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    संभल नेजा मेला- अनुमति पर आज इलाहाबाद HC में सुनवाई:प्रशासन ने कहा था- देश को लूटने वाले के नाम पर मेला राष्ट्रद्रोह, निचली अदालत में मामला विचाराधीन

    5 hours ago

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    संभल में ऐतिहासिक नेजा मेला के आयोजन को लेकर आज इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। HC आज इस मामले में अंतिम फैसला ले सकती है। कोर्ट तय करेगी कि इस साल मेले का आयोजन होगा या नहीं? धार्मिक नेजा मेला कमेटी ने इसके आयोजन की अनुमति के लिए याचिका दायर की है, जबकि नगर पालिका परिषद ने निचली अदालत में मामला विचाराधीन होने का तर्क दिया। दरअसल सैयद सालार मसूद गाजी के नाम पर संभल में हर साल 3 जगहों पर नेजा मेला लगाया जाता है। इस मेले का इतिहास करीब एक हजार वर्ष पुराना है। पर पिछले साल 2024 में प्रशासन ने इस मेले के आयोजन पर रोक लगा दी थी। प्रशासन का कहना था- जिस आक्रांता ने सोमनाथ मंदिर को लूटा, उसकी याद में मेला नहीं लगने देंगे। इससे पहले 2023 में हिन्दू संगठनों के विरोध के बाद नेजा मेला को नाम बदलकर 'सद्भावना मेला' के नाम से आयोजित किया गया था। पर 2024 में प्रशासन ने कहा- जो भी आक्रांत के नाम पर मेला आयोजित करेगा, उसे राष्ट्रद्रोही माना जाएगा। बता दें कि परंपरा के अनुसार, होली के अगले मंगलवार को सैयद सालार मसूद गाजी के नाम पर शहबाजपुर कला गांव में नेजा मेले की ढाल गाड़ी जाती है। इसके एक सप्ताह बाद तीन दिनों के लिए मेले का आयोजन होता है। जिसमें देश के कोने-कोने से लोग आकर स्टाल लगाते हैं। हर दिन 2 से 5 लाख तक की भीड़ जुटती है। हिन्दू संगठनों ने की थी रोक लगाने की मांग हिन्दू नेता बाल मुकुंद शर्मा ने बताया- वर्ष 2023 में हमारे द्वारा तत्कालीन एएसपी शिरीश चंद्र को ज्ञापन देकर नेजा मेला के आयोजन पर रोक लगाने की मांग की गई थी। हमारा कहना है- देश को लूटने वाले किसी भी मुस्लिम तानाशाह के नाम पर कोई भी मेले का आयोजन नहीं होने दिया जाएगा। ये देशद्रोह है। ज्ञापन को संज्ञान में लेते हुए एएसपी ने मेला कमेटी के साथ बैठक की थी। जिसमें तय हुआ कि नेजा मेला को नाम बदलकर आयोजित किया जाएगा। जिसके बाद वर्ष 2023 में नेजा मेले को 'सद्भावना मेला' नाम से आयोजित किया गया। डेट भी बदली गई। इस पर हिंदू वादी संगठनों ने विरोध किया और कहा- किसी भी त्योहार की तिथि को आगे-पीछे नहीं किया जा सकता। आयोजक कमेटी ने अपनी सहूलियत के लिए तिथि से छेड़छाड़ की है। इसलिए अब से इस मेले का आयोजन नहीं किया जाए। एएसपी बोले- मेला आयोजित किया तो राष्ट्रद्रोही वर्ष 2024 में फिर से हिन्दूवादी संगठनों के विरोध पर एएसपी शिरीश चंद्र ने मेला कमेटी के साथ बैठक की। एएसपी ने स्पष्ट तौर पर पूछा- मेले का आयोजन किसकी याद में किया जाता है। मेला कमेटी के सदस्यों ने बताया- सैयद सालार मसूद गाजी के नाम पर नेजा मेला लगाया जाता है। उससे पहले नेजा मेले की ढाल गाड़ने के लिए निकाली जाती है। इस पर ASP ने कहा- यहां पर सैयद सालार मसूद गाजी के नाम पर मेला लगाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। जिसने सोमनाथ मंदिर को लूटा था, उस लुटेरे की याद में मेला नहीं लगेगा। याद रखिए, अगर ढाल गाड़ा गया तो आप राष्ट्रद्रोही कहलाएंगे। अगर आप इस देश के हैं, तो लुटेरे की याद में मेला कैसे लगा सकते हैं? ASP ने कहा- फिर भी अगर आपको लगता है कि नेजा मेला लगाना है, तो बड़े अफसरों को एप्लिकेशन दीजिए। लेकिन इससे पहले मेला लगाने से जुड़ा कोई काम ना कीजिएगा। अगर आप परंपरा की बात कर रहे हैं तो मजिस्ट्रेट से मिलिए। मेला कमेटी के ढाल गाड़ने की बात पर उन्होंने कहा- कोई ढाल मत गाड़िएगा। पिछले साल नहीं हुआ मेला प्रशासन की चेतावनी के बावजूद मेला कमेटी ने वर्ष 2024 में ढाल गाड़ने की कोशिश की। पर इससे पहले ही एसडीएम कार्यालय से कमेटी समेत सभी आयोजकों को नोटिस जारी की गई। चेतावनी दी गई कि अगर आयोजन हुआ तो शांतिभंग की धारा में कार्रवाई की जाएगी। मेला कमेटी ने दायर की याचिका इस साल मेला आयोजन की अनुमति के लिए धार्मिक नेजा मेला कमेटी के अध्यक्ष शाहिद मसूदी की ओर से दिसंबर 2025 में इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की। 29 जनवरी को पिछली सुनवाई में नगर पालिका संभल के अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने कोर्ट के सामने बताया- 2018 में मेला कमेटी समेत कई लोगों के खिलाफ नगर पालिका के गेट और नेला मेले से संबंधित एक मामला विचाराधीन है। इसलिए इस मेला कमेटी की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकती। हाईकोर्ट ने नगर पालिका की दलील पर मेला कमेटी के अधिवक्ता ने एक सप्ताह का समय मांगा। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई के डेट 14 फरवरी तय की, पर सुनवाई नहीं हो सकी। इसके बाद कोर्ट ने 16 फरवरी की अगली डेट जारी की। आज न्यायमूर्ति अजीत कुमार और स्वरूपमा चतुर्वेदी की डबल बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। इस दौरान वादी पक्ष के अधिवक्ता 29 जनवरी को दाखिल किए गए प्रतिवादी जवाब पर अपना पक्ष रखेंगे। याचिका के कानूनी सलाहकार अधिवक्ता खुर्शीद अहमद बोले- यह मामला पिछली बार संभल प्रशासन द्वारा 'नेजा' आयोजन की अनुमति न दिए जाने के बाद उठाया गया है। हमें हाईकोर्ट से सकारात्मक फैसले की उम्मीद है। नेजा कमेटी के अध्यक्ष शाहिद मसूदी बोले- हमारी याचिका पर सरकारी वकील ने आपत्ति जताई है। सरकारी वकील ने तर्क दिया कि 2018 से मेले को लेकर एक मुकदमा चल रहा है। 2018 का वह मुकदमा मेले से संबंधित नहीं था, बल्कि गेटों और दरगाह को लेकर था। अदालत का जो भी फैसला होगा, वह हमें स्वीकार्य होगा। अब नेजा मेले का इतिहस जानिए... संभल में हजारों सालों से चला आ रहे नेजा मेले का इतिहास उस समय का है जब महाराजा पृथ्वीराज चौहान की राजधानी संभल हुआ करती थी। धार्मिक नगर नेजा कमेटी संभल के अध्यक्ष शाहिद मसूदी ने निजा मेला क्यों मनाया जाता है इसके संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पृथ्वीराज चौहान की राजधानी संभल हुआ करती थी और उस समय संभल में हजरत शेख पचासे मियां रहमतुल्लाह अलैह का परिवार रहा करता था। उनकी बेटी बहुत खूबसूरत थी, पृथ्वीराज चौहान के बेटे का दिल हजरत शेख पचासे मियां की बेटी पर आ गया। पैगाम पाकर आने का लिया फैसला पिता ने बेटी को सारा माजरा बताया तो बेटी ने कुछ वक्त लेने की बात कही और एक पैगाम अफगानिस्तान में सय्यद सालार मसूद गाजी रहमतुल्ला अलैह को भेजा और मदद की ख्वाहिश जाहिर की। सय्यद सालार मसूद गाजी रहमतुल्लाह अलैह ने पैगाम पाकर संभल आने का फैसला किया। उसने यहां पृथ्वीराज चौहान को जंग में पराजित किया। इस जंग में शहीद हुए उसके साथियों के आज भी मजार संभल में हैं, जहां मेला लगाया जाता है। सभी जगह चादरपोशी कर होती है दुआ सम्भल में तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया जाता है। होली के बाद आने वाले मंगलवार को ढ़ाल यानी झंडा लगाया जाता है और मेले का आगाज किया जाता है। अगले मंगलवार को शाहबाजपुर सूरा नगला में हजरत भोले शाह भोले रहमतुल्लाह अलैह के मजार पर नेजा मेले का आयोजन किया जाता है। अगले दिन नगर पालिका परिषद सम्भल परिसर में हजरत अहमद शाह रहमतुल्लाह अलैह के मजार पर नेजे मेले का आयोजन किया जाता है और गुरुवार को हसनपुर रोड स्थित इमादुल मुल्क (बादल गुम्बद) पर नेजे मेले का आयोजन किया जाता है। सभी जगहों पर चादर पोशी कर दुआएं की जाती हैं। ------------------------------------------------------------------ ये खबर भी पढ़िए… बदायूं में हिट एंड रन, बोलेरो ने 5 को रौंदा:3 की मौत, 120 की स्पीड में 18km दौड़ाई; अलर्ट मिला, पुलिस पकड़ नहीं पाई बदायूं में हिट एंड रन का मामला सामने आया है। यहां बेकाबू तेज रफ्तार बोलेरो ने 5 युवकों को रौंद दिया। इसमें से 3 की मौत हो गई। पहले उसने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मारी, फिर भागने के चक्कर में एक और युवक को कुचल दिया। इसमें से दो की मौत हो गई। पढ़िए पूरी खबर…
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