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    'शादी नहीं की तो मेरी बेटी को मार डाला':वाराणसी में M.Sc छात्रा के पिता बोले- वो प्यार नहीं, प्रॉपर्टी चाहता था; खूब ब्लैकमेल किया

    12 hours ago

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    “मेरी श्रेया कहीं फंसती थी, तो फोन जरूर करती थी। उस दिन हमने ढाई बजे से फोन करना शुरू किया, लेकिन उसने एक बार भी फोन नहीं उठाया। इसके बाद मेरी बेटी कभी नहीं लौटी। उसकी हत्या की गई, मेरी बेटी को न्याय चाहिए।" यह कहते-कहते वाराणसी में श्रेया की मां बेहोश हो गईं। उन्हें अब भी वह सुबह याद है, जब M.Sc छात्रा श्रेया उपाध्याय (22) रोज की तरह कॉलेज जाने के लिए घर से निकली थी। लेकिन, उसकी लाश दोस्त विवेक चौबे के घर बाथरूम में मिली। बाहर से दरवाजा बंद था। होश में आने पर मां ने कहा- विवेक चौबे ने मेरी बेटी को खूब ब्लैकमेल किया। पिता रोते हुए कहने लगे- विवेक मेरी इकलौती बेटी श्रेया से प्यार नहीं करता था, बल्कि उसकी नजर मेरी प्रॉपर्टी पर थी। जिससे उसे मेरी प्रॉपर्टी मिल जाए। श्रेया उससे शादी नहीं करना चाहती थी, तभी हमने उसकी दूसरी जगह शादी तय की थी। इसके बाद विवेक ने श्रेया पर शादी के लिए दबाव बनाया, उसकी मां को धमकी तक दी। फिर कॉलेज जाते समय बेटी को अपने कमरे पर ले गया और हत्या कर दी। 20 अगस्त (गुरुवार) की दोपहर करीब 1.30 बजे श्रेया की लाश घर से 5 किमी दूर विवेक के किराए वाले कमरे के बाथरूम में मिली थी। श्रेया के परिवार का दर्द और पूरी कहानी जानने दैनिक भास्कर की टीम शहर से 22 किमी दूर राजातालाब मरुई-जमुनी गांव पहुंची औ घरवालों से बात की। पढ़िए घरवालों ने क्या कहा… पिता बोले- बेटी ने कहा था, विवेक से शादी नहीं करूंगी श्रेया की मां रीता उपाध्याय कहती हैं- लोग अफवाह उड़ा रहे कि मेरी बेटी घर से भाग कर गई थी। लेकिन, ऐसा नहीं है। वह भागी नहीं थी। वह रोज जैसे कॉलेज जाती थी, वैसे ही गई थी। मेरी बेटी गलत नहीं थी। अगर वह गलत होती, तो शायद आज जिंदा होती। पिता सुनील उपाध्याय ने कहा- विवेक ने करीब डेढ़ साल पहले शादी की बात रखी थी। परिवार इसके लिए तैयार नहीं हुआ। मैंने श्रेया से पूछा, तो उसने भी मना कर दिया। बेटी ने कहा था कि पापा, मैं इससे शादी नहीं करूंगी। हमने विवेक और उसके रिश्तेदारों को समझाया था। हमारे पड़ोसी, जो विवेक के रिश्तेदार हैं, उन्होंने भरोसा भी दिलाया कि अब वह श्रेया को परेशान नहीं करेगा। विवेक ने धमकाया था, मैं भी देखूंगा कैसे शादी होती है पिता सुनील उपाध्याय ने कहा- विवेक को उसके रिश्तेदारों ने समझाया होगा। कुछ समय तक वह ठीक रहा, लेकिन कुछ समय बाद फिर आने-जाने लगा। वह श्रेया से शादी करने की बात करता रहा। हमने पास के ही गांव में श्रेया की शादी तय कर दी। सगाई हो गई और फरवरी- 2027 में शादी की तारीख रखी गई थी। इसके बाद विवेक आक्रामक हो गया। उसने श्रेया की मां को धमकी दी थी कि मैं भी देखूंगा कैसे शादी होती है। अब विवेक ने मेरी बेटी को मार डाला। श्रेया की बुआ ने कहा कि विवेक श्रेया के पिता को जान से मारने की धमकी दे चुका था। विवेक बस श्रेया से शादी करना चाहता था, लेकिन श्रेया डर और दबाव की वजह से चुप थी। भाई बोला- हमने ताला तोड़ने को कहा, पुलिस नहीं मानी श्रेया के चचेरे भाई अंशुमान उपाध्याय ने कहा- पुलिस की लापरवाही से विवेक फरार हुआ। 18 अगस्त को शाम तक जब श्रेया नहीं लौटी, तो मैं पुलिस स्टेशन गया था। पुलिस से श्रेया के फोन की लोकेशन निकलवाई। उसकी लोकेशन बच्छांव इलाके में मिल रही थी। यही वह इलाका था, जहां विवेक का किराए का कमरा था। लोकेशन मिलने के बाद मैं खुद वहां गया। वहां कुछ पता नहीं चला। बाद में पुलिस को भी बताया। थाना इंचार्ज पुलिसकर्मियों के साथ दोबारा मौके पर पहुंचे। कमरे पर ताला लगा था। हमने पुलिस से कहा कि मोबाइल की लोकेशन यहां की है। ताला तोड़कर अंदर पता कीजिए, मोबाइल निकालिए। लेकिन, पुलिस नहीं मानी। परिवार से पुलिस बोली- दोनों बालिग हैं, कहीं चले गए होंगे परिवार का आरोप है कि पुलिस ने ताला नहीं तोड़ा। पुलिस ने बताया कि ऐसा करने का अधिकार नहीं है। यह भी कहा कि दोनों बालिग हैं। संभव है कि कहीं चले गए हों। परिवारवालों ने आसपास के लोगों से पूछताछ की। वहां यह बात सामने आई कि लड़की यहां से जा चुकी है। इसके बाद पुलिस टीम वहां से लौट गई। चचेरे भाई ने कहा- अगर पुलिस रात में ही दरवाजा तोड़ देती, तो वहां पता चलता कि श्रेया शायद जिंदा हो। अगर कुछ भी हो गया था, तब भी अपराधी को भागने का इतना समय नहीं मिलता। हम उसे जल्दी पकड़ सकते थे। परिवार ने खुद ढूंढा, तब श्रेया की लाश मिली घरवालों ने बताया कि हम लोगों ने श्रेया को अगले दिन भी ढूंढना जारी रखा। हम लोग विवेक के बारे में जानकारी जुटाते रहे और उसके संभावित ठिकानों पर पहुंचते रहे। इसी दौरान परिवार विवेक के रिश्तेदारों के यहां पहुंचा। वहां उसका बैग मिला। जिसमें उसके किराए के कमरे की चाबी थी। जिस कमरे तक हम लोग पहले पुलिस के साथ पहुंच चुके थे, चाबी लेकर फिर बच्छांव में उसी कमरे पर पहुंचे। मां को उम्मीद थी कि शायद बेटी के बारे में कोई सुराग मिलेगा। लेकिन, दरवाजा खोलते ही अंदर से तेज बदबू आने लगी। परिवार अंदर पहुंचा और बाथरूम में देखा, तो श्रेया का शव सड़ा-गला पड़ा था। विवेक श्रेया को कैसे जानता था, जानिए ------------------------------ ये खबर भी पढ़िए- लखनऊ में मैनेजर पत्नी ने डेढ़ करोड़ मांगे थे, ननद के साथ नहीं रहना चाहती थी, SBI अफसर ने 30 मिनट में पूरा परिवार खत्म किया लखनऊ हत्याकांड… 2 दिन रेकी, 30 मिनट में 2 हत्याएं और सुसाइड। पुलिस की शुरुआती जांच में वारदात की 2 वजह सामने आई हैं। पहली- बैंक मैनेजर दिव्या मिश्रा ने तलाक के लिए SBI अफसर पति मानस बाजपेयी से डेढ़ करोड़ रुपए गुजारा-भत्ता (एलिमनी) मांग रही थी। दूसरी- दिव्या, मानस की मानसिक बीमार बहन शीबा के साथ नहीं रहना चाहती थी। पढ़ें पूरी खबर…
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