Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह की राजनीतिक पार्टियों को चेतावनी:गोंडा में कहा- हम भार बन चुके हैं, एक बार कह दो मेरी जरूरत नहीं है, हम दिखा देंगे

    2 hours ago

    1

    0

    गोंडा जिले की कैसरगंज लोकसभा सीट से पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कल बिहार के भागलपुर में राजनीतिक पार्टियों को चेतावनी दी है। उन्होंने यह चेतावनी बाबू वीर कुंवर सिंह विजय उत्सव कार्यक्रम में क्षत्रिय समाज के लोगों को संबोधित करते हुए दी है। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि निराश होने या डरने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने पार्टियों से कहा, 'अगर किसी को लगता है कि हम सबके लिए भार बन चुके हैं, तो एक बार कह दो मेरी जरूरत नहीं है। 2027 में कह दीजिए या 2029 में कह देना, हम दिखा देंगे कि हमारी उपयोगिता है या नहीं है।' बृजभूषण शरण सिंह ने आगे कहा कि देश की आजादी का श्रेय केवल कुछ व्यक्तियों को दिया गया, जबकि कई क्रांतिकारियों को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आजादी का क्रेडिट न तो झांसी की रानी को दिया गया, न कुंवर सिंह को, न महाराजा देवी बक्श सिंह को, न माझी को और न ही बिरसा मुंडा को। उन्होंने एक कविता 'साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल' का जिक्र करते हुए कहा कि हमारा मौन रहना घातक हो गया। उन्होंने कहा, 'नहीं पाप का भागी केवल व्याध, केवल जो तटस्थ है जो मौन है समय लिखेगा उनका भी अपराध।' उन्होंने इसे अपना अपराध बताया कि वे कुंवर सिंह, महाराजा देवी बक्श सिंह, झांसी की रानी, बिरसा मुंडा और अन्य क्रांतिकारियों को उनका उचित स्थान नहीं दिलवा सके। बृजभूषण शरण सिंह के अनुसार, इसी का परिणाम है कि आज यह स्थिति हम भोग रहे हैं। बृजभूषण शरण सिंह ने आगे कहा कि अभी मैंने एक दिन कह दिया था कि संविधान सभा में 242 सांसद थे केवल बाबा साहब भीमराव अंबेडकर नहीं थे। आज एक बार फिर मैं बिहार की धरती पर खड़ा होकर के बड़ी जिम्मेदारी के साथ कहना चाहता हूं जिसको बुरा लगा हो आओ चर्चा कर लो। संविधान सभा में केवल बाबा साहब भीमराव अंबेडकर नहीं थे 242 सांसद थे उसे समय सबसे बड़ी संख्या बिहार के लोगों की थी। फिर हम लोगों से क्या गलती हुई बाबा साहब ने संविधान दे दिया साबरमती के संत तूनें कर दिया कमाल और संविधान केवल बाबा साहब ने दे दिया। बृजभूषण ने आगे लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर आप लोग भगवान राम के बताए हुए रास्ते पर चले होते जोड़ना-जोड़ना बप्पा रावल के बताए हुए रास्ते पर चले होते या महाराणा प्रताप के बताए हुए रास्ते पर चले होते। तो आज आप अनउपयोगी ना होते क्योंकि आज सरकारों के निगाहों में आपका कोई अस्तित्व नहीं है आपका कोई उपयोग नहीं है। बृजभूषण ने आगे लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2030 में एक मेरे साथ एक विश्व व्यापी खड्यंत्र हुआ था लेकिन मैं नहीं झुका मैं सामने वाले को नहीं जानता था। लेकिन अपने आप को जानता था मैं तो दिनकर जी की कविता पढ़ चुका हूं " है कौन काम ऐसा जग में टिक सके आदमी के मन में" दिनकर जी की कविता पढ़ने वाला कहां झुकेगा "जिसने मरना सीख लिया है जीने का अधिकार उसी को जो कांटों पर चलकर आया फूलों का है हार उसको" अब यह कविता पढ़ने वाला कहां झुकेगा "जय हनुमान ज्ञान गुण सागर जय कपीश तीन लोक उजागर रामदूत अतुलित" श्री हनुमान चालीसा की चौपाई पढ़ने वाला व्यक्ति कहां झुकेगा। वीर कुंवर सिंह का अनुयायी कहां झुकेगा तो आज हमें अपनी कमी को तलाशना है और अर्जित क्या करना है बल बुद्धि और विद्या यह तीन चीज हर हॉल में अर्जित करना है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    फूस के छप्पर से निकला इंटरमीडिएट टॉपर:लखीमपुर-खीरी के उमाशंकर ने परीक्षा में टॉप कर हासिल की सफलता
    Next Article
    संभल हाईस्कूल टॉपर नितेश का इंजीनियर बनने का लक्ष्य:थर्ड टॉपर आंचल SSC CGL की तैयारी करेंगी, बोले- मोबाइल से दूर रहे, भले ही थोड़ा पड़े लेकिन रोज पड़े

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment