते हैं और घूमते फिरते हैं। तेज प्रताप यादव के जेल जाने से उनकी लोकप्रियता तेजस्वी के वोटरों के बीच थोड़ी बढ़ सकती है। जिसके बदौलत वह तेजस्वी के वोट बैंक में सेंध लगा सकते हैं। चूंकि तेज प्रताप और तेजस्वी का वोट बैंक लगभग सेम है। ऐसे में अगर वोटरों का बंटवारा होगा तो भविष्य में फायदा NDA को होगा। सवाल-5ः …तो इससे तेज प्रताप को फायदा होगा? जवाबः बिल्कुल। मौटे तौर पर तेज प्रताप को 2 फायदे हो सकते हैं… 1. आंदोलनकारी नेता की छवि और री-ब्रांडिंग करने का मौका लालू परिवार और पार्टी RJD से बेदखल होने के बाद तेज प्रताप यादव ने जनशक्ति जनता दल (JJD) बनाया है। उनकी पार्टी का 2025 बिहार विधानसभा चुनाव में प्रदर्शन बहुत खराब था। 45 सीटों पर पार्टी ने प्रत्याशी उतारे। कुल वोट 1,35,514 मिले। तेज प्रताप यादव खुद महुआ सीट से चुनाव हार गए। तीसरे नंबर पर थे। 2. परिवार में हो सकती है वापसी तेज प्रताप यादव पर सरकार की इस कार्रवाई का विरोध उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव सहित RJD नेताओं ने किया है। तेजस्वी यादव ने सम्राट सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि 24 घंटे के अंदर प्रदर्शन करने वाले स्टूडेंट्स और नेताओं को रिहा नहीं किया गया तो बड़ा आंदोलन करेंगे। उन्होंने अपने भाई (तेज प्रताप) पर सरकार की कार्रवाई का कड़ा विरोध किया। वहीं, बहन रोहिणी आचार्य ने X पर लिखा- ‘तेज प्रताप की गिरफ्तारी सम्राट सरकार की तानाशाही है।’ हालांकि…
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