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    'रोड नहीं तो वोट नहीं' से बदली मोहनलालगंज की तस्वीर:विधायक अमरेश रावत बोले- जनता के भरोसे पर खरा उतरना मेरी जिम्मेदारी

    3 hours ago

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    जनता ने मुझे जिस भरोसे के साथ चुना है, उस भरोसे को बनाए रखना मेरी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। यह कहना है मोहनलालगंज विधानसभा के विधायक अमरेश कुमार रावत का। राजधानी लखनऊ की मोहनलालगंज विधानसभा सीट लंबे समय तक समाजवादी राजनीति का गढ़ मानी जाती रही, लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने यहां ऐतिहासिक जीत दर्ज की और अमरेश कुमार रावत पहली बार भाजपा के टिकट पर विधायक बने। उनके कार्यकाल के 4 साल पूरे होने पर दैनिक भास्कर ने उनसे बातचीत की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में हुए विकास कार्यों, अपनी प्राथमिकताओं और आने वाली योजनाओं पर विस्तार से बात की। पढ़िए पूरी बातचीत… सवाल: 2022 में जीत के बाद अपने क्षेत्र में आपकी सबसे बड़ी प्राथमिकता क्या रही? जवाब: जब मैं चुनाव लड़ रहा था तो क्षेत्र में एक बात बहुत चर्चा में थी-“रोड नहीं तो वोट नहीं।” कई गांवों की सड़कें इतनी खराब थीं कि लोगों का चलना भी मुश्किल हो गया था। नगराम से गंगागंज, बिठौली से रंगम, डोलिया से सुल्तानपुर रोड और बेनीगंज जैसे कई मार्ग जर्जर हालत में थे। जनता ने हम पर विश्वास किया और हमें विधानसभा भेजा, इसलिए सबसे पहले हमने इन सड़कों को ठीक कराने का काम शुरू किया। डबल इंजन सरकार के सहयोग से कई प्रमुख सड़कों का निर्माण और चौड़ीकरण कराया गया है। इससे गांवों और शहर के बीच संपर्क बेहतर हुआ है। लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिली है। मेरा मानना है कि सड़कें किसी भी क्षेत्र के विकास की पहली जरूरत होती हैं, इसलिए हमने इसे प्राथमिकता दी। सवाल: फायर स्टेशन बनाने की जरूरत क्यों महसूस हुई? जवाब: मोहनलालगंज विधानसभा का बड़ा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्र में आता है। यहां खेतों और घरों में आग लगने की घटनाएं कई बार सामने आती थीं। लेकिन दमकल की गाड़ी दूर से आने के कारण समय पर मदद नहीं मिल पाती थी। किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता था। कई बार गेहूं की फसल और खलिहान जल जाने की घटनाएं भी हुईं। इन परिस्थितियों को देखते हुए मैंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर फायर स्टेशन की मांग की। अब सुल्तानपुर रोड के पास CHC के बगल में फायर स्टेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। नगराम और मोहनलालगंज क्षेत्र में भी दमकल सुविधाओं को मजबूत करने की योजना है। सवाल: किसानों और ग्रामीणों के लिए आपने क्या प्रमुख काम किए? जवाब: हमारा क्षेत्र पूरी तरह कृषि प्रधान है। यहां बड़ी संख्या में लोग खेती पर निर्भर हैं। पहले कई गांवों में किसानों को ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर लंबा चक्कर लगाना पड़ता था। दीवानगंज और आसपास के क्षेत्रों में किसानों को करीब 7 से 8 किलोमीटर अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ता था। इस समस्या के समाधान के लिए क्षेत्र में 4 पुलों को मंजूर कराया है। एक पुल का निर्माण हो गया है। सभी पुलों के बन जाने से ग्रामीणों-किसानों का समय और खर्च दोनों कम होंगे। सवाल: क्षेत्र में सांस्कृतिक और धार्मिक विकास के लिए क्या योजनाएं चल रही हैं? जवाब: विकास केवल सड़कों और इमारतों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान भी मजबूत होनी चाहिए। इसी सोच के साथ मोहनलालगंज क्षेत्र में तीन बड़े रामलीला मैदान बनाने की योजना है। सिसेंडी, बरौलिया और हिलहाई में करीब 4 करोड़ रुपये की लागत से इन मैदानों का निर्माण कराया जा रहा है। 3 प्रमुख मंदिरों के विकास के लिए पर्यटन विभाग से बजट स्वीकृत हुआ है। अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव भी स्वीकृत हो चुका है। इन योजनाओं से क्षेत्र की सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। सवाल: शिक्षा के क्षेत्र में आपने क्या पहल की है? जवाब: चुनाव के दौरान लोगों की एक बड़ी मांग थी कि मोहनलालगंज में राजकीय कन्या डिग्री कॉलेज बनाया जाए। कई छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दूर शहर जाना पड़ता था, जिससे उन्हें परेशानी होती थी। मैंने इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर प्रस्ताव भेजा था। अब इस कॉलेज की स्वीकृति मिल चुकी है। जल्द ही इसके निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। सवाल: पर्यटन और खेल सुविधाओं को लेकर आपकी क्या योजनाएं हैं? जवाब: मोहनलालगंज क्षेत्र में हुलासखेड़ा की लगभग 125 एकड़ में फैली झील है, जो प्राकृतिक रूप से बेहद सुंदर है। हमने इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव सरकार के सामने रखा है। इस योजना पर अभी चर्चा चल रही है और उम्मीद है कि आने वाले समय में इसे मंजूरी मिल जाएगी। युवाओं के लिए करीब 2 करोड़ 15 लाख रुपये की लागत से खेल मैदान बनाया जा रहा है, जिससे उन्हें खेल गतिविधियों के लिए बेहतर मंच मिलेगा। सवाल: स्वास्थ्य के क्षेत्र में आपकी क्या पहल रही? जवाब: मेरी कोशिश हमेशा यही रही है कि क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति इलाज के लिए परेशान न हो। कई लोग गंभीर बीमारियों से जूझते हैं और उनके पास इलाज के लिए पर्याप्त पैसे नहीं होते। ऐसे मामलों में हमने मुख्यमंत्री राहत कोष और अन्य माध्यमों से उनकी मदद कराई है। पिछले 4 वर्षों में करीब 12 से 13 करोड़ रुपये की धनराशि इलाज के लिए स्वीकृत कराई गई है। जरूरतमंद को मदद मिलना सबसे महत्वपूर्ण है। सवाल: 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर आपकी क्या तैयारी है? जवाब: मेरे लिए राजनीति का मतलब केवल चुनाव नहीं बल्कि जनता की सेवा है। 2027 में कौन चुनाव लड़ेगा और किसे जिम्मेदारी मिलेगी, यह पार्टी संगठन तय करेगा। मैं भारतीय जनता पार्टी का एक कार्यकर्ता हूं और संगठन के हर निर्णय का सम्मान करता हूं। फिलहाल मेरी पूरी प्राथमिकता क्षेत्र के विकास कार्यों पर है। जनता ने मुझे जो जिम्मेदारी दी है, उसे पूरी ईमानदारी से निभाने का प्रयास कर रहा हूं। ………………. ये खबर भी पढ़िए… अखिलेश ने पूछा- गंगा पर इफ्तार क्यों नहीं कर सकते:बनारस में युवकों ने DM-SP की हथेली गरम नहीं की होगी, इसलिए कार्रवाई हुई वाराणसी में गंगा में नाव पर रोजा इफ्तार करने वाले 14 मुस्लिम युवकों की गिरफ्तारी पर अखिलेश यादव ने सवाल उठाया है। उन्होंने कहा- गंगा में रोजा इफ्तार नहीं कर सकते हैं क्या? ये सब हमारे-आपके बीच में दूरियां पैदा करने के लिए किया जा रहा है। पूरी खबर पढ़ें
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