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    प्रयागराज में आइसा का CEC के खिलाफ पैदल मार्च:गांधी प्रतिमा तक पहुंचे, छात्र बोले- गरीब-दलितों का वोट छीना जा रहा

    3 hours ago

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    प्रयागराज में इलाहाबाद विश्वविद्यालय की आइसा इकाई ने 2 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों ने SIR के विरोध और उन्हें जेल भेजने की मांग को लेकर सलोरी स्थित अंबेडकर छात्रावास से बालसन चौराहे तक पैदल मार्च निकाला। मार्च के दौरान छात्र हाथों में नारे लगाते हुए गांधी प्रतिमा तक पहुंचे। आइसा नेताओं ने SIR को लेकर अपनी आपत्तियां रखीं और कहा कि इससे गरीब, दलित, अल्पसंख्यक और प्रवासी मजदूर प्रभावित हो सकते हैं। अंबेडकर छात्रावास से शुरू हुआ मार्च सलोरी के अंबेडकर छात्रावास से निकले मार्च में आइसा के छात्र शामिल हुए। बालसन चौराहे पर पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने गांधी प्रतिमा के सामने नारेबाजी की। आइसा इलाहाबाद विश्वविद्यालय इकाई की अध्यक्ष कॉमरेड सोनाली ने कहा कि संगठन SIR को लेकर देशभर में विरोध कर रहा है। उनके मुताबिक, इस प्रक्रिया से नागरिकों के मताधिकार पर असर पड़ने की आशंका है। सोनाली बोलीं- वोटर लिस्ट से नाम हटाने की साजिश सोनाली ने आरोप लगाया कि SIR के जरिए गरीबों, दलितों, अल्पसंख्यकों और प्रवासी मजदूरों को मतदाता सूची से बाहर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त पर संविधान को कमजोर करने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि आइसा देशभर में इस मुद्दे को लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाएगा। श्रीकांत ने गांधी जयंती का हवाला दिया प्रदर्शन के दौरान श्रीकांत ने कहा कि 2 अक्टूबर गांधी जी की जयंती है। उन्होंने कहा कि गांधी ने आजादी की लड़ाई के दौरान जिन ताकतों का विरोध किया, आज वही ताकतें सत्ता में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आम नागरिकों के वोट देने के अधिकार को प्रभावित किया जा रहा है। इसे उन्होंने लोकतंत्र से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया। गांधी प्रतिमा पर दोहराई जेल भेजने की मांग मार्च में साक्षी, विवेक, कुणाल, अभिषेक, कृष्णा, अमित, मानवेन्द्र, प्रदीप और सुगम समेत कई छात्र मौजूद रहे। गांधी प्रतिमा पर पहुंचने के बाद छात्रों ने प्रदर्शन जारी रखा और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए। आइसा कार्यकर्ताओं ने वहीं उनकी गिरफ्तारी की मांग दोहराई।
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