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    सपा के पूर्व MLC, दो भाइयों समेत 10 को उम्रकैद:औरैया में वकील और उनकी टीचर बहन की सरेआम गोली मारकर हत्या की थी

    10 hours ago

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    औरैया के बहुचर्चित वकील मंजुल चौबे और उनकी टीचर बहन की हत्या के मामले में 6 साल बाद फैसला आया। बुधवार दोपहर 2 बजे MP-MLA कोर्ट ने सपा के पूर्व MLC कमलेश पाठक, उनके दो सगे भाइयों समेत 10 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। 15 जनवरी, 2020 को मंजुल और उनकी बहन सुधा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या की गई थी। उनके घरवालों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया था। वारदात की सूचना पर पहुंची पुलिस पर भी हमला किया गया था। इस मामले में पुलिस ने 19 लोगों पर केस कराया था। इनमें से 11 लोगों को 7-7 की सजा सुनाई गई, जबकि 7 लोगों को बरी कर दिया है। एक आरोपी नाबालिग है, उसका मुकदमा जुवेनाइल कोर्ट चल रहा है। कमलेश और मंजुल पहले दोस्त हुआ करते थे। दोनों के बीच मंदिर की एक बीघा जमीन को लेकर झगड़ा हो गया था। कमलेश पाठक जमीन पर कब्जा करना चाहता था, जबकि मंजुल चौबे इसका विरोध कर रहे थे। इसके बाद दोनों के बीच दुश्मनी हो गई थी। कैसे हुई थी भाई-बहन की हत्या, पढ़िए 6 साल में 900 से ज्यादा तारीखें, तब मिला इंसाफ पिछले 6 साल में मामले में 900 से ज्यादा तारीखें पड़ीं। दोनों पक्षों की ओर से 72 गवाह पेश किए गए। मंजुल के परिवार की तरफ से 33 और कमलेश की तरफ से 39 गवाहों ने गवाही दी। आखिरकार मंजुल के परिवार को इंसाफ मिल गया। अब पढ़िए दो जिगरी दोस्त कैसे बने जानी दुश्मन औरैया के भड़ारीपुर गांव के रहने वाले कमलेश पाठक और मंजुल चौबे पहले बहुत अच्छे दोस्त थे। लोग मंजुल को कमलेश पाठक की परछाई तक कहते थे। जब मंजुल चौबे औरैया के तिलक महाविद्यालय से छात्रसंघ अध्यक्ष चुने गए, तब कमलेश पाठक उनके सबसे बड़े मददगार के रूप में साथ खड़े रहे। इस दोस्ती में दरार 2006 के नगर पालिका चुनाव के दौरान आई। मंजुल चौबे चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन उन्हें कमलेश पाठक का सहयोग नहीं मिला। यहीं से दोनों के बीच दूरियां बढ़ने लगीं। बाद में मंजुल चौबे भाजपा नेताओं के करीब आ गए, जबकि कमलेश सपा समर्थक थे। इसी बीच कमलेश पाठक गांव के पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास स्थित एक बीघा जमीन पर दावा करने लगे। मंजुल ने इसका खुलकर विरोध किया। यहीं से दोनों की दोस्ती धीरे-धीरे वर्चस्व की जंग में बदल गई। कमलेश पाठक के बारे में जानिए ----------------------------- यह खबर भी पढ़ें… दामाद ने धमकाया था-पूरे परिवार के लिए कफन तैयार रखना, प्रतापगढ़ में पिता बोले- मेरे सामने बेटे को गोली मार दी ‘दामाद ने धमकी दी थी कि आज पूरे परिवार को कफन में लिटा देंगे। बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर बुलेट से आया और गोली चलाई… बेटा सामने आ गया तो उसे मार दिया। मेरी आंखों के सामने बेटा खून से लथपथ पड़ा था।’ ये दर्द है प्रतापगढ़ के गया प्रसाद का, जिनके 48 साल के बेटे देवेंद्र की उसके बहनोई ने मंगलवार को दिनदहाड़े तीन गोली मारकर हत्या कर दी। पढ़िए रिपोर्ट…
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