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    'ठाकुर हूं' कहने वाली बोली-मन कर रहा सुसाइड कर लूं:मेरे चरित्र पर दाग लगाया, ऋतु त्रिपाठी को शर्म आनी चाहिए

    14 hours ago

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    ‘मैं ठाकुर हूं’ कहने के बाद चर्चा में आई HDFC बैंक की रिलेशनशिप मैनेजर आस्था सिंह भदौरिया ने कहा कि उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। वह मानसिक तनाव में हैं और उन्हें ऐसा लग रहा है कि सुसाइड कर लें। आस्था ने कहा कि ऋतु त्रिपाठी ने सीधे उनके चरित्र पर उंगली उठाई है। जब लोगों को कुछ नहीं मिलता, तो वे महिलाओं के चरित्र पर सवाल उठाने लगते हैं। उन्होंने कहा कि उनके चरित्र से बड़ा दाग और क्या लगाया जा सकता है। ऋतु को शर्म आनी चाहिए, क्योंकि गलती उनके पति की है। दरअसल, कानपुर का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें HDFC बैंक की कर्मचारी आस्था सिंह दूसरी कर्मचारी ऋतु त्रिपाठी और उनके पति से कहती नजर आ रही हैं— “मैं ठाकुर हूं, तेरी ऐसी की तैसी कर दूंगी।” गुस्से में वह लैपटॉप उठाकर किसी पर हमला करने की कोशिश करती भी दिखाई देती हैं। 6 जनवरी का यह वीडियो 8 फरवरी को सामने आया था। वीडियो के वायरल होने के बाद आस्था और ऋतु के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है। दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगा रही हैं। दैनिक भास्कर एप की टीम ने इस पूरे मामले पर आस्था सिंह से बातचीत की। आस्था बोलीं—मुझे डीफेम किया गया दैनिक भास्कर रिपोर्टर से बात करते हुए आस्था ने बताया कि उन्होंने पूरे मामले की शिकायत पनकी थाने में की है और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई चाहती हैं। उन्होंने कहा, “मुझे डीफेम किया गया है। मैं मानहानि का केस करूंगी। जाति को लेकर सिर्फ ‘ठाकुर’ शब्द का मुद्दा बनाया गया। आपने मेरी जाति पूछी, तो मैंने कहा कि मैं ठाकुर हूं और मुझसे तमीज से पेश आने को कहा। इसके बाद एक महीने बाद वीडियो इरादतन वायरल किया गया।” उन्होंने कहा कि जब कोई ठोस बात नहीं मिली तो भावनात्मक तरीके से मामला पेश किया गया। सेल्स जॉब में बाहर जाना काम का हिस्सा ऋतु के सीनियर्स के साथ घूमने-फिरने के आरोपों पर आस्था ने कहा कि उनकी प्रोफाइल सेल्स की है, जिसमें बाहर जाकर क्लाइंट्स से मिलना और विजिट करना नौकरी का हिस्सा होता है। उन्होंने कहा, “सेल्स की जॉब में बाहर निकलना पड़ता है, कॉल पर जाना और क्लाइंट्स से मिलना पड़ता है। मैं इंसेक्योर नहीं हूं। जब कुछ नहीं मिला तो मेरे चरित्र पर सवाल उठाए गए।” नया कर्मचारी पुराने को कैसे धमका सकता? आस्था के मुताबिक वह 15 दिसंबर 2025 से बैंक में कार्यरत हैं, जबकि ऋतु त्रिपाठी खुद पांच साल से वहां काम करने की बात कह रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि 15 दिन पहले जॉइन करने वाला कर्मचारी पांच साल पुराने कर्मचारी को कैसे धमका सकता है। ऋतु के पति और ननद सामने क्यों नहीं आ रहे? आस्था ने कहा- मेरा ऋतु के पति और ननद से विवाद हुआ। वो दोनों सामने क्यों नहीं आ रहे हैं। ऐसी क्या मजबूरी पड़ गई कि ऋतु त्रिपाठी को आकर सामना करना पड़ रहा है। ऋतु बोलीं- मैं कानपुर की बेटी हूं, इज्जत बचाएं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर ऋतु त्रिपाठी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वह कह रही हैं कि जिसके परिवार की बेज्जती हुई, वह मैं हूं। जिसको गालियां सुनाई गईं वह मैं हूं। इतना सब होने के बाद भी मैंने वीडियो वायरल नहीं किया।झठे वीडियो वायरल करके रानी लक्ष्मीबाई बनने की चाहत नहीं है मेरे अंदर। मैं ब्राह्मण हूं, मुझे इस बात का गर्व है। मेरी सभी से प्रार्थना है कि मैं कानपुर की बेटी हूं। इस ब्राह्मण बेटी की इज्जत बचाएं, मुझे सपोर्ट करें। अगर मैं गलत नहीं हूं तो मेरी मदद करें। ------------- ये खबर भी पढ़ें… लेम्बोर्गिनी कांड-अरबपति कारोबारी का बेटा गिरफ्तार: VIDEO बनाने पर भड़का; पिता की बचाने की कोशिशें नाकाम, नकली ड्राइवर तक पेश किया कानपुर में तेज रफ्तार लेम्बोर्गिनी से 6 लोगों को टक्कर मारने वाला अरबपति कारोबारी का बेटा आखिरकार गिरफ्तार हो गया। तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा ने अपने बेटे को बचाने की तमाम कोशिशें कीं, लेकिन नाकाम रहीं। पहले घटनास्थल से बेटे को हटवाया, फिर कहा कि मेरा बेटा गाड़ी नहीं चला रहा था। पुलिस को मैनेज करने की कोशिश की गई, लेकिन मामला सीएम योगी तक पहुंच गया। जब यह पैतरा एक्सपोज हो गया तो पुलिस कमिश्नर को ही झूठा करार दिया। पढ़ें पूरी खबर...
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