Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    पूर्वांचल विश्वविद्यालय 'एक जिला-एक व्यंजन' योजना का ज्ञान भागीदार:जौनपुर, आजमगढ़, मऊ के पारंपरिक व्यंजनों को मिलेगा नया मंच

    16 hours ago

    1

    0

    वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर को उत्तर प्रदेश सरकार की 'एक जिला-एक व्यंजन' योजना में 'ज्ञान भागीदार' नामित किया गया है। यह योजना प्रदेश में पारंपरिक खानपान को बढ़ावा देने और स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लागू की जा रही है। सोमवार को विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह को योजना की प्राथमिक रिपोर्ट सौंपी गई। समन्वयक प्रो. प्रदीप कुमार और नोडल अधिकारी डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने यह रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसमें आजमगढ़, मऊ और जौनपुर जिलों के दो-दो पारंपरिक व्यंजनों/खाद्य उत्पादों की पहचान कर उनका विस्तृत दस्तावेजीकरण किया गया है, जिसे अब शासन को भेजा जा रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक जिले की पारंपरिक खानपान परंपरा को चिन्हित कर उसे बाजार आधारित उत्पाद के रूप में विकसित करना है। इसके माध्यम से स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार व स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे। पूर्वांचल विश्वविद्यालय को इन तीनों जिलों के पारंपरिक व्यंजनों/खाद्य उत्पादों की पहचान, दस्तावेजीकरण, गुणवत्ता मानक निर्धारण, पैकेजिंग सुधार, ब्रांडिंग और उन्हें बाजार से जोड़ने की रणनीति तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। पारंपरिक खानपान और स्थानीय स्वाद की विविधता के कारण यह योजना क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह पहल स्थानीय व्यंजनों, मिठाइयों और पारंपरिक खाद्य उत्पादों को नई पहचान देगी, जिससे छोटे उद्यमियों और कारीगरों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। समन्वयक प्रो. प्रदीप कुमार ने बताया कि चयनित उत्पादों को केवल पारंपरिक पहचान तक सीमित न रखकर उद्योग और पर्यटन आधारित पहचान के रूप में विकसित किया जाएगा। भविष्य में स्वच्छता, भंडारण अवधि, खाद्य सुरक्षा, लेबलिंग, पैकेजिंग और मूल्य श्रृंखला विकास जैसे पहलुओं पर विशेष कार्य किया जाएगा। नोडल अधिकारी डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने इस योजना के दूरगामी परिणामों को सुखद बताया। इस अवसर पर कुलसचिव केशलाल, प्रो. गिरिधर मिश्र, प्रो. राजेश सिंह, डॉ. धीरेन्द्र सहित अन्य अधिकारी एवं शिक्षकगण भी उपस्थित रहे। सभी ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं इसके दूरगामी लाभों पर अपने विचार साझा किए।
    Click here to Read more
    Prev Article
    सपा कार्यालय में संत गाडगे जयंती मनाई गई:पूर्व विधायक मुक्तिनाथ, मंत्री शाकिर अली को भी श्रद्धांजलि
    Next Article
    वरिष्ठ नागरिकों को अटल वयो अभ्युदय योजना में मुफ्त इलाज:मोतियाबिंद सर्जरी, मधुमेह; उच्च रक्तचाप सहित कई सुविधाएं निःशुल्क मिलेंगी

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment