Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    सपा नेता के घर 22 करोड़ का हाउस टैक्स नोटिस:सहारनपुर में 12 करोड़ का जलकर भी जोड़ा, बोले- मकान की कीमत ही 4 करोड़; कोर्ट जाएंगे

    15 hours ago

    1

    0

    सहारनपुर के सपा नेता फरहाद आलम गाड़ा को करीब 22 करोड़ रुपये से अधिक का हाउस टैक्स और लगभग 12 करोड़ रुपये का जलकर का नोटिस मिला है। नोटिस मिलने के बाद उन्होंने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले को कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है। फरहाद गाड़ा का कहना है कि उनका मकान नगर निगम क्षेत्र के गांव में स्थित है। करीब दो साल पहले मकान का निर्माण हुआ था और 2025 में उनका परिवार यहां रहने आया। उन्होंने बताया कि मकान करीब 816 वर्ग गज में बना है, जिसकी बाजार कीमत करीब चार करोड़ रुपए है। ऐसे में एक साल का 22 करोड़ रुपये हाउस टैक्स और करोड़ों रुपये का जलकर लगाना पूरी तरह गलत है। 'पानी की लाइन नहीं, फिर 12 करोड़ का जलकर क्यों' फरहाद गाड़ा ने कहा कि उनके घर तक नगर निगम की पानी की लाइन भी नहीं पहुंची है। जिस ओवरहेड टैंक से क्षेत्र में जलापूर्ति होनी है, वह अभी तक चालू नहीं हुआ। इसके बावजूद नोटिस में करीब 12 करोड़ रुपये का जलकर जोड़ दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना सुविधा दिए इतना बड़ा टैक्स किस आधार पर लगाया गया। सपा नेता ने कहा कि उन्होंने अपने अधिवक्ताओं से सलाह ले ली है और जल्द ही न्यायालय में याचिका दाखिल करेंगे। उनका कहना है कि नगर निगम स्पष्ट करे कि नोटिस किसके नाम जारी किया गया और कर निर्धारण का आधार क्या है। उन्होंने जीआईएस सर्वे करने वाली एजेंसी और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तथा मानहानि का दावा करने की भी बात कही। 'GIS सर्वे की विश्वसनीयता पर सवाल' फरहाद गाड़ा ने कहा कि नोटिस मिलने के बाद पूरा परिवार मानसिक तनाव में है। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर कराए गए जीआईएस सर्वे में यदि किसी मकान का सही आकलन भी नहीं हो पा रहा है तो उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने नगर निगम पर क्षेत्र में सफाई, सड़क, नाली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध न कराने का भी आरोप लगाया। पहले भी विवादों में रहा है GIS सर्वे नगर निगम के जीआईएस सर्वे के आधार पर जारी गृहकर और जलकर के बिल पहले भी विवादों में रहे हैं। व्यावसायिक और आवासीय संपत्तियों के हजारों मालिक कर निर्धारण पर आपत्तियां दर्ज करा चुके हैं। अब फरहाद गाड़ा का मामला सामने आने के बाद नगर निगम की कर निर्धारण प्रक्रिया एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    आनंदी-माँ अभियान के तहत छात्राओं को लगी मुफ्त एचपीवी वैक्सीन:सर्वाइकल कैंसर से बचाव का दिया संदेश, कुलपति बोलीं- समय पर टीकाकरण ही सबसे बड़ा बचाव
    Next Article
    फतेहपुर में 72 घंटे में सिर्फ 9 घंटे बिजली:गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक ने बहुआ पावर हाउस घेरा, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment