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    प्रयागराज में बाढ़ की आशंका, आपदा प्रबंधन की समीक्षा:लेफ्टिनेंट जनरल डिमरी ने की बैठक, 51 पीएसी कंपनियां अलर्ट

    1 hour ago

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    प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर बढ़ने तथा आगामी दिनों में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UPSDMA) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में बुधवार को प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी ने कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की समीक्षा बैठक की। इस बैठक में जिले में बाढ़, वज्रपात, आंधी-तूफान और अन्य मानसूनी आपदाओं से निपटने की तैयारियों का विस्तृत आकलन किया गया। विशेष रूप से गंगा और यमुना में जलस्तर वृद्धि, ऊपरी बांधों से पानी छोड़े जाने की स्थिति और संभावित बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों, राहत शिविरों, नावों, बचाव उपकरणों, संचार व्यवस्था और आपातकालीन संसाधनों की उपलब्धता की जानकारी प्रस्तुत की। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी ने बताया कि प्रयागराज आपदाओं की दृष्टि से एक संवेदनशील जिला है, लेकिन जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह सतर्क और तैयार हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए पहले से मॉक ड्रिल और अभ्यास किए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। आधुनिक तकनीक और बेहतर समन्वय के माध्यम से आपदाओं से होने वाले नुकसान और जनहानि को न्यूनतम करने का प्रयास किया जा रहा है। लेफ्टिनेंट जनरल डिमरी ने यह भी बताया कि तहसील और ग्राम स्तर तक तैयारियों की समीक्षा की जा रही है, और स्थानीय प्रशासन को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के सभी संवेदनशील जिलों में आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने बताया कि लगभग 51 पीएसी फ्लड कंपनियों को तैनात किया गया है, जो किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू करेंगी। आवश्यकता पड़ने पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी तुरंत मोर्चा संभालेंगी, क्योंकि ये टीमें 'सेकेंड रिस्पांडर' के रूप में कार्य करती हैं। समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, एडीएम (एफआर) विनीता सिंह सहित सिंचाई, राजस्व, स्वास्थ्य, पुलिस, नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में सभी विभागों को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए संभावित आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के निर्देश दिए गए।
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