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    सरकारी स्कूल में बच्चों को कैद करने का मामला:बीएसए जांच के लिए पहुंचे, शिक्षामित्र बोलीं- SC समुदाय से हूं इसलिए बनाया जा रहा निशाना

    16 hours ago

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    सुल्तानपुर के लंभुआ कोतवाली क्षेत्र के वैनी कंपोजिट विद्यालय में बच्चों को बंद करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) उपेंद्र गुप्ता ने सोमवार को विद्यालय का निरीक्षण किया। यह मामला एक वायरल वीडियो और शिक्षामित्र रामा राजेश्वरी द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों से जुड़ा है। यह घटना 13 फरवरी को सामने आई थी, जब एक वीडियो में प्रधानाध्यापिका प्रतिभा त्रिपाठी बच्चों को गेट के अंदर बंद करके बाहर जाती दिख रही थीं। वीडियो में बच्चे उनसे गेट खोलने का अनुरोध करते भी सुनाई दे रहे थे। एक अन्य वीडियो में एक बाहरी व्यक्ति बच्चों की पिटाई करता नजर आया, जिसे शिक्षामित्र रोकने का प्रयास कर रही थीं, जबकि अन्य स्टाफ ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया। शिक्षामित्र रामा राजेश्वरी ने आरोप लगाया है कि 13 फरवरी को ही विद्यालय के कुछ शिक्षकों (अमित शांडिल्य, गुड़िया गुप्ता और गरिमा पांडेय) ने उनके कक्ष में घुसकर जबरन वीडियो बनाया और उनके साथ अभद्रता की। उन्होंने दावा किया कि वे अनुसूचित जाति (SC) समुदाय से आती हैं, इसलिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उनके अनुसार, शिक्षकों ने उन्हें धमकाते हुए कहा, "तुम्हारी 10 हजार की नौकरी चट कर जाएंगे।" राजेश्वरी ने इस मामले की लिखित शिकायत खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) से की थी। उनका आरोप है कि अधिकारियों ने उनकी मदद करने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई की बात कही और उन पर "राजनीति करने" का आरोप लगाया। बीएसए के अनुसार, प्राथमिक जांच में स्कूल स्टाफ, ग्राम प्रधान और अभिभावकों (एसएमसी) के बीच आपसी तालमेल की कमी और निजी विवाद की बात सामने आई है, जिसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है। बीएसए उपेंद्र गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि प्रधानाध्यापिका या अन्य स्टाफ की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) को तत्काल विस्तृत जांच सौंप दी है।
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