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    दृष्टिबाधित छात्रों को मिले 25 AI स्मार्ट ग्लास:डॉ. शकुन्तला मिश्रा विश्वविद्यालय में शिक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा

    1 hour ago

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    तकनीक जब संवेदनशीलता के साथ जुड़ती है, तो जिंदगी बदल जाती है। कुछ ऐसा ही नजारा डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के कॉलेज फॉर डेफ परिसर में देखने को मिला, जहां एरीज एग्रो लिमिटेड ने अपनी सीएसआर पहल के तहत दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को 25 ‘ज्योति एआई स्मार्ट ग्लास’ वितरित किए। इनमें 20 वर्तमान छात्र-छात्राएं और 5 पूर्व विद्यार्थी शामिल हैं। कार्यक्रम में कुलसचिव रोहित सिंह ने कहा कि इस तरह की तकनीक दृष्टिबाधित छात्रों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विश्वविद्यालय ऐसे नवाचारों के साथ हमेशा खड़ा रहेगा। कुलपति बोले- आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम कुलपति आचार्य संजय सिंह ने इसे परिवर्तनकारी पहल बताते हुए कहा कि यह स्मार्ट ग्लास विद्यार्थियों को शिक्षा में समान अवसर देने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बना रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी ऐसे तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देता रहेगा। अब ‘आंखों’ की तरह काम करेगा एआई ग्लास ‘ज्योति एआई स्मार्ट ग्लास’ दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इसकी मदद से छात्र किताबें पढ़ पा रहे हैं, आसपास की वस्तुओं को पहचान रहे हैं और आसानी से रास्ता भी खोज पा रहे हैं। इससे उनकी पढ़ाई और रोजमर्रा की जिंदगी दोनों आसान हो गई हैं। टॉर्चित (Torchit) द्वारा विकसित इस स्मार्ट डिवाइस में टेक्स्ट-टू-स्पीच, ऑब्जेक्ट पहचान, नेविगेशन और रीयल-टाइम जानकारी जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। कई छात्र अब बिना स्क्राइब के परीक्षा देने में सक्षम हो रहे हैं, जो उनके आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दे रहा है। 7.25 लाख की तकनीक छात्रों को मिली एक स्मार्ट ग्लास की कीमत करीब 29 हजार रुपये है। इस हिसाब से 25 ग्लास के वितरण से करीब 7 लाख 25 हजार रुपये की तकनीक विद्यार्थियों तक पहुंचाई गई।कार्यक्रम में एरीज एग्रो लिमिटेड के अधिकारियों सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, अधिकारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। टॉर्चित की टीम ने डिवाइस का लाइव डेमो देकर उपयोग की ट्रेनिंग भी दी। सभी ने इस पहल को समाज के लिए प्रेरणादायक और उपयोगी बताया।
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