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    संभल में मतदाता सूची से नाम काटने का आरोप:सपा ने DM को फर्जी फॉर्म-7 के इस्तेमाल पर ज्ञापन सौंपा

    6 hours ago

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    समाजवादी पार्टी ने संभल के जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया को मुख्य निर्वाचन आयुक्त, दिल्ली के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि विधानसभा की ड्राफ्ट मतदाता सूचियों से मुस्लिम, अन्य पिछड़ा वर्ग (PDA) और दलित-अल्पसंख्यक वर्ग के वैध मतदाताओं के नाम जानबूझकर हटाए गए हैं। भाजपा के बूथ लेवल अधिकारियों (BLA) ने फर्जी तरीके से प्रारूप-7 (फॉर्म-7) भरे हैं। इन फॉर्म का उपयोग वैध मतदाताओं के नाम हटाने के लिए किया जा रहा है। सपा ने इन फर्जी प्रारूप-7 को रद्द करने और दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। संभल जिले में संभल, असमोली, चंदौसी, गुन्नौर (आंशिक) और बिलारी सहित पांच विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के लिए बीएलओ ने 2003 की सूची के आधार पर घर-घर जाकर मतदाताओं की मैपिंग की थी। इसके बाद ही ड्राफ्ट निर्वाचक नामावली में नाम दर्ज कर प्रकाशित किए गए थे। बीएलओ द्वारा सत्यापन प्रक्रिया के तहत मृत, दोहरे पंजीकृत या स्थायी रूप से क्षेत्र छोड़ चुके मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए थे। जिन मतदाताओं की 2003 की नामावली से मैपिंग नहीं हो पाई थी, उन्हें साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए नोटिस के माध्यम से सुनवाई का अवसर भी दिया जा रहा है। हालांकि, समाजवादी पार्टी ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया है कि निर्वाचन आयोग की पूरी प्रक्रिया के बावजूद, बड़ी संख्या में सही मतदाताओं के नाम हटाने के लिए प्रारूप-7 का दुरुपयोग किया जा रहा है। ज्ञापन सौंपते समय जिला महासचिव कृष्णमुरारी शंखधार, विमलेश कुमारी, मनीष यादव, अशोक राणा, कमल शर्मा, सद्दाम कुरेशी, साजिद कुरेशी, निसार अहमद, मुकेश यादव, लाइक सिंह, होराम सिंह और अर्हम अली खान सहित कई सपा नेता मौजूद थे। जिलाध्यक्ष असगर अली अंसारी ने बताया कि यह ज्ञापन गलत तरीके से एक ही व्यक्ति द्वारा फॉर्म-7 पर हस्ताक्षर कर दिए जा रहे फॉर्मों को लेकर दिया गया है।जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी वैध मतदाता का नाम गलत तरीके से नहीं काटा जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि यदि एक परिवार के कई सदस्यों को नोटिस मिले हैं, तो परिवार का एक ही व्यक्ति सभी नोटिस जमा कर सकता है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त के नाम दी गई चार सूत्रीय मांगे.... 1. फॉर्म नं. 7 ऑनलाइन व्यवस्था के द्वारा प्राप्त किये जायें। किसी भी दिशा में कोई भी व्यक्ति एक से अधिक फार्म जमा ना करे। जिससे फॉर्म नं. 7 की पारदर्शिता बनी रहें। 2. फॉर्म नं. 7 प्राप्त होने के उपरान्त बीएलओ द्वारा मतदता का स्थलीय/भौतिक सत्यापन किये जाने के व्यवस्था सुनिश्चित की जायें 3. फॉर्म नं. 7 यदि बीएलओ की जांच में गलत पाया जाात है तो उसे तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाये। यदि फॉर्म नं. 7 बीएलओ के सत्यापन सही पाया जाता है तो उस मतदाता को सुनवाई का पूर्ण अवसर प्रदान करने के उपरान्त ही अन्तिम निर्णय लिया जाये। 4. जिस व्यक्ति द्वारा फॉर्म नं. 7 प्रस्तुत किया जाता है तो उसके लिये एक रजिस्टर बनाकर उसका नाम पता व मोबाइल फोटो सहित अंकित किया जाये और उस पर अपने सम्मुख हस्ताक्षर कराये जाये जिससे फर्जी हस्ताक्षर कर कोई व्यक्ति फॉर्म नं. 7 जमा ना कर सके।
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