Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    सुखबीर बादल PM मोदी से मिलने दिल्ली पहुंचे:पंजाब चुनाव में अकाली+BJP गठजोड़ के संकेत; केजरीवाल बोले- ना ना करते प्यार तुम्ही से कर बैठे

    3 hours ago

    1

    0

    शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। सुखबीर बादल शुक्रवार सुबह ही दिल्ली पहुंचे थे और पार्लियामेंट हाउस में पीएम मोदी से मिले। दोनों नेताओं की इस मुलाकात के बाद पंजाब की राजनीति गर्मा गई है। पंजाब विधानसभा चुनाव में अब करीब 4 महीने का समय बचा है। ऐसे में इस मुलाकात को चुनाव से पहले अहम माना जा रहा है। इसके साथ ही अकाली दल और BJP के बीच गठबंधन की चर्चा भी तेज हो गई है, माना जा रहा है कि अब गठबंधन फाइनल हो सकता है। इधर, दोनों नेताओं की मुलाकात के बीच दिल्ली के पूर्व CM अरविंद केजरीवाल ने तंज कसते हुए लिखा- ना ना करते प्यार तुम्ही से कर बैठे…...तो क्या चन्दा चोर पार्टी और बेअदबी पार्टी का गठबंधन हो रहा है? केजरीवाल के तंज पर जवाब देते हुए सुखबीर बादल ने केजरीवाल को पंजाब का सुपर CM कहते हुए सोशल मीडिया (X) पर लिखा- क्या आपको अपनी ये गारंटी याद है? 2022 से पहले AAP ने दावा किया था कि आप पंजाब में फल-फूल रहे ₹20,000 करोड़ के अवैध खनन को तुरंत बंद करवा देंगे और आज NGT के आदेश ने साबित कर दिया है कि आपकी सारी गारंटी गटर में फेंकने लायक हैं। क्योंकि ये सब बकवास हैं और कुछ नहीं! वहीं कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा- मुझे पहले से लगता था कि यह इकट्‌ठे होंगे। बीजेपी ने जोर लगाकर देख लिया। अकाली दल के खिलाफ बयान देकर देख लिया। अब दो बडे जीरों इकट्ठे हो गए हैं। कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। मुझे पता था कि टूटी बाजू इकट्ठे होनी है। यह रहनी टूटी हुई है। सीधी बाजू का असर होता है। गठबंधन का पिछले चुनावों में कैसा प्रदर्शन रहा भाजपा और शिरोमणि अकाली दल का गठबंधन करीब 3 दशक तक पंजाब की राजनीति की सबसे सफल चुनावी गठजोड़ों में रहा। दोनों दलों ने 1997, 2007 और 2012 में मिलकर सरकार बनाई। भाजपा-अकाली गठबंधन की कामयाबी का राज क्या था भाजपा-अकाली गठबंधन की सबसे बड़ी ताकत दोनों दलों का अलग-अलग वोट बैंक था। अकाली दल की पकड़ ग्रामीण, किसान और पंथक इलाकों में थी, जबकि भाजपा शहरों और शहरी हिंदू मतदाताओं के बीच मजबूत थी। दोनों दलों के साथ आने से गांव और शहर का चुनावी समीकरण बन जाता था। दूसरी बड़ी वजह थी तय सीट शेयरिंग और मजबूत संगठन। लंबे समय तक अकाली दल 94 और भाजपा 23 सीटों पर चुनाव लड़ती रही। दोनों पार्टियां अपने-अपने मजबूत क्षेत्रों में चुनाव लड़ती थीं और कार्यकर्ताओं के स्तर पर भी एक-दूसरे का साथ मिलता था। गठबंधन की वजह से दोनों दलों का वोट बंटने के बजाय एक जगह ट्रांसफर होता था और कई सीटों पर मुकाबला मजबूत बन जाता था। यही समीकरण 2012 में गठबंधन की बड़ी जीत का आधार बना, जब दोनों दलों ने मिलकर 68 सीटें जीतकर सरकार बनाई। लेकिन 2022 में गठबंधन टूटने के बाद दोनों का वोट अलग-अलग बंट गया और दोनों दल दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाए। भाजपा-अकाली गठबंधन टूटने का विरोधियों पर असर ************* ये खबर भी पढ़ें: राहुल गांधी बोले- कैप्टन मेरे फेवरेट BJP लीडर: मुस्कुराते हुए अमरिंदर अंकल कहा; पंजाब कांग्रेस में झगड़े के बीच वापसी की अटकलें पंजाब में 2027 के चुनाव से पहले कांग्रेस में चल रहे घमासान के बीच राहुल गांधी ने पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को फेवरेट लीडर बताकर उनकी तारीफ की। गुरुवार को दिल्ली में जेन-जी के साथ राहुल गांधी ने इंट्रैक्शन किया। (पढ़ें पूरी खबर)
    Click here to Read more
    Prev Article
    सालभर आदि कैलाश यात्रा चलाने की तैयारी:550 नए होमस्टे तैयार, PM मोदी ने कहा था- इतनी भीड़ आएगी कि संभालना मुश्किल होगा
    Next Article
    तेजस्वी सूर्या ने हरकी पैड़ी से उठाई कांवड़:26km पैदल चलकर ऋषिकेश में करेंगे जलाभिषेक, व्रत रख कांवड़ियों पर बरसाए फूल

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment