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    शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को तीसरे दिन पुलिस का इंतजार:मठ पर कांग्रेस-सपा नेताओं का जमघट, प्रयागराज के जांच अधिकारी काशी पहुंचे

    4 hours ago

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    शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर प्रयागराज के झूसी थाने में पाक्सो एक्ट में FIR दर्ज होने के बाद आज तीसरा दिन है। इस मामले में पीड़ितों और उनके परिजनों से प्रयागराज पुलिस ने पूछताछ की है। पिछले दो दिनों से प्रयागराज पुलिस के वाराणसी में होने की सूचना बीच अभी तक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुलानंद का बयान नहीं लिया है। बताया जा रहा है प्रयागराज पुलिस आज शंकराचार्य के विद्या मठ पर पहुंचकर पूछताछ कर सकती है। केदारघाट स्थित श्रीविद्या मठ पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का आशीर्वाद लेने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। उन्हें समर्थन देने के लिए विपक्ष के चेहरे भी मौजूद हैं। सपा के सांसद वीरेंद्र सिंह के बाद मंगलवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने शंकराचार्य से मिलकर उन्हें कांग्रेस का समर्थन दिया। आज पूरे प्रदेश के सभी जिलों में प्रदर्शन के साथ प्रधानमंत्री के नाम पत्रक सौंपने की बात कही। वाराणसी में अजय राय खुद इस प्रदर्शन में शामिल होंगे। शंकराचार्य की तरफ से दायर हुई है अग्रिम जमानत याचिका बच्चों से यौन शोषण मामले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। उन्हें डर है कि प्रयागराज पुलिस उनकी गिरफ्तारी कर सकती है। इस संबंध में जब शंकराचार्य से पूछा गया तो उन्होंने कहा इस संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है। हमारी लीगल टीम लगी हुई है। उनसे बात करके ही कोई जानकारी दे पाएंगे। प्रयागराज पुलिस आज शंकराचार्य से पूछताछ करने उनके आश्रम पहुंच सकती है। गिरफ्तारी भी कर सकती है। इसी आशंका को देखते हुए शंकराचार्य ने वकील के जरिए हाईकोर्ट का रुख किया है। एडिशनल सीपी प्रयागराज पर लगाए गंभीर आरोप शंकराचार्य ने वाराणसी में मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने प्रयागराज के एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा पर साजिश रचने का आरोप लगाया। मोबाइल पर अजय पाल शर्मा और आशुतोष महाराज की एक तस्वीर भी दिखाई। इसमें अजय पाल शर्मा केक काटते हुए नजर आ रहे हैं, जबकि आशुतोष महाराज उनके बगल में खड़े हैं। शंकराचार्य ने कहा - इनका नाम अजय पाल शर्मा है। इस समय इनके अधीन ही जांच चल रही है। एक हिस्ट्रीशीटर के साथ पुलिस का बड़ा अफसर बर्थडे सेलिब्रेशन कर रहा है। मेरे खिलाफ सब कुछ योजनाबद्ध तरीके से किया गया। पूरे सिस्टम को मेरे खिलाफ इसलिए लगाया गया है, ताकि मैं गो-रक्षा अभियान से पीछे हट जाऊं, लेकिन यह संभव नहीं है। शंकराचार्य ने कहा कि 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन से ही उनके खिलाफ प्रशासन और पुलिस ने षड्यंत्र करना शुरू कर दिया। जिस पॉक्सो कानून में तुरंत FIR दर्ज करने का प्रावधान है, उसमें पुलिस ने खुद मामला दर्ज न करते हुए कोर्ट के आदेश से एफआईआर कराई। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को मेल भेजे जाते हैं, बावजूद इसके केस दर्ज नहीं होता। ऐसा इसलिए किया गया ताकि यह संदेश जाए कि मामला कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ है। कोर्ट ने भी अपने 14 पन्नों के फैसले में साक्ष्यों की चर्चा कम और रूलिंग का जिक्र ज्यादा किया है। अविमुक्तेश्वरानंद बोले- दोषी हुआ तो ऐसा दंड मिले, जितना किसी ने सोचा न हो शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- जनता के सामने जो तथ्य हैं, वे रख दिए गए हैं। जनता ही हमें ये बातें बता रही है। एक-एक पीड़ित निकलकर सामने आया है कि उसके साथ ऐसा हुआ। हम कोई लीगल बात नहीं कर रहे हैं, हम तो आम बात कर रहे हैं। एक व्यक्ति आया था, वह कितना डरा हुआ था। ईमेल में लिखा है-लड़का या लड़की। इसका मतलब पहले से प्लान किया गया है कि एक लड़का और एक लड़की को पेश करना है। अब लड़की को खोजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह मामला भारत के दुर्लभतम मामलों में प्रवेश कर रहा है। अगर यह सच है कि शंकराचार्य ने कोई दुराचार किया है, तो यह दुर्लभतम श्रेणी में आएगा, क्योंकि ऐसी कल्पना भी नहीं की जा सकती। अब पूरे देश को ध्यान देकर इस पर लड़ने की जरूरत है। अगर ऐसा हुआ है, तो इतना कड़ा दंड घोषित करना होगा, जितना इतिहास में किसी ने सोचा भी न हो। लेकिन अगर आरोप लगाने वाला गलत हो, तो उसे भी उतना ही कड़ा दंड मिलना चाहिए। शंकराचार्य बोले- अब यह पूरे देश का मामला शंकराचार्य ने कहा- अब यह पूरे देश का मामला है। यह प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति का देश है। अगर उनके देश में इतनी बड़ी बात उठ गई हो कि देश का शंकराचार्य दुराचारी हो गया है, तो यह गंभीर विषय है। दूसरी ओर अगर देश में शंकराचार्य जैसे निष्कलंक व्यक्ति पर कहानी बनाकर इतना बड़ा कलंक लगाया गया है, तो यह भी उतना ही गंभीर प्रश्न है। अब यह परीक्षा है कि इतने बड़े मामले पर देश कैसे प्रतिक्रिया करता है। शंकराचार्य ने कहा-18 जनवरी के बाद यह व्यक्ति सामने आया और उसने पहला मुकदमा दर्ज कराया। फिर ईमेल किया और फिर न जाने कितने मुकदमे दर्ज करा दिए गए। अजय पाल शर्मा वहां नियुक्त थे। मैंने उनका चित्र दिखाया है, जिसमें महाराज का जन्मदिन मनाया जा रहा है। ये तस्वीरें हमें जनता भेज रही है। जनता कह रही है कि आखिर उनसे क्या जांच की उम्मीद की जाए। वे तो उनके साथ सेलिब्रेशन कर रहे हैं। कभी-कभी एक तस्वीर बहुत कुछ कह देती है। अब जानिए पूरा मामला... प्रयागराज माघ मेले में 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य और प्रशासन के बीच विवाद हुआ। इसके 8 दिन बाद यानी 24 जनवरी को जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। शिकायत में माघ मेला-2026 और महाकुंभ-2025 के दौरान बच्चों से यौन शोषण के आरोप लगाए। पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए 8 फरवरी को स्पेशल पॉक्सो कोर्ट का रुख किया। 13 फरवरी को दो बच्चों को कोर्ट में पेश किया। 21 फरवरी को उनके बयान दर्ज हुए। कोर्ट के आदेश पर उसी दिन झूंसी थाने में FIR दर्ज की गई। FIR में शंकराचार्य, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2-3 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया। रविवार को पुलिस आशुतोष महाराज के साथ माघ मेला क्षेत्र पहुंची और उस जगह का निरीक्षण किया, जहां शंकराचार्य का शिविर लगा था। --------- यह खबर भी पढ़िए... शंकराचार्य को गिरफ्तारी का डर, हाईकोर्ट पहुंचे:युवक का दावा-आशुतोष महाराज ने लालच दिया, अविमुक्‍तेश्‍वरानंद को फंसवा दो शंकराचार्य ने प्रयागराज के एडिशनल पुलिस कमिश्नर और आरोप लगाने वाले आशुतोष महाराज की तस्वीर दिखाई। बच्चों से यौन शोषण मामले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। उन्हें डर है कि प्रयागराज पुलिस उनकी गिरफ्तारी कर सकती है। इस बीच, शाहजहांपुर में रहने वाले रमाकांत दीक्षित ने शंकराचार्य पर FIR कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कहा कि आशुतोष पांडेय ने उसे अपनी नाबालिग बेटियों के जरिए शंकराचार्य को फंसाने का लालच दिया था। उसका दावा है कि उसने ऐसी साजिश रचने से इनकार कर दिया। यह बात उसने शंकराचार्य को वाराणसी पहुंचकर बताई है। पूरी खबर पढ़ें
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