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    सरयू नदी का जलस्तर बढ़ा, तटवर्ती क्षेत्रों में कटान:खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर नीचे बह रही, बोल्डरों में दरारें आईं

    2 hours ago

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    मऊ में सरयू नदी का जलस्तर सोमवार रात से बढ़ना रुक गया है। मंगलवार को नदी 69.70 मीटर पर स्थिर रही। यह खतरे के निशान 69.90 मीटर से महज 20 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर स्थिर होने से तटवर्ती इलाकों के लोगों को कुछ राहत मिली है, लेकिन बाढ़ और कटान का खतरा अभी बना हुआ है। दो दिन पहले डेढ़ सेमी प्रति घंटे बढ़ रहा था पानी नेपाल की ओर से बैराजों से छोड़े गए पानी और पहाड़ी क्षेत्रों में रुक-रुककर हो रही तेज बारिश के कारण पिछले दिनों सरयू का जलस्तर तेजी से बढ़ा था। नदी का पानी गौरीशंकर घाट, जानकी घाट और रामघाट के पास तक पहुंच गया है। दो दिन पहले नदी का जलस्तर करीब डेढ़ सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था। सोमवार रात से बढ़ोतरी रुकने के बाद मंगलवार को जलस्तर स्थिर रहा। धनौली रामपुर से खाकी बाबा कुटी तक कटान का खतरा जलस्तर में उतार-चढ़ाव से तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों के मुताबिक, नदी का जलस्तर घटने या बढ़ने पर कटान का खतरा बढ़ जाता है। नईबाजार के सरहरा पुरवे और परमहंस बाबा कुटी के सामने नदी खाली पड़ी दलदली जमीन को तेजी से काट रही है। धनौली रामपुर गांव से लेकर खाकी बाबा कुटी तक भी कटान का खतरा मंडरा रहा है। नदी की तेज धार के दबाव से सुरक्षा के लिए लगाए गए बोल्डरों में कई जगह दरारें आ गई हैं। कुछ बोल्डरों के नीचे खिसकने की आशंका है। ऐतिहासिक इमारतों और आबादी को लेकर चिंता तटवर्ती लोगों को आशंका है कि नदी का दबाव बढ़ने पर आबादी और महत्वपूर्ण इमारतों को नुकसान पहुंच सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी नदी के कटान में कई ऐतिहासिक इमारतें बह चुकी हैं। ऐसे में नदी का बढ़ता दबाव लोगों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। भारत माता मंदिर के सामने भी नदी का दबाव सरयू नदी मुक्तिधाम स्थित भारत माता मंदिर के सामने भी दबाव बना रही है। इसे देखते हुए सिंचाई विभाग ने मुक्तिधाम, गौरीशंकर घाट और रामघाट समेत बांधों और कटान प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। सिंचाई विभाग मऊ और बाढ़ खंड आजमगढ़ की टीमें सुरक्षा व्यवस्था में जुटी हैं। प्रशासन भी नदी के जलस्तर और तटवर्ती क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश कम होने पर घटेगा पानी सिंचाई विभाग के जेई प्रिंस ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश की रफ्तार कम होने के बाद निचले इलाकों में आने वाले पानी की मात्रा में कमी आएगी। फिलहाल सरयू नदी का जलस्तर स्थिर है और विभाग की टीम लगातार स्थिति पर नजर रख रही है।
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