Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    संतकबीरनगर में किसान आत्महत्या मामले में सहायक चकबंदी अधिकारी निलंबित:चकबंदी में अनियमितता से परेशान किसान ने किया था सुसाइड

    8 hours ago

    1

    0

    संतकबीरनगर में चकबंदी प्रक्रिया से परेशान किसान की आत्महत्या के मामले में सहायक चकबंदी अधिकारी निलंबित कर दिया। चकबंदी आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने गंभीर अनियमितताओं और पीड़ित परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप में कार्रवाई की। शनिवार की भोर में प्रभुनाथ प्रजापति (47) का शव उनके घर की छत के कुंडे से मफलर के सहारे लटका मिला था। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई। परिजनों ने चकबंदी विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि चकबंदी प्रक्रिया में मनमानी और सुनवाई न होने के कारण प्रभुनाथ मानसिक तनाव में थे। मामला धनघटा थाना क्षेत्र के संठी गांव का है। मृतक के पिता राज बहादुर प्रजापति का कहना है कि संठी गांव में चकबंदी प्रक्रिया चल रही थी, जिसमें प्रभुनाथ का चक तालाब की भूमि में दे दिया गया था। इससे उनकी खेती बुरी तरह प्रभावित होने वाली थी और परिवार के भरण-पोषण पर संकट खड़ा हो गया था। राज बहादुर के अनुसार, प्रभुनाथ बार-बार धनघटा स्थित चकबंदी कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन उनकी आपत्तियों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। इसी कारण वह लगातार तनाव में रहते थे। जांच में क्या सामने आया जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि मृतक प्रभुनाथ प्रजापति के परिजनों के मूल गाटा नंबर बदलकर ‘उड़ान चक’ प्रदिष्ट किए गए थे। इसके अलावा, नियमानुसार समय पर आपत्तियों का निस्तारण भी नहीं किया गया। इन गंभीर लापरवाहियों को प्रशासन ने आत्महत्या के लिए उत्प्रेरक माना। इससे पहले मामले में चकबंदी लेखपाल को निलंबित किया गया था। अब चकबंदी आयुक्त ने सहायक चकबंदी अधिकारी रामदरश को भी निलंबित कर दिया है। आदेश में कहा गया है कि चकबंदी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता बरती गई और पीड़ित परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। परिजनों के अनुसार, शुक्रवार की रात प्रभुनाथ खाना खाकर अपने कमरे में सोने चले गए थे। सुबह जब वह बाहर नहीं आए, तो परिजन कमरे में पहुंचे, जहां उनका शव छत के कुंडे से लटका मिला। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और पुलिस को सूचना दी गई। इस घटना ने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि चकबंदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि दोषियों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी।
    Click here to Read more
    Prev Article
    सुनसान सड़क, खुला मेन होल और नशे में दो दोस्‍त: बिहार के बिरजू की दिल्‍ली के रोहिणी में कैसे हुई दर्दनाक मौत?
    Next Article
    मण्डलायुक्त ने उद्यमियों संग की बैठक, अधूरे काम निपटाने के:लापरवाह अफसरों पर होगी कार्रवाई, औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याओं पर समीक्षा

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment