Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    सिर्फ सख्त कानून से नहीं रुकेगा पेपर लीक:बसपा प्रमुख मायावती बोलीं- शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार की जरूरत

    2 hours ago

    1

    0

    संसद में पेपर लीक रोकने के लिए सख्त सजा का प्रावधान करने वाला विधेयक पारित होने के बाद बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केवल नया कानून बना देने से पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या का समाधान नहीं होगा। इसके लिए अपराध होने से पहले उसे रोकने की प्रभावी व्यवस्था और शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार जरूरी हैं। मायावती ने कहा कि पेपर लीक के कारण लाखों छात्र-छात्राओं का भविष्य प्रभावित होता है और कई मामलों में युवा आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो जाते हैं। ऐसे में संसद द्वारा सख्त सजा वाला कानून लाना स्वागतयोग्य है, लेकिन लोगों के मन में यह सवाल बना हुआ है कि क्या केवल इससे समस्या खत्म हो जाएगी? उनके मुताबिक, सरकार ने जल्दबाजी में कानून तो बना दिया, लेकिन रोकथाम के दूसरे जरूरी उपायों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। कदम ऐसा उठाए कि घटना ही न होने पाए उन्होंने कहा कि नया कानून पेपर लीक होने के बाद दोषियों को सजा देने की बात करता है, जबकि सबसे महत्वपूर्ण यह है कि ऐसी घटनाएं होने ही न पाएं। उनका दावा था कि पहले भी बने कानून प्रभावी साबित नहीं हुए, जिससे स्पष्ट है कि केवल सजा का प्रावधान पर्याप्त नहीं है। शिक्षा के समान अवसर मिलने चाहिए बसपा प्रमुख ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव की जरूरत बताई। कहा कि सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार, गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए बेहतर शैक्षिक अवसर मिलने चाहिए। शिक्षा के लिए मिलने वाले ऋण को अधिक सुलभ और कल्याणकारी बनाना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान का उद्देश्य सभी वर्गों को समान अवसर देना था, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में इसका अभाव दिखाई देता है। गरीब परिवारों के होनहार बच्चे को नहीं मिल पाता अवसर मायावती ने कहा कि संपन्न परिवारों के बच्चे आर्थिक संसाधनों के बल पर बेहतर शिक्षा हासिल कर लेते हैं, जबकि करोड़ों गरीब परिवारों के होनहार बच्चे अवसरों के अभाव में पीछे रह जाते हैं। उनके अनुसार, पेपर लीक शिक्षा व्यवस्था की खामियों का सिर्फ एक उदाहरण है, जबकि इसकी जड़ें कहीं अधिक गहरी हैं। पेपर लीक जैसे मुद्दे पर भी गंभीर नहीं दिखे राजनीतिक दल उन्होंने संसद में हुई बहस पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर भी अधिकांश राजनीतिक दल दलगत राजनीति से ऊपर नहीं उठ सके। चर्चा के दौरान समस्या के समाधान की बजाय आरोप-प्रत्यारोप अधिक देखने को मिले। ऐसे में लोगों के मन में यह आशंका स्वाभाविक है कि नया कानून कितना प्रभावी साबित होगा। शैक्षिक सुधारों पर गंभीरता से काम करने की जरूरत बसपा प्रमुख ने केंद्र सरकार से अपील की कि कानून के साथ-साथ पेपर लीक की रोकथाम के लिए ठोस प्रशासनिक और शैक्षिक सुधारों पर भी गंभीरता से काम किया जाए। उनका कहना था कि तभी देश के करोड़ों युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सकेगा और शिक्षा व्यवस्था पर लोगों का भरोसा मजबूत होगा।
    Click here to Read more
    Prev Article
    SNA-SPARSH 2.0 लागू होने से पहले वेतन भुगतान के निर्देश:31 जुलाई तक सभी कर्मचारियों का मानदेय जारी करने का आदेश
    Next Article
    बंदरों की उछल-कूद से गिरी पेड़ की डाल:मंदिर में भजन गा रहीं 2 महिलाओं की मौत, नाबालिग समेत 4 घायल

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment