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    शोएब हत्याकांड खुलासे के लिए पुलिस को चाहिए और समय:सीनियर एडवोकेट बोले- यह कानून व्यवस्था पर सवाल, पर जल्दबाजी ठीक नहीं

    4 hours ago

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    बाराबंकी जिले में शोएब किदवाई उर्फ बॉबी की दिनदहाड़े हुई हत्या के छह दिन बाद भी मामला गरमाया हुआ है। पुलिस की टीमें कातिलों की तलाश कर रही हैं। इस बीच, शुक्रवार को अधिवक्ता परिषद जिला इकाई बाराबंकी के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता कौशल किशोर त्रिपाठी ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। त्रिपाठी ने बॉबी के पुराने आपराधिक इतिहास और बाहुबली मुख्तार अंसारी से उसके कथित संबंधों को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कही हैं। उन्होंने बताया कि बॉबी का नाम पहले भी कई हाई-प्रोफाइल मामलों में सामने आ चुका है। चर्चित डॉक्टर डीबी सिंह मर्डर केस और जेलर आरके तिवारी की हत्या के मामले में भी बॉबी का नाम चर्चा में था। वरिष्ठ अधिवक्ता ने रोपड़ जेल (पंजाब) में मुख्तार अंसारी द्वारा इस्तेमाल की गई बाराबंकी रजिस्टर्ड एंबुलेंस का भी जिक्र किया। इस 'एंबुलेंस कांड' में भी बॉबी का नाम सुर्खियों में था। त्रिपाठी के अनुसार, उस समय पुलिस बॉबी पर शिकंजा कसना चाहती थी, लेकिन साक्ष्यों के अभाव या किसी अज्ञात दबाव के चलते वह बच निकला था। बॉबी के पेशेवर जीवन यानी वकालत के बारे में पूछे जाने पर त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि बॉबी कई वर्षों से कचहरी तो आते थे, लेकिन वह सक्रिय प्रैक्टिस में नहीं थे और शायद ही कोई मुकदमा लड़ते थे। उन्होंने मुख्तार अंसारी के साथ बॉबी के करीबी रिश्तों की बात भी दोहराई। बार एसोसिएशन के आक्रोश पर त्रिपाठी ने कहा कि वकील समाज में नाराजगी स्वाभाविक है, लेकिन इस पेचीदा मर्डर केस के खुलासे के लिए पुलिस को पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह एक 'ब्लाइंड मर्डर' जैसा प्रकरण है, जिसमें हर कड़ी को जोड़ना जरूरी है, इसलिए पुलिस को किसी समय सीमा में नहीं बांधा जाना चाहिए।
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