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    सिरफिरे की करतूत नहीं, प्लांड था बेटे का मर्डर:प्रयागराज जंक्शन हत्याकांड में युवक पिता बोले- बिना जांच के ही केस बंद करने की तैयारी

    6 hours ago

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    प्रयागराज में पिछले साल 9 जुलाई को प्रयागराज जंक्शन पर ड्यूटी के दौरान रेल कर्मचारी अमित कुमार पटेल की हत्या कर दी गई थी। अब इस मामले में उनके पिता ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जीआरपी बिना पूरी जांच किए केस बंद करने की तैयारी में है। गिरधर वर्मा ने बताया कि उनके बेटे अमित उत्तर मध्य रेलवे के मैकेनिकल विभाग में हेल्पर थे। उस दिन उनकी ड्यूटी रात 10 बजे तक प्लेटफॉर्म नंबर 7-8 पर थी। रात करीब सवा नौ बजे एक व्यक्ति लोहे की रॉड लेकर पीछे से आया और उनके सिर पर हमला कर दिया। बताया जाता है कि हमलावर ने कई बार वार किया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी ने भागने की कोशिश की। लोगों के मुताबिक वह एक ट्रेन में चढ़ने की कोशिश में पटरी पर गिर गया और उसकी भी जान चली गई। पुलिस शुरू से ही लीपापोती के मूड में पिता का कहना है कि पुलिस ने शुरू से ही हमलावर को मानसिक रूप से बीमार बताना शुरू कर दिया। जबकि उनके मुताबिक उसके पास मोबाइल फोन मिला था, वह अपने घरवालों से बात कर रहा था और गुजरात से जोधपुर होते हुए प्रयागराज आया था। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर वह मानसिक रूप से असंतुलित था तो सीधे ड्यूटी पर मौजूद उनके बेटे को ही क्यों निशाना बनाया। गांव के लोगों ने धमकाया था गिरधर वर्मा का आरोप है कि गांव के कुछ लोगों से पहले विवाद हुआ था। उनका कहना है कि करीब एक महीने पहले कुछ लोग घर आए थे और धमकी दी थी कि “इलाहाबाद में ही खत्म कर देंगे।” अब उन्हें शक है कि यह घटना किसी साजिश का हिस्सा हो सकती है। उन्होंने मांग की है कि जिन लोगों पर शक है उनके मोबाइल की कॉल डिटेल और लोकेशन की जांच की जाए। साथ ही हमलावर के बैकग्राउंड की भी ठीक से पड़ताल हो। जीआरपी थाने से मिली जानकारी पिता का कहना है कि जब वे हाल में जीआरपी थाने गए तो उन्हें बताया गया कि आरोपी मर चुका है, इसलिए केस में अंतिम रिपोर्ट लगाई जाएगी। यह सुनकर परिवार और परेशान हो गया। उनका कहना है कि बिना पूरी सच्चाई सामने आए मामला बंद करना ठीक नहीं है। गिरधर वर्मा ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पूरे मामले की किसी दूसरी एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आए और उनके बेटे को न्याय मिल सके।
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