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    रामपाल बोला-राम मूर्ति में प्राण होते तो चोर पकड़े जाते,VIDEO:राम ने चोरों को तीर क्यों नहीं मारा, प्रेमानंद महाराज जैसे धर्मगुरु ढोंगी; हंसती रहीं BJP नेता

    20 hours ago

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    देशद्रोह और मर्डर मामले में जेल से रिहा हुए संत रामपाल ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी और भगवान श्रीराम पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। BJP प्रवक्ता नेहा धवन रामपाल से मिलने उसके सोनीपत स्थित धनाना आश्रम गईं थी, जहां रामपाल ने कहा कि अयोध्या मंदिर में सिर्फ मूर्ति है, वो भगवान नहीं हैं। रामपाल ने कहा- हमारे धर्मगुरु आजतक हमें मूर्ख बना रहे हैं। ये कहते हैं कि हमने मूर्ति में प्राण प्रतिष्ठा कर दी। अब यह मूर्ति भगवान वाला काम करेगी। अगर इनकी प्राण प्रतिष्ठा वाली क्रिया ठीक होती, तो श्रीराम वहां मौजूद थे और प्राण प्रतिष्ठित थे। उनके हाथ में तीर कमान भी था। एक तीर से रावण को मार दिया था। अगर सही में प्राण होते तो चोरी होती ही नहीं। इससे यही बात सिद्ध होती है यह लोगों को मूर्ख बना रहे हैं। इतने पढ़ने के बावजूद लोग इनके पीछे लग रहे हैं। रामपाल ने आगे कहा- कोई कुछ कह दे तो बोल देते हैं हमारी भावना को ठेस पहुंच गई। जब सरेआम चोरी हो गई तब भावना कहां गई तुम्हारी। हम तो सारा चढ़ावा दान ही कर देते हैं तो चोरी कहां से होगी। इस दौरान बीजेपी प्रवक्ता नेहा धवन मुस्कुराती रहीं। हालांकि, देर शाम नेहा धवन ने इसे लेकर सफाई भी दी। बोलीं कि मैं धनाना आश्रम एक सामाजिक विजिट के तहत गई थी। मैंने रामपाल महाराज से राम मंदिर को लेकर कोई सवाल नहीं किया। रामपाल ने प्रेमानंद महाराज सहित धर्मगुरुओं को ढोंगी बताया रामपाल के सोशल मीडिया पेज स्प्रीच्युअल लीडर संत रामपाल पर यह वीडियो क्लिप डाला गया है। वीडियो में रामपाल ने हिंदू धर्मगुरुओं पर निशाना साधा है। इसमें रामपाल कहता है कि धर्मगुरु लोगों को आज भी मूर्ख बना रहे हैं और ढोंग रच रहे हैं। बैकग्राउंट में प्रेमानंद महाराज, धीरेंद्र शास्त्री, श्रीश्री रविशंकर, देवकीनंदन ठाकुर सहित धर्मगुरुओं के चित्र लगाए गए हैं, जहां वो इशारा करते हुए ये सब बातें कहता है। भाजपा प्रवक्ता बोलीं- मैंने राम मंदिर को लेकर सवाल नहीं किया वहीं, इस बारे में भाजपा की स्टेट प्रवक्ता नेहा धवन ने कहा कि मैं धनाना आश्रम एक सामाजिक विजिट के तहत गई थी। रामपाल महाराज ने किसानों के लिए नई स्कीन लॉन्च की है, जिसमें वह ढाई एकड़ से कम जमीन वाले किसानों को खाद और बीज मुहैया करवा रहे हैं। इस दौरान पता चला कि रामपाल महाराज वहीं मौजूद हैं तो उनसे मिलने चले गए। सरकार के विजन को रामपाल महाराज के सामने मैंने रखा और उन्होंने भी सरकार के कामकाज को सराहा। नेहा धवन ने बताया कि इस दौरान वह कहानी सुनाने लगे, जिस पर मैं मुस्कुराती हुई दिख रही हूं। इस बीच वहां इतना शोर बढ़ गया कि राम मंदिर को लेकर उन्होंने जो बातें कही, वह मैं ठीक से सुन नहीं पाईं। मैंने उनको यह कहा कि सबका अपना-अपना वैचारिक मत होता है। सबका परमात्मा को देखने का नजरिया अलग-अलग होता है। इस पर रामपाल महाराज ने कहा कि एक दिन आपको सब समझ आ जाएगा। संत रामपाल से जुड़े 2 विवाद जानिए... करौथा आश्रम विवाद-2006: रामपाल द्वारा स्वामी दयानंद सरस्वती की पुस्तक 'सत्यार्थ प्रकाश' पर की गई टिप्पणियों को लेकर आर्य समाजियों और रामपाल के अनुयायियों के बीच हिंसक झड़पें हुईं, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसी मामले में पहली बार जेल जाना पड़ा था। बरवाला आश्रम हिंसा और गिरफ्तारी-2014: 2006 के हत्या के मामले में कोर्ट में पेश न होने पर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने रामपाल के खिलाफ वारंट जारी किया। हिसार के बरवाला स्थित उनके आश्रम में नवंबर 2014 में पुलिस और समर्थकों के बीच खूनी संघर्ष हुआ। इस दौरान आश्रम के भीतर 5 महिलाओं और एक बच्चे की मौत हो गई थी। 11 साल बाद जेल से छूटा सतलोक आश्रम का प्रमुख रामपाल 11 साल, 4 महीने और 24 दिन जेल में बिताने के बाद 10 अप्रैल 2026 को हिसार की सेंट्रल जेल से रिहा हुआ था। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह जेल से बाहर आया और सोनीपत के धनाना स्थित सतलोक आश्रम पहुंचा था। तब से लेकर अब तक वह धनाना आश्रम में है। बरवाला कांड के बाद पुलिस ने रामपाल, उनके भाई और अन्य समर्थकों पर देशद्रोह, हत्या और आपराधिक साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इन मामलों में उन्हें 2018 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, 2025 में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने उम्रकैद की सजा को निलंबित कर दिया और बाद में उन्हें देशद्रोह से संबंधित मामलों में भी जमानत हो गई थी। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर क्या है विवाद, जानिए… मामले की शुरुआत 7 जून को हुई। तब पूर्व मंत्री और सपा नेता पवन पांडेय ने चढ़ावे में 5-7 करोड़ की चोरी का दावा किया। इसके बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी मुद्दे को उठाया और सरकार और ट्रस्ट की चुप्पी को संदिग्ध बताया। 9 जून को भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने पीएम को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग की। इस बीच, मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र भी आयोध्या पहुंचे, लेकिन उन्होंने इस पर कोई बात नहीं की। मंदिर के पूर्व अकाउंट इंचार्ज महिपाल सिंह ने दावा किया कि लंबे समय से गड़बड़ी हो रही थी। उन्होंने शीर्ष प्रबंधन से इसकी शिकायत की। कार्रवाई के बजाय उन्हें पद से हटा दिया गया। ------------- यह खबर भी पढ़ें- वेबसाइट का दावा- पुलिस ने रामपाल को फंसाया था:सतलोक आश्रम ने पहली बार जारी की सफाई; करौंथा और बरवाला कांड के बारे में लिखा हरियाणा के हिसार की सेंट्रल जेल से 11 साल, 4 महीने और 24 दिन जेल में काटने के बाद जमानत पर बाहर आए सतलोक आश्रम के प्रमुख रामपाल महाराज के संगठन ने हत्या और देशद्रोह के आरोपों पर अपनी बड़ी सफाई दी है। पूरी खबर पढ़ें…
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