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    शाहजहांपुर में निकलेंगे लाट साहब: धार्मिक स्थलों का ढकना शुरू:24 संवेदनशील स्थानों पर पैरामिलिट्री फोर्स होगी तैनात, सीएम भी जुलूस का जिक्र करते हैं

    7 hours ago

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    शाहजहांपुर में लाट साहब के जुलूस को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए जुलूस मार्ग पर धार्मिक स्थलों को तिरपाल से ढकने का काम शुरू कर दिया गया है। पुलिस ने जुलूस मार्ग का मैप तैयार कर लिया है और पहली बार 26 संवेदनशील स्थानों को चिन्हित किया है। इन स्थानों पर पैरा मिलिट्री फोर्स तैनात की जाएगी। इसके लिए चार कंपनी पैरा मिलिट्री फोर्स, चार कंपनी पीएसी और एक यूनिट एनडीआरएफ की मांग की गई है। जुलूस को रस्सी से कवर कर आगे बढ़ाया जाएगा। संवेदनशील इलाकों की गलियों पर पुलिस बेरियर लगाएगी ताकि कोई भी व्यक्ति जुलूस के समय गली से बाहर न आ पाए। इस बार जुलूस मार्ग पर कोई भी दुकान खुली नहीं रहेगी। इतिहास और परंपरा इतिहासकारों के अनुसार, यह परंपरा शाहजहांपुर के अंतिम नवाब अब्दुल्ला खां ने 1746-47 में शुरू की थी। किले पर पुनः कब्जा करने के बाद उन्होंने किला मोहल्ला में रंग महल बनवाया और वहाँ हर साल होली पर जुलूस निकाला। इसमें हाथी-घोड़े और बैंड-बाजा होता था। नवाब की मृत्यु के बाद भी लोग जुलूस निकालते रहे। अंग्रेजों के शासन के दौरान नवाब का जुलूस निकालने पर प्रतिबंध लगा दिया गया, लेकिन लोग जुलूस निकालना बंद नहीं किए। उस समय इसे अंग्रेजों के विरोध में निकाला जाने लगा और नाम बदलकर ‘लाट साहब का जुलूस’ रखा गया। लाट साहब की रस्म और पुरस्कार जुलूस में एक युवक को लाट साहब की उपाधि दी जाती है। उसे नग्न करके पूरी तरह तिरपाल से ढक दिया जाता है। लोग उसे जूते-चप्पल और झाड़ुओं से पीटते हुए नगर में घुमाते हैं। बदले में उसे शराब की बोतलें, कपड़े और रुपये इनाम के रूप में दिए जाते हैं। ज्यादातर लाट साहब अन्य जिलों से लाए जाते हैं। सुरक्षा और पैरा फोर्स की तैनाती अधिकारियों के अनुसार, 24 संवेदनशील स्थानों पर पैरा मिलिट्री फोर्स के दस-दस जवान तैनात किए जाएंगे। जुलूस मार्ग की गलियों में बैरियर लगाकर पुलिस की तैनाती भी होगी। बड़े लाट साहब का जुलूस लगभग सात किलोमीटर लंबा है, जिसमें 20 मस्जिद, 6 मजार और 4 कब्रिस्तान ढके जाते हैं। छोटे लाट साहब का जुलूस लगभग तीन किलोमीटर लंबा है, जिसमें 8 मस्जिद और 2 मजार ढकी जाती हैं। एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि जुलूस को सकुशल संपन्न कराने के लिए मार्ग का निरीक्षण किया जा रहा है। आयोजकों और स्थानीय लोगों से सुझाव लिए जा रहे हैं, और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
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