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    टीबी को मात देकर चैंपियन बने अंकित:दूसरों के लिए उम्मीद की किरण, चौपाल-सोशल मीडिया से लोगों को जागरूक कर रहे

    1 hour ago

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    बहराइच में टीबी उन्मूलन अभियान में अब इस बीमारी को मात दे चुके लोग 'टीबी चैंपियन' बनकर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कैसरगंज क्षेत्र के हैदरपुर नौबस्ता निवासी 19 वर्षीय अंकित वर्मा इनमें से एक हैं। वह गांवों में चौपाल और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को समय पर जांच और पूरा इलाज लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। अंकित वर्मा प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं। वर्ष 2023 में उन्हें लगातार बुखार और कमजोरी महसूस हुई। जांच कराने पर उनके फेफड़ों में पानी भरने के साथ टीबी की पुष्टि हुई। इस खबर से वह घबरा गए थे और कुछ लोगों ने उनसे दूरी भी बना ली थी। हालांकि, पिता के हौसले और डॉक्टरों की सलाह पर उन्होंने सरकारी अस्पताल में इलाज शुरू किया। छह महीने तक नियमित दवा लेने के बाद वह पूरी तरह स्वस्थ हो गए। अपनी बीमारी से उबरने के बाद उन्होंने दूसरों की मदद करने का संकल्प लिया। स्वस्थ होने के बाद अंकित ने वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर संस्था से प्रशिक्षण लिया और 'टीबी चैंपियन' के रूप में काम शुरू किया। वह लोगों को टीबी के प्रति जागरूक करते हैं और उन्हें बीमारी न छिपाने की सलाह देते हैं। वह यह भी बताते हैं कि हर खांसी टीबी नहीं होती। पिछले 10 महीनों में अंकित ने 45 संभावित मरीजों को जांच के लिए प्रेरित किया। इनमें से सात लोगों में टीबी की पुष्टि हुई, जिनमें से तीन मरीज इलाज के बाद पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। जिले में तैयार किए गए 419 टीबी चैंपियन वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर के जिला समन्वयक विकास सिंह ने बताया कि जिले में अब तक टीबी से उबर चुके 419 लोगों को टीबी चैंपियन के रूप में प्रशिक्षित किया गया है। इनकी मदद से 2,304 बैठकों के माध्यम से 34 हजार से अधिक लोगों तक जागरूकता का संदेश पहुंचाया जा चुका है। सरकारी अस्पतालों में इलाज पूरी तरह निशुल्क जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एम.एल. वर्मा ने बताया कि सभी सरकारी अस्पतालों में टीबी की जांच और इलाज पूरी तरह निःशुल्क है, इसलिए किसी भी लक्षण -दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार, वजन कम होना या लगातार कमजोरी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इस वित्तीय वर्ष में जिले में अब तक 4,885 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 3,654 मरीजों का इलाज चल रहा है।
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