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    UP में 2017 से पहले भर्तियों में चलता था सैफई सिंडिकेट, Yogi Adityanath ने साधा निशाना

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    लखनऊ,छह नवंबर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में नियुक्तियों का मतलब केवल सैफई सिंडिकेट हुआ करता था और पारदर्शी एवं ईमानदार भर्ती युवाओं के लिए दिवास्वप्न थी। योगी ने कहा कि पहले परीक्षा में शामिल कोई और होता था तथा नियुक्ति पत्र किसी दूसरे व्यक्ति को मिल जाता था। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाली इस व्यवस्था को पूरी तरह खत्म कर दिया है।मुख्यमंत्री ने धनतेरस के अवसर पर लखनऊ की रिजर्व पुलिस लाइंस में उत्तर प्रदेश पुलिस के 4,543 नवचयनित उपनिरीक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि युवाओं को सरकारी नौकरी देने और नियुक्ति पत्र बांटने का सिलसिला लगातार जारी रहेगा, दीपावली के बाद भैया दूज के अगले दिन राजस्व विभाग के 1,200 से अधिक चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इसके बाद होमगार्ड के चयनित अभ्यर्थियों, पुलिस के 32 हजार कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल तथा करीब 25 हजार शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।योगी ने कहा कि पुलिस भर्ती के अभ्यर्थियों का सत्यापन चल रहा है, जबकि शिक्षकों की नियुक्ति पत्र के वितरण के लिए समय मांगा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह तीसरी बार भी नियुक्ति पत्र वितरण का कार्यक्रम आयोजित करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले भर्ती प्रक्रिया कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित रहती थी, लेकिन अब सभी जिलों के युवाओं को योग्यता के आधार पर समान अवसर मिल रहे हैं और नियुक्ति पत्र देना सरकार की कृपा नहीं, बल्कि उसका कर्तव्य है।उनके अनुसार, युवाओं की प्रतिभा का सम्मान और उन्हें अवसर देना किसी भी सरकार की जिम्मेदारी है। एक सरकारी बयान के मुताबिक, पिछले साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश पुलिस में 2.26 लाख से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों की भर्ती हुई है, जबकि विभिन्न विभागों में 9.5 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में पुलिस के सामने प्रशिक्षण और आधारभूत सुविधाओं की कमी बड़ी चुनौती थी।अब एक साथ 60 हजार पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देने की क्षमता विकसित हो चुकी है। इसके अलावा 56 जिलों में पुलिसकर्मियों के लिए बहुमंजिला आवासीय भवन बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार देने और प्रदेश की प्रतिभा का उपयोग राज्य की समृद्धि के लिए करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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