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    सुग्रीव किला में भगवान राजराजेश्वर का ब्रह्मोत्सव मनाया गया:श्रद्धापूर्वक याद किए गए जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य महाराज

    9 hours ago

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    श्रीरामजन्मभूमि पथ स्थित ऐतिहासिक सुग्रीव किला आश्रम में भगवान राजराजेश्वर सरकार के ब्रह्मोत्सव तथा आश्रम के आचार्य रहे श्रीमद् जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य महाराज का 7 वां वैकुंठोत्सव मनाया गया। यह पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। 20 फरवरी को आयोजित इस पुण्य अवसर पर श्रद्धांजलि सभा में संत-महंतों और श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। सुग्रीव किला पीठाधीश्वर श्रीमद् जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी विश्वेश प्रपन्नाचार्य महाराज ने बताया कि मंदिर में स्थापित राजराजेश्वर भगवान का ब्रह्मोत्सव और गुरुदेव स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य महाराज का वैकुंठोत्सव वैदिक परंपराओं के अनुरूप संपन्न हुआ। सैकड़ों वेदपाठी विद्वानों द्वारा विष्णु सहस्रनाम का सामूहिक परायण किया गया, जिससे समूचा आश्रम परिसर भक्तिरस में सराबोर हो उठा। पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर अनूप जलोटा के भजन से पूरा माहौल भक्ति में हो गया। स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य महाराज रामजन्मभूमि आंदोलन के अग्रणी पंक्ति के योद्धा स्वामी विश्वेश प्रपन्नाचार्य महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि गुरुदेव स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य महाराज राम जन्मभूमि आंदोलन के अग्रणी पंक्ति के योद्धाओं में रहे। उन्होंने राममंदिर निर्माण के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया और जीवनपर्यंत आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि आज गुरुदेव का स्वप्न साकार हो चुका है और लाखों श्रद्धालु श्रीरामलला के दिव्य स्वरूप का दर्शन-पूजन कर आत्मिक आनंद की अनुभूति कर रहे हैं। संत-महंतों का स्वागत अधिकारी स्वामी अनंत पद्मनाभाचार्य ने किया कार्यक्रम में पधारे संत-महंतों का स्वागत अधिकारी स्वामी अनंत पद्मनाभाचार्य ने किया। उन्होंने कहा कि सातवां वैकुंठोत्सव अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें अयोध्या के संत समाज ने श्रद्धापूर्वक गुरुदेव को नमन किया। उन्होंने यह भी कहा कि सुग्रीव किला रामजन्मभूमि आंदोलन की पृष्ठभूमि का साक्षी रहा है और आज जब श्रीरामलला भव्य मंदिर में विराजमान हैं, तब यह स्थल और भी अधिक आध्यात्मिक महत्ता का केंद्र बन गया है। यद्यपि पौराणिक स्थल होने के कारण यहां कुछ व्यवस्थागत प्रतिबंध हैं, फिर भी गुरुदेव की पुण्यतिथि पूर्ण उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर मणिरामदास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास, जानकी घाट बड़ा स्थान के महंत जन्मेजय शरण, महंत अयोध्या दास सहित सैकड़ों संत, महंत, पूर्व सांसद लल्लू सिंह, हनुमानगढ़ी के वरिष्ठ पुजारी रमेश दास, विधायक प्रतिनिधि अमल कुमार गुप्ता, समाजसेवी एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य महाराज के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किया।
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