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    सपा की एक मैदान में 2 इफ्तार पार्टी पर खींचतान:कानपुर जिलाध्यक्ष बोले- संगठन से टकराव नहीं लेना चाहिए, विधायक बोले- मुझे नहीं बुलाया

    7 hours ago

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    कानपुर में सपा की रोजा इफ्तार पार्टी को लेकर विधायक और जिलाध्यक्ष की खींचतान सामने आई है। एक ही जगह पर दोनों ने इफ्तार पार्टी अलग-अलग दिन की। सपा के वरिष्ठ नेताओं से लेकर सांसद तक बुलाए गए, लेकिन एक-दूसरे की इफ्तार पार्टी में नहीं पहुंचे। जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कार्यसमिति की बैठक में तय किया गया था कि 7 मार्च को इफ्तार होगा, फिर भी एक दिन पहले इफ्तार पार्टी कर दिया गया। वहीं विधायक ने कहा कि न मुझे कुछ बताया गया, न ही मुझे बुलाया गया और न कोई जानकारी दी गई। छह मार्च को छावनी विधान सभा से सपा विधायक हसन रूमी ने इफ्तार कराया तो सात मार्च को जिलाध्यक्ष फजल महमूद ने इफ्तार कराया। दो दिन में सपा के दो इफ्तार पर दोनों का क्या कहना है, पढ़िए इस रिपोर्ट में। जिलाध्यक्ष बोले- पार्टी से टकराव नहीं लेना चाहिए कानपुर महानगर सपा जिलाध्यक्ष फजल महमूद ने बताया कि समाजवादी पार्टी हर साल की तरह रोजा इफ्तार की पार्टी कर रही है। इसी तरह से पूरे शहर में करती है। सपा जिला कार्यसमिति की बैठक में तय किया गया था कि 7 मार्च को बाबूपुरवा ईदगाह के मैदान में इफ्तार होगा। लेकिन, इससे पहले मेरी बात मुन्ना समोसे वाले के यहां पर राष्ट्रीय अध्यक्ष जी से भी हुई थी। लेकिन पता नहीं क्यों 7 की जगह 4 मार्च को यह हुआ कि 6 को इफ्तार होगा। इस तरह से 6 को यहां इफ्तार कर दिया गया। इस तरह से पार्टी से टकराव नहीं लेना चाहिए। संगठन पार्टी की जड़ होती है। कानपुर का संगठन सबसे मजबूत संगठन है। विधायक बोले- टकराव की कोई बात ही नहीं छावनी विधानसभा से सपा विधायक हसन रूमी ने कहा कि टकराव की कोई बात ही नहीं है। जब हमने पहले इफ्तार कर लिया तो कहीं और भी इफ्तार किया जा सकता था। मैंने अपने विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कराया। अध्यक्ष संगठन चला रहे हैं तो मेरा कोई हस्तक्षेप नहीं रहता, तो फिर मैं क्यों पूछकर करूं इफ्तार पार्टी। मैंने तो इफ्तार का ऐलान पहले ही कर दिया था। आप कहीं और भी इफ्तार कर सकते थे। समाजवादी पार्टी का रोजा इफ्तार हमेशा से पार्टी कार्यालय में हुआ है। पहली बार ऐसा हुआ है कि कहीं दूसरी जगह इफ्तार किया गया हो। अगर मुन्ना समोसा की दुकान की बात है तो 25 फरवरी को वहां बात हुई थी, मुझे इसकी जानकारी भी नहीं थी, तो मैंने 26 फरवरी को अपना इफ्तार घोषित कर दिया था कि 6 मार्च को इफ्तार कर रहे हैं। मैंने अपनी विधानसभा में इफ्तार किया तो बैनर में जिलाध्यक्ष का फोटो लगाया। क्या इनके इफ्तार पार्टी के बैनर-पोस्टर में मेरी ही विधानसभा में लगाए गए पोस्टर-बैनर में मेरा फोटो लगाया गया?
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