Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    Prithviraj Chavan बोले, 2029 में Rahul Gandhi विपक्ष का PM चेहरा होंगे या नहीं यह तय करना जल्दबाजी

    12 hours ago

    1

    0

    मुंबई, नौ सितंबर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने बुधवार को कहा कि यह तय करना अभी जल्दबाजी होगी कि वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव में पार्टी सांसद राहुल गांधी को विपक्ष के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश किया जाएगा या नहीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि बड़ी प्राथमिकता भाजपा विरोधी मतों का विभाजन रोकना होनी चाहिए। ‘पीटीआई-भाषा’ के पत्रकारों के साथ समाचार एजेंसी के मुंबई स्थित कार्यालय में बातचीत के दौरान महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्तारूढ़ भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का मुकाबला करने के लिए विपक्षी एकता कायम करने को कांग्रेस को क्षेत्रीय दलों के साथ मिलकर काम करना होगा।उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी समेत ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दल भाजपा का मुकाबला करने के किसी भी प्रयास में महत्वपूर्ण बने रहेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के साथ मतभेदों के चलते विपक्षी गठबंधन से बाहर हुई द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) फिर से इस गुट में लौट आएगी। यह पूछे जाने पर कि क्या 2029 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री पद का चेहरा होंगे, चव्हाण ने कहा, ‘‘आज मेरे लिए यह कहना मुश्किल है कि कांग्रेस पार्टी प्रधानमंत्री पद का चेहरा पेश करेगी या नहीं, अथवा किसे पेश करेगी या ‘इंडिया’ गठबंधन चुनाव के बाद इस बारे में कोई फैसला करेगा।’’ हालांकि, कांग्रेस नेता ने भरोसा जताया कि लोगों के बीच राहुल गांधी की व्यापक स्वीकार्यता पार्टी और उसके सहयोगियों के लिए चुनावी लाभ में तब्दील हो सकती है।पूर्व केंद्रीय मंत्री ने तमिलनाडु के प्रभावशाली राजनीतिक दल द्रमुक के फिर से ‘इंडिया’ गठबंधन में लौटने की उम्मीद जताई। चव्हाण ने कहा, ‘‘उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की है। मुझे नहीं पता कि ‘इंडिया’ गठबंधन की ओर से द्रमुक के साथ कौन बातचीत कर रहा है।’’ चव्हाण ने कहा कि कांग्रेस को अपने संगठन को मजबूत करने और युवाओं तक पहुंच बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के बीच मतभेदों को एकता कमजोर करने का कारण नहीं बनने देना चाहिए और क्षेत्रीय दलों के साथ मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा सबसे बेहतर तरीका यह होगा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि विपक्षी वोटों का विभाजन न हो। इस लक्ष्य को हासिल करना आसान नहीं है, लेकिन यह असंभव भी नहीं है।हमें प्रयास करना चाहिए।’’ चव्हाण (80) की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब 2014 से केंद्र की सत्ता में काबिज भाजपा का मुकाबला करने के लिए अगले आम चुनाव से पहले विपक्षी दल संयुक्त रणनीति बनाने के प्रयासों में जुटे हैं। राहुल के नेतृत्व को लेकर पूछे गए सवाल पर चव्हाण ने कहा कि रायबरेली से लोकसभा सदस्य राहुल गांधी लगातार पार्टी संगठन को मजबूत करने और युवाओं से जुड़ने के प्रयास कर रहे हैं, जो मतदाताओं का एक बड़ा हिस्सा है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लोगों की चिंताओं को समझने और उनका समाधान करने के कांग्रेस के प्रयासों के तहत विभिन्न राज्यों की राजधानियों का दौरा कर रहे हैं तथा संगठनात्मक कार्यक्रमों को संबोधित कर रहे हैं।चव्हाण ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के पेपर लीक को लेकर हुए ‘जेन-जी’ के आंदोलन से यह स्पष्ट है कि युवा अपने भविष्य, खासकर शिक्षा, रोजगार और आर्थिक सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया, ‘‘यह आंदोलन व्यवस्था के खिलाफ वास्तविक गुस्से की अभिव्यक्ति था।’’ अभियांत्रिकी अभियंता से राजनेता बने चव्हाण ने कहा कि युवा प्रदर्शनकारियों ने जिन चिंताओं को उठाया है, वे भाषा, क्षेत्र और सामाजिक सीमाओं से परे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अंततः सवाल यह है कि हमारे भविष्य का क्या होगा और हमें किस तरह की आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।यह ऐसा मुद्दा है जो भाषा, क्षेत्र और राज्यों की सीमाओं से परे है। यह हर चीज से ऊपर है।’’ चव्हाण ने कांग्रेस के युवा संपर्क अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ जैसे कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं की चिंताओं को समझना और पार्टी के साथ युवा पीढ़ी का जुड़ाव फिर से मजबूत करना है। कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी को केवल राजनीतिक मुद्दों पर निर्भर रहने के बजाय परीक्षा सुधार, शिक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और रोजगार जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित करना होगा।उन्होंने कहा, ‘‘इस समय सबसे अधिक जरूरत अच्छी शिक्षा और मजबूत सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की है।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि वर्ष 2029 तक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का रोजगार पर प्रभाव एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे विशेष रूप से लगता है कि रोजगार पर एआई का प्रभाव इतना व्यापक होगा कि बाकी सभी मुद्दे छोटे पड़ सकते हैं। केवल रोजगार ही मायने रखेगा।’’ चव्हाण ने कहा कि कांग्रेस के सामने चुनौती यह होगी कि बढ़ते जन असंतोष को मजबूत जमीनी संगठन के माध्यम से चुनावी लाभ में बदला जाए।उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में द्रमुक और उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी जैसे दल भाजपा का मुकाबला करने की व्यापक विपक्षी रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, क्योंकि इनका अपने-अपने राज्यों में मजबूत प्रभाव है। हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि केवल गठबंधन का गणित भाजपा को हराने के लिए पर्याप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा, ‘‘रणनीति एक दिन में तैयार नहीं होगी।जो कुछ होता है, उससे हम लगातार सीखते रहेंगे।’’ चव्हाण ने कहा कि 2029 तक राजनीतिक चर्चा पर आर्थिक मुद्दों का प्रभाव बढ़ेगा, खासकर बेरोजगारी, महंगाई, कृषि और रोजगार के बदलते स्वरूप जैसे विषयों का। चव्हाण ने कहा कि भाजपा का प्रमुख मुद्दा रहे हिंदुत्व की राजनीतिक विचारधारा के रूप में लोकप्रियता कम हो रही है। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि हिंदुत्व एक राजनीतिक विचारधारा के रूप में अपनी अपील खो रहा है।अगर इसे लेकर कोई भ्रम नहीं होता तो आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को दुनिया को यह समझाने के लिए विदेश यात्रा नहीं करनी पड़ती कि हिंदुत्व का अर्थ क्या है।’’ आरएसएस प्रमुख भागवत ने हाल में संगठन के शताब्दी समारोहों के तहत तीन देशों (अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन) की यात्रा पूरी की थी। चव्हाण ने दावा किया कि आरएसएस के संदेश और जमीनी मुद्दों पर भाजपा नेताओं की कथनी-करनी में विरोधाभास है जिनमें भाषा, भोजन, पहनावे और ‘‘बुलडोजर न्याय’’ जैसे मुद्दे शामिल हैं।
    Click here to Read more
    Prev Article
    Railway Projects: 10,783 करोड़ की रेल परियोजनाओं से छत्तीसगढ़ को मिलेगी नई रफ्तार, सीएम साय ने जताया आभार
    Next Article
    Revanth Reddy ने BRS नेताओं द्वारा Speaker पर कथित टिप्पणी की व्यापक जांच के दिए आदेश

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment