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    शकुंतला विश्वविद्यालय प्रयागराज-वाराणसी में खोलेगा रीजनल सेंटर:कुलपति बोले- दिव्यांग छात्रों को घर के पास मिलेगी उच्च शिक्षा

    20 hours ago

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    दिव्यांग छात्रों को केवल औपचारिक शिक्षा तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम और रोजगारपरक बनाना समय की आवश्यकता है। डॉ.शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय बहुत जल्द प्रयागराज और वाराणसी में रीजनल सेंटर खोलने जा रहा हैं। इस पहल से आर्थिक, सामाजिक या शारीरिक कारणों से लखनऊ नहीं आ पाने वाले दिव्यांग छात्रों को उनके घर के पास गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। ये कहना है डॉ.शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.संजय सिंह का। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय की प्राथमिकता दिव्यांग छात्रों को शिक्षा और रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है। यह बातें कुलपति ने इलाहाबाद संग्रहालय एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “अनुभव वीथिका” और विशेष प्रदर्शनी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कहीं। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। स्टूडेंट्स के आत्मविश्वास को बढ़ाने पर जोर प्रो.संजय सिंह ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन के लिए तैयार करना है और दिव्यांगजन समाज की मुख्यधारा का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने “अनुभव वीथिका” जैसी पहल को दिव्यांग बच्चों के अनुभवात्मक अधिगम और आत्मविश्वास बढ़ाने की दिशा में सराहनीय बताया। प्रदर्शनी के बाद आयोजित समन्वय बैठक में जिला प्रशासन, विभिन्न विभागाध्यक्षों और भारतीय पुनर्वास परिषद से मान्यता प्राप्त स्वैच्छिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में दिव्यांगजनों को उच्च शिक्षा, कौशल विकास, डिजिटल शिक्षा और रोजगार से जोड़ने पर विस्तृत चर्चा हुई। बिना राइटर पास कर रहे स्टूडेंट्स उन्होंने विश्वविद्यालय की विभिन्न पहलों की जानकारी देते हुए बताया कि संस्थान में दृष्टिबाधित, श्रवण बाधित और बहुविकलांग दिव्यांगों के लिए तकनीकी आधारित वातावरण विकसित किया जा रहा है। विश्वविद्यालय में स्क्रीन रीडर युक्त कम्प्यूटर लैब, ब्रेल संसाधन, सांकेतिक भाषा सहायता, मनोसामाजिक परामर्श सेवाएं, कौशल विकास प्रशिक्षण और रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। वर्तमान शैक्षिक सत्र में 13 दृष्टिबाधित स्टूडेंट्स द्वारा बिना राइटर के कम्प्यूटर के माध्यम से परीक्षा पास करना विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया। ये भी रहे मौजूद कार्यक्रम में डॉ. विजय शंकर शर्मा, अभय कुमार श्रीवास्तव, अशोक कुमार गौतम, डॉ. दुष्यंत त्यागी, डॉ. श्याम सिंह, समाजसेवी नारायण यादव, विपिन कुमार कुशवाहा, जितेंद्र यादव, संदीप शुक्ला और संदेश मिश्रा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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