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    धागा कारोबारी से रंगदारी वसूलने वाला दरोगा अरेस्ट:प्रयागराज में FIR रद्द कराने की कर रहे थे तैयारी, आज मेरठ लेकर पहुंचेगी पुलिस

    14 hours ago

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    मेरठ के धागा कारोबारी से रंगदारी वसूलने वाले दोनों दरोगा गिरफ्तार हो गए हैं। दोनों पिछले काफी समय से प्रयागराज में रहकर गिरफ्तारी स्टे लेने की तैयारी कर रहे थे। पुलिस को भनक लग गई। शुक्रवार शाम एक अधिवक्ता के चेंबर से पुलिस ने दोनों को धर दबोचा। शनिवार सुबह तक पुलिस दोनों को लेकर मेरठ पहुंच जाएगी। दरअस, मेरठ पुलिस को इनपुट मिला था कि यह दोनों कोर्ट से राहत के लिए प्रयागराज में हैं। पुलिस वहां पहुंच गई। शुक्रवार को सूचना मिली कि दोनों दरोगा कचहरी में एक अधिवक्ता के पास आने वाले हैं। ऐसे में पुलिस ने अधिवक्ता के चैंबर की घेराबंदी कर ली। शाम को जैसे ही दरोगा लोकेंद्र साहू व महेश गंगवार वकील के चैंबर में पहुंचे, पुलिस ने दोनों को दबोच लिया। बताया जाता है कि दोनों ने भागने का काफी प्रयास किया लेकिन वह सफल नहीं हुए। अब पुलिस दोनों को मेरठ के लिए लेकर रवाना हो गई है। यहां लाकर दोनों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। दोनों दरोगा पर मेरठ में इन धाराओं में मुकदमा दर्ज है अब विस्तार से जानिए पूरा मामला… शहर के इस्लामाबाद रिक्शा रोड निवासी रासिख पुत्र स्व. इदरीस की दक्षिणी इस्लामाबाद में एमएसआरएस टैक्सटाइल नाम की फर्म है। 8 आठ दिसंबर को नौचंदी के पास से अपनी दुकान से लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में आजाद रोड पर एक कार आकर रुकी। इसमें पुलिस के दो दरोगा मौजूद थे। एक दरोगा कार से नीचे उतरा और उसने जबरन रासिख को गाड़ी में डाल लिया। धमकाते हुए कहा कि फंडिंग करता है। तेरे पर रासुका लगाएंगे। दोनों दरोगा उसे हापुड़ ले गए रासिख ने बताया- दोनों दरोगा उसे हापुड़ ले गए। उस पर हवाला का पैसा मंगाकर फंडिंग करने का आरोप लगाया। रास्ते भर उसे बुरी तरह टार्चर किया, जिससे उसकी तबियत बिगड़ने लगी। हापुड़ ले जाकर गोली मारने की धमकी दी। हवाला में पैसा लगाने का आरोप लगाया। हापुड़ से लौटते वक्त दोनों दरोगा रासिख को अल्लीपुर के जंगल ले गए। वहां मनमानी वीडियो बनवाई। इतना डरा दिया कि रासिख खुद को बचाने के लिए वही करने लगा जो दरोगा बोलते गए। 50 लाख रुपये लाने का बनाया दबाव दोनों दरोगाओं ने उस पर तत्काल 50 लाख रुपये की व्यवस्था करने का दबाव बनाया। कहा- रकम आते ही छोड़ देंगे। नहीं तो गोली मारकर जेल भेज देंगे। रासिख ने कहा कि इतनी बड़ी रकम की एकाएक व्यवस्था करना संभव नहीं है। इसके बाद दोनों दरोगाओं ने 20 लाख रुपये की डिमांड कर दी। रासिख ने अपने बहनोई नईम को फोन किया और रुपये लेकर आने के लिए कहा। रासिख को दोनों दरोगाओं ने कार में ही बंधक बनाकर रखा। अपनी कार अलीपुर चौराहे पर सुनसान जगह पर खड़ी कर दी। थोड़ी देर बाद रासिख के बहनोई नईम अपने रिश्तेदार के साथ 14 लाख रुपये लेकर मौके पर पहुंचे और बैग दोनों दरोगाओं को थमा दिया। 6 लाख रुपये कम बताकर जल्द व्यवस्था करने की बात कहते हुए दोनों दरोगा रासिख को वहीं छोड़कर चले गए। घर पहुंचने के बाद रासिख ने किसी को कुछ नहीं बताया। अगले दिन छह लाख रुपये की व्यवस्था की और दरोगाओं के बताए स्थान पर पहुंच गए। तब एक दरोगा बोला- कल 14 नहीं 13 लाख रुपये लाए थे। अब एक लाख और लाकर दे। इस बार शहर में ही वह रकम ले लेंगे। उन्होंने एक लाख रुपये लेकर नौचंदी मैदान में बुला लिया। दिल्ली ब्लास्ट में फंसाने की धमकी रासिख ने बताया कि दरोगाओं के कहे अनुसार वह एक लाख रुपये लेकर नौचंदी मैदान पहुंच गए। यहां दरोगा ने रकम ली और धमकी दी कि अगर कहीं मुंह खोला तो इस बार दिल्ली ब्लास्ट में तुझे फंसा देंगे। पूरी जिंदगी जेल की सलाखों के पीछे सड़ता रहेगा। तेरे परिवार को भी शांति से जीने नहीं देंगे। रुपये देकर रासिख व नईम जब लौटने लगे तो दोनों दरोगा ने आवाज लगाकर उन्हें बुला लिया। दरोगा बोले- मुंह खोला तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना। उनके पास उसकी वीडियो है, जिसमें वह फंडिंग की बात खुद कुबूल कर रहा है। वह उस वीडियो को वायरल कर देंगे और उसे दिल्ली ब्लास्ट में फंसा देंगे। पुलिस अफसर बनकर आए फरिश्ते दोनों दरोगा की धमकी से परेशान होकर रासिख कुछ दिन चुप रहे, लेकिन एक दिन हिम्मत करके वह एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह के दफ्तर पहुंच गए। उन्हें सिलसिलेवार पूरी घटना बता दी। एसपी सिटी ने उच्चाधिकारियों के संज्ञान में मामला डाला और रासिख को मदद का भरोसा दिलाया। एसएसपी अविनाश पांडेय व एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का पहला मकसद कारोबारी को उसकी रकम लौटाना था। जैसे ही उन्हें पता चला कि 14 लाख वापस हो गए हैं, उन्होंने बिना देर किए दोनों दरोगाओं के विरूद्ध गंभीर धाराओं में FiR करा दी। इसके बाद दोनों दरोगा फरार हो गए। प्रयागराज में मिल रही थी लोकेशन पुलिस की टीमें लोकेंद्र साहू व महेश गंगवार को ढूंढ रहीं थीं। शुरुआत में ही दोनों की लोकेशन प्रयागराज मिली। पुलिस ने दबिश दी लेकिन दोनों फरार हो गए। दरअसल, दोनों अग्रिम जमानत के साथ ही एफआईआर खत्म कराने का कानूनी रास्ता ढूंढ रहे थे। ---------------------
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