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    सिद्धार्थनगर के सांसद जगदम्बिका पाल ने लोकसभा में उठाए सवाल:बुद्ध धरोहर और ग्रामीण बैंकों में स्टाफ कमी के मुद्दे उठाए

    1 hour ago

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    सोमवार, 16 मार्च को डुमरियागंज के सांसद और वरिष्ठ नेता जगदम्बिका पाल ने लोकसभा में दो महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। उन्होंने सरकार का ध्यान बौद्ध धरोहरों के संरक्षण और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में कर्मचारियों की कमी की ओर आकर्षित किया। उनके इस हस्तक्षेप को सिद्धार्थनगर और आसपास के बौद्ध क्षेत्रों के लिए अहम माना जा रहा है। पाल ने पूरक प्रश्न के माध्यम से भगवान बुद्ध के प्राचीन पिपरहवा अवशेषों को भारत वापस लाने के केंद्र सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि लगभग 128 वर्षों में पहली बार इन पवित्र अवशेषों की वापसी संभव हो सकी है। सांसद ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सांस्कृतिक कूटनीति का एक बड़ा उदाहरण बताया। उन्होंने यह भी कहा कि इन अवशेषों का उपयोग रूस और भूटान जैसे देशों के साथ सांस्कृतिक कूटनीति और जन-से-जन संबंध मजबूत करने में किया गया है।सांसद पाल ने सरकार से जानना चाहा कि क्या पिपरहवा और कपिलवस्तु जैसे ऐतिहासिक व आध्यात्मिक महत्व के स्थलों को यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने जोर दिया कि भगवान गौतम बुद्ध ने अपने जीवन के लगभग 29 वर्ष कपिलवस्तु क्षेत्र में बिताए थे, जिससे इन स्थलों का महत्व वैश्विक बौद्ध समुदाय के लिए अत्यंत विशेष हो जाता है। इस पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सदन को आश्वस्त किया कि सरकार इस दिशा में प्रक्रिया शुरू करेगी। मंत्री ने यह भी बताया कि पिपरहवा से जुड़े पवित्र अवशेषों को वर्तमान में दिल्ली के कुतुब परिसर में एक विशेष प्रदर्शनी में रखा गया है।इसके अतिरिक्त, जगदम्बिका पाल ने नियम 377 के तहत देश के 28 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में कर्मचारियों की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने बढ़ते कार्यभार और संविदा तथा आउटसोर्स कर्मचारियों पर बढ़ती निर्भरता पर चिंता व्यक्त की। सांसद ने कहा कि बड़ी संख्या में कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने के बाद पर्याप्त नई भर्तियां नहीं होने के कारण ग्रामीण शाखाओं में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। पाल ने रिक्त पदों पर शीघ्र नियमित भर्ती, संविदा कर्मियों की सेवा शर्तों की समीक्षा और जरूरत के मुताबिक नियमितीकरण की नीति बनाने की मांग की, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग व्यवस्था और मजबूत हो सके।
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