Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    प्रतापगढ़ में एसटीएफ हिरासत में मौत, न्यायिक जांच के आदेश:पोस्टमार्टम में चोटें मिलीं, कोर्ट ने मजिस्ट्रेट जांच को बताया जरूरी

    17 hours ago

    1

    0

    प्रतापगढ़ में एसटीएफ की हिरासत में हुई मौत के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने न्यायिक जांच का आदेश दिया है। न्यायालय ने पाया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर मृत्यु से पहले की चोटें थीं। परिजनों ने एसटीएफ कर्मियों पर यातना देकर हत्या का आरोप लगाया है, जिसे कोर्ट ने गंभीरता से लिया। यह आदेश न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्र की खंडपीठ ने जान्हवी सिंह की याचिका पर सुनवाई के बाद पारित किया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि पुलिस या न्यायिक हिरासत में किसी व्यक्ति की मौत होने पर दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 176(1-ए) के तहत न्यायिक जांच कराना अनिवार्य है। हाईकोर्ट ने प्रतापगढ़ के जनपद न्यायाधीश को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट से न्यायिक जांच कराने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने को कहा है। कोर्ट ने जांच आदेश की प्रमाणित प्रति पेश किए जाने के छह सप्ताह के भीतर जांच पूरी करने और इसकी रिपोर्ट अगली सुनवाई पर सीलबंद लिफाफे में पेश करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को होगी। याचिका में 18 मार्च 2024 को सांगीपुर थाने में दर्ज मुकदमे की जांच सीबीआई या किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की गई है। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पुलिस हिरासत में मौत की जांच के संबंध में प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक से व्यक्तिगत शपथपत्र भी मांगा था। न्यायालय के सामने आए रिकॉर्ड से पता चला कि इस मामले में पहले कोई न्यायिक जांच नहीं कराई गई थी। एसडीएम सदर, प्रतापगढ़ ने 16 अगस्त 2024 को अपनी जांच में मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मौत को हृदयाघात से हुई स्वाभाविक मौत बताया था। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर मृत्यु से पहले की चोटों का उल्लेख था। इसी विरोधाभास को देखते हुए हाईकोर्ट ने न्यायिक जांच का आदेश दिया है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    डीएनए नमूना लेने में लापरवाही:लखनऊ हाईकोर्ट से पॉक्सो आरोपी को मिली जमानत, जांच नहीं हो सकी
    Next Article
    ब्लूटूथ से नकल कराने वाले गैंग के दो सदस्य गिरफ्तार:5 लाख में हुई थी डील, लखनऊ में एसटीएफ ने अभ्यर्थी को दबोचा था

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment