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    सफाई कर्मचारी संघ का प्रदर्शन, 5560 पदों पर भर्ती की:नगर निगम पर शोषण का आरोप, भूख हड़ताल की चेतावनी दी

    15 hours ago

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    नगर निगम सफाई कर्मचारी संघ ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे भूख हड़ताल करेंगे। उनकी प्रमुख मांगों में 5560 सफाई कर्मचारियों की तत्काल भर्ती, वाल्मीकि समाज की पैतृक भूमि को कब्जामुक्त कराना और ठेका प्रथा समाप्त करना शामिल है। संघ के अनुसार, शहर की आबादी लगभग 30 लाख है, जिसके लिए सरकारी मानकों के अनुसार 8400 सफाई कर्मचारियों की आवश्यकता है। वर्तमान में, नगर निगम में केवल 2415 आउटसोर्सिंग और 425 स्थायी कर्मचारी हैं, जिनकी कुल संख्या 2840 है। इस प्रकार, शहर में तत्काल 5560 सफाई कर्मचारियों की भर्ती की जानी चाहिए। वाल्मीकि समाज ने खसरा नंबर 2104 पर स्थित अपनी पैतृक भूमि को वापस करने की मांग की है। यह भूमि अंग्रेजों के समय से वाल्मीकि समाज के कब्रिस्तान और खाखरोबान (वाल्मीकि आश्रम) के नाम पर दर्ज है। आरोप है कि नगर निगम प्रशासन और कुछ भूमाफियाओं ने नियोजित तरीके से इस पर कब्जा कर लिया है, जिससे समाज में भारी रोष है। संघ ने सफाई कार्य में ठेका प्रथा का पुरजोर विरोध किया है। उनका कहना है कि सफाई का कार्य स्थायी और नियमित प्रकृति का है, जिसे ठेकेदारों के माध्यम से कराना श्रम कानूनों का उल्लंघन है। जून 2023 में बोर्ड द्वारा ठेका प्रथा समाप्त करने का प्रस्ताव पारित होने के बावजूद, इसे अभी तक लागू नहीं किया गया है। अन्य मांगों में 1857 के महानायक हवलदार शहीद मातादीन वाल्मीकि के नाम पर हापुड़ अड्डे का सौंदर्यीकरण और उसका नाम बदलकर शहीद मातादीन वाल्मीकि चौराहा करना शामिल है, जिसे सदन से भी पारित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, संघ ने 'समान कार्य समान वेतन' लागू करने की भी मांग की है, जो कई अन्य राज्यों में पहले से ही प्रचलित है। संघ ने अपनी मांगों को लेकर 27 फरवरी, 2026 को एक नोटिस दिया था। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे अपना आंदोलन तेज करेंगे।
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