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    थाईलैंड के साइबर फ्रॉड गैंग का मददगार गिरफ्तार:प्रयागराज से उपलब्ध कराता था एकाउंट, सात राज्यों से मिली थी शिकायत

    1 hour ago

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    प्रयागराज में थाइलैंड से चल रहे साइबर फ्रॉड गिरोह का मददगार गिरफ्तार हुआ है। वह न सिर्फ थाईलैंड बल्कि लाओस, कंबोडिया जैसे देशों से चल रहे साइबर ठग रैकेट को बैंक अकाउंट उपलब्ध कराता था। उसने अपने गांव के ही कई लोगों को लालच देकर उनके खाते खुलवाए और फिर इन खातों का यूजरआईडी-पासवर्ड एजेंटों के जरिए रैकेट के सदस्यों को उपलब्ध कराए दिए। कौंधियारा का रहने वाला आरोपी विपिन मिश्रा उर्फ बबलू ग्राम गिधौरा थाना कौंधियारा का रहने वाला है। साइबर थाना पुलिस का दावा है कि थाईलैंड, लाओस व कंबोडिया) से डिजिटल अरेस्ट/पार्ट टाइम जॉब/इनवेस्टमेन्ट के नाम पर साइबर ठगी का खेल चल रहा है। इसमें इस्तेमाल किए जाने वाले म्यूल बैंक खातों को उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण परिवेश के लोगों को गुमराह कर उनके खातों को कमीशन बेसिस पर बेचने का काम विपिन करता था। ऐसे फंसाते थे लोगों को अपनी बातों में पूछताछ में उसने बताया कि अपने साथी राज मिश्रा व अन्य की मदद से वह गांव के लोगों को सरकारी योजना अथवा नौकरी का झांसा, पैसे का लालच देकर उनका बैंक अकाउंट खुलवाते थे। इसके बाद चेकबुक, ए0टी0एम0, इंटरनेट बैंकिंग क्रेडेंशियल लेकर उसके मोबाइल में ओटीपी फॉरवर्डर एप कर देते हैं। फिर बैंक अकाउंट क्रेडेंशियल विदेश में बैठे रैकेट के सदस्यों को उपलब्ध करा देते हैं। कमीशन के फेर में करते थे खेल रैकेट के सदस्य इन्हीं खातों में ठगी की रकम मंगवाते हैं और फिर उन्हें अलग-अलग खातों में रेगुलेट करके क्रिप्टोकरेंसी खरीद कर इसे ऑनलाइन अपने खातों में मंगवा लेते हैं। विपिन ने बताया कि खाते उपलब्ध कराने के एवज में उन्हें अच्छा कमीशन मिल जाता है। कई सवालों का जवाब साइबर थाना पुलिस के पास नहीं साइबर थाना पुलिस म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वाले को गिरफ्तार कर नेटवर्क की एक अहम कड़ी तक पहुंचने का दावा कर रही है। हालांकि कई सवालों के जवाब उसके पास अब भी नहीं हैं। मसलन कौंधियारा के रहने वाले युवक आखिर थाईलैंड में बैठे साइबर ठग रैकेट के संपर्क में कैसे आए। विदेशों से संचालित इन रैकेट का भारत में मॉडस ऑपरेंडी क्या हैं। ठगी के बाद उड़ाई गई रकम से कि्रप्टोकरेंसी खरीदने व इन्हें विदेशों तक किस नेटवर्क के जरिए भेजा जाता है और इनमें कौन-कौन शामिल हैं। इस मामले में थाना प्रभारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह अवकाश पर हैं। उधर प्रभारी इंस्पेक्टर आलमगीर ने सीयूजी नंबर पर संपर्क करने पर भी जवाब नहीं दिया।
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