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    संभल मस्जिद मामला- HC ने DM-SP पर की सख्त टिप्पणी:20 लोगों की नमाज अनुमति के खिलाफ याचिका पर आज फिर सुनवाई

    3 hours ago

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    संभल की मस्जिद में एक वक्त में सिर्फ 20 लोगों को नमाज पढ़ने की प्रशासनिक अनुमति को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने DM और SP पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने इस आदेश की निंदा करते हुए कहा था- अगर वे कानून-व्यवस्था नहीं संभाल पा रहे हैं, तो उन्हें पद से इस्तीफा दे देना चाहिए या संभल से बाहर तबादला ले लेना चाहिए। अब इस मामले में मस्जिद कमेटी की याचिका पर आज इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज फिर सुनवाई होगी। कोर्ट प्रशासन के आदेश के खिलाफ अपना अंतिम फैसला सुना सकती है। यह पूरा मामला संभल की तहसील चंदौसी के थाना हयातनगर क्षेत्र स्थित गांव धनेटा सोतीपुरा की गौसिया मस्जिद से संबंधित है। याचिकाकर्ता मुनाजिर खान के मुताबिक, पिछले साल फरवरी महीने में हयातनगर थाने से पुलिसवाले आए। उन्होंने कहा कि सिर्फ 20 लोग ही मस्जिद में नमाज पढ़ सकते हैं। एक बार में 5-6 लोग ही नमाज अदा करें। 27 फरवरी को न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने DM डॉ. राजेंद्र पैंसिया और SP केके विश्नोई को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की थी। कोर्ट ने जोर देकर कहा कि हर परिस्थिति में कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनका काम है। पहले पढ़िए पिछली सुनवाई में HC ने क्या कहा था... खंडपीठ ने स्पष्ट किया था कि राज्य का कर्तव्य है कि वह सुनिश्चित करे कि हर समुदाय अपने निर्धारित पूजा स्थल पर शांतिपूर्वक पूजा कर सके। यदि वह निजी संपत्ति है, तो राज्य से किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं होती। कोर्ट पहले ही यह स्पष्ट कर चुका है कि राज्य का हस्तक्षेप केवल तभी आवश्यक है जब प्रार्थना या धार्मिक कार्य सार्वजनिक भूमि पर आयोजित किए जा रहे हों। अब विस्तार से जानिए पूरा मामला... याचिकाकर्ता मुनाजिर खान ने 18 फरवरी को कोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने बताया- उनकी मस्जिद में नमाज पढ़ी जा रही थी, लेकिन कुछ समय से उन्हें नमाज पढ़ने से रोका जा रहा था। पिछले साल रमजान से पहले पुलिस ने केवल 20 लोगों को ही नमाज पढ़ने की अनुमति दी थी। इस बार भी पुलिस ने 5-6 लोगों को ही नमाज पढ़ने के लिए कहा था। पुलिस के इस आदेश को चुनौती देते हुए याचिका दायर की गई थी। उन्होंने बताया- हाईकोर्ट से उन्हें अब सभी लोगों को नमाज पढ़ने की अनुमति मिल गई है। उन्होंने बताया कि यह मुकदमा पिछले दो महीने से चल रहा था और उन्हें लगभग एक साल से नमाज पढ़ने से रोका जा रहा था। सरकारी वकील बोले- कानून व्यवस्था न बिगड़े, इसलिए प्रशासन ने रोका याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया था- रमजान के दौरान मस्जिद में नमाज अदा करने से रोका जा रहा। रमजान चल रहा है। ऐसे में परिसर के भीतर नमाज अदा करने के लिए बड़ी संख्या में लोग आ सकते हैं। वहीं, सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने नमाजियों की संख्या सीमित करने का आदेश दिया था। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने सरकार के वकील के तर्क को खारिज कर दिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा- आपने अब तक मस्जिद या नमाज की जगह की कोई तस्वीर कोर्ट में दाखिल नहीं की है। इस पर याचिकाकर्ता ने समय मांगा। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें नमाज की जगह की तस्वीरें और राजस्व रिकॉर्ड दाखिल करने के लिए अनुमति दे दी। अब वह इसे 16 मार्च से पहले सब्मिट करेंगे। 450 वर्गफीट में मस्जिद, मालिकाना हक दूसरे के नाम पर हयातनगर गांव में 2700 से ज्यादा लोग रहते हैं। यहां 450 वर्गफीट में घोसिया नाम की मस्जिद है। प्रशासन के मुताबिक, जमीन का गाटा नंबर- 291 है। डॉक्यूमेंट्स में यह जमीन मोहन सिंह और भूराज सिंह पुत्र सुखी सिंह के नाम पर है। अब संभल डीएम और एसपी के बारे में जानिए बरेली के डीएम-एसएसपी हाईकोर्ट में तलब किए गए थे इससे पहले हाईकोर्ट ने घर में नमाज अदा करने से रोकने के मामले में बरेली के जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को 23 मार्च को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया। कोर्ट ने साफ किया था कि अगर वे हाजिर नहीं होते तो गैर-जमानती वारंट जारी किया जाएगा। साथ ही कोर्ट ने याची को 24 घंटे सशस्त्र सुरक्षा प्रदान करने का भी निर्देश दिया। यह आदेश भी जस्टिस अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने दिया था। कोर्ट ने मामले में पिछली सुनवाई पर बरेली के डीएम और एसएसपी को एक पुराने आदेश की अवहेलना करने के आरोप में अवमानना नोटिस जारी किया था। बरेली निवासी तारिक खान ने याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि गत 16 जनवरी को स्थानीय अधिकारियों ने उन्हें उनके घर के अंदर नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी थी। यह कार्रवाई हाईकोर्ट के उस पूर्व आदेश का उल्लंघन है, जिसमें साफ किया गया था कि निजी परिसर में प्रार्थना के लिए प्रशासन की अनुमति जरूरी नहीं है। ---------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… मामी से निकाह के लिए पत्नी की हत्या की:संभल में 4 बच्चों के सामने वारदात, पकड़े जाने के डर से खुद को भी कैंची मारी संभल में मामी से निकाह के लिए पति ने पत्नी की हत्या कर दी। उसने अपने 4 बच्चों के सामने पत्नी को कैंची भोंककर मार डाला। इसके बाद पकड़े जाने के डर से खुद भी सुसाइड करने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पति नफीस (40) मेडिकल स्टोर चलाता है, जबकि मृतक पत्नी नजमा (38) आशा वर्कर का काम करती थी। नफीस का अपनी ही मामी से पिछले 3 साल से अफेयर था। इस वजह से पति-पत्नी के बीच झगड़े होते थे। पढ़िए पूरी खबर…
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