Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    सुल्तानपुर में विवाहिता ने दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया:पति, सास और ननद पर क्रेटा कार मांगने का केस, मुंबई में रहते हैं आरोपी

    2 hours ago

    1

    0

    सुल्तानपुर में एक विवाहिता ने अपने पति, सास और ननद के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया है। पीड़िता आस्था गुप्ता ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ही उससे 10 लाख रुपये नकद और एक क्रेटा कार की मांग की जा रही थी। मांग पूरी न होने पर उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। कोतवाली नगर थाना क्षेत्र की निवासी आस्था गुप्ता की शादी 6 मार्च 2025 को महाराष्ट्र के कल्याण निवासी मोहित भानु प्रकाश गुप्ता से हुई थी। शादी के समय आस्था के माता-पिता ने 51,000 रुपये नकद और एक हीरे की अंगूठी दी थी। आस्था के अनुसार, शादी के समय ही उसके पति मोहित, सास मधु गुप्ता और ननद स्वाती गुप्ता ने 10 लाख रुपये अतिरिक्त नकद और एक क्रेटा कार की मांग की थी। आस्था के माता-पिता ने उस समय असमर्थता जताई थी, जिसके बाद ससुराल पक्ष के लोगों ने काफी झगड़ा किया। इसके बाद पिता ने रुपयों की व्यवस्था होने पर कार देने का वादा किया था। ससुराल जाने के बाद कार न दिए जाने के कारण आस्था को शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी जाने लगीं। पति और अन्य ससुराल वालों ने उसे मायके भेजने से इनकार कर दिया और कहा कि जब तक 10 लाख रुपये और कार नहीं मिलेगी, तब तक उसकी विदाई नहीं होगी। उसे अपने माता-पिता और भाई से अकेले फोन पर बात नहीं करने दिया जाता था। उसका मोबाइल भी छीनकर तोड़ दिया गया, जिसमें घरेलू हिंसा के कई सबूत होने का आरोप है। आस्था ने बताया कि गर्भवती होने के दौरान भी पति, सास और ननद ने उसे कई बार बुरी तरह पीटा। 19 जनवरी 2026 को मुंबई में उसने एक बेटे को जन्म दिया। 21 जनवरी 2026 को जब उसके माता-पिता और भाई उससे मिलने अस्पताल पहुंचे, तो ससुराल वालों ने झगड़ा शुरू कर दिया। पति ने अस्पताल में एक लिखित पत्र देकर अपने घरवालों को आस्था और बच्चे से मिलने से रोक दिया। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद आस्था अपनी जान को खतरा महसूस करते हुए एक रिश्तेदार के घर चली गई। उसने आरोप लगाया कि ससुराल वालों ने उसकी मार्कशीट, 77,000 रुपये नकद और डिलीवरी से पहले के अन्य सामान छीनकर अपने पास रख लिए हैं। जब वह अपना सामान लेने ससुराल गई, तो उन्होंने दरवाजा नहीं खोला। उसने 112 नंबर पर कॉल करके पुलिस बुलाई, लेकिन इसके बावजूद दरवाजा नहीं खोला गया। थक-हारकर आस्था 8 मार्च को सुल्तानपुर स्थित अपने मायके लौट आई। उसने बताया कि उसकी तबीयत ठीक नहीं है और वह बहुत परेशान है। नगर कोतवाल संदीप राय ने बताया कि तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    कुलदीप-वंशिका ने अखिलेश के पैर छुए:रिसेप्शन में 2 घंटे रुके पूर्व सीएम, गौतम गंभीर ने कुलदीप को गले लगाया
    Next Article
    'हे भगवान अब बेटे को न तड़पाना':अस्पताल में हरीश की मां प्रार्थना कर रहीं, एक सदस्य रह सकेगा साथ; अंगदान का संकल्प लिया

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment