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    UP में पशुओं का भी होगा जीवन बीमा:85% प्रीमियम सरकार देगी, पशु के मौत-विकलांग होने पर मिलेगी मदद; ऐसे करें आवेदन

    5 hours ago

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    यूपी में 2 लाख 28 हजार से ज्यादा पशुओं का बीमा कराया जाएगा। यूपी सरकार ने 'मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना' को मंजूरी दी है। इसके लिए 60 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। बीमा प्रीमियम का 85% हिस्सा सरकार देगी, जबकि 15% रकम पशुपालक को जमा करनी होगी। यह योजना प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू होगी। पूरी रिपोर्ट पढ़िए… बीमा के लिए ऐसे करें आवेदन इस योजना का फायदा पाने के लिए पशुपालक को अपने नजदीकी सरकारी पशु अस्पताल में आवेदन करना होगा। आवेदन के बाद पशु का मेडिकल चेक-अप होगा और उसके कान में 12 अंकों वाला बीमा टैग लगाया जाएगा। टैग लगने के बाद ही बीमा मान्य होगा। योजना से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि इसका शासनादेश (जीओ) इसी सप्ताह जारी हो सकता है। इसके बाद कार्ययोजना लागू की जाएगी और कंपनी के चयन, वर्करों की नियुक्ति समेत अन्य औपचारिक प्रक्रियाएं शुरू होंगी। अगस्त से सितंबर के बीच योजना के लिए आवेदन शुरू हो सकते हैं। किन लोगों को मिलेगा फायदा? पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह के मुताबिक, इस योजना का लाभ छोटे और सीमांत किसान, भूमिहीन पशुपालक और डेयरी फार्म चलाने वाले लोगों को मिलेगा। पशु की मौत के बाद क्लेम मंजूर होते ही बीमा की रकम सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी। अगर कोई पशु स्थायी रूप से विकलांग हो जाता है, तो बीमा कंपनी बीमित राशि का 75% तक भुगतान करेगी। सरकार की पशुपालन और डेयरी योजनाओं से जुड़े पशुओं को प्राथमिकता मिलेगी। इलाज का खर्च नहीं मिलेगा यह जीवन बीमा योजना है, स्वास्थ्य बीमा नहीं। यानी पशु के इलाज का खर्च नहीं मिलेगा। आर्थिक मदद केवल पशु की मौत या स्थायी रूप से विकलांग होने पर ही मिलेगी। लाभार्थियों को 2 कैटेगरी में बांटा गया है वित्त वर्ष 2026-27 में 2 लाख 28 हजार 350 पशुओं का बीमा होगा। इनमें 1 लाख 86 हजार 800 पशुओं का बीमा सामान्य श्रेणी के पशुपालकों के लिए और 41 हजार 550 पशुओं का बीमा अनुसूचित जाति के पशुपालकों के लिए होगा। बीमा प्रीमियम का 85% हिस्सा यूपी सरकार देगी। बाकी 15% प्रीमियम लाभार्थी को देना होगा। सभी 75 जिलों में लागू होगी योजना यूपी में करीब 7500 गोसंरक्षण केंद्र चल रहे हैं, जहां लगभग 13.50 लाख निराश्रित गायों की देखभाल की जा रही है। इन पर सरकार हर दिन करीब 8 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। साथ ही, उत्तर प्रदेश चारा नीति के तहत ग्राम समाज और वन विभाग की जमीन पर हरा चारा उगाकर गोशालाओं को उपलब्ध कराया जा रहा है। पशुपालकों के लिए 5 जरूरी सवालों के जवाब सवाल1- मुआवजा कैसे मिलेगा? जवाब- अगर बीमा कराए गए पशु की मौत हो जाए, तो 24 घंटे के भीतर पशु अस्पताल या बीमा कंपनी को सूचना देनी होगी। इसके बाद सरकारी डॉक्टर पोस्टमॉर्टम करेंगे। क्लेम के लिए मृत पशु के साथ पशुपालक की एक ऐसी फोटो होनी अनिवार्य है, जिसमें पशु के कान का 'टैग' और उसका नंबर साफ-साफ दिखाई दे रहा हो। जरूरी डॉक्यूमेंट जमा करने के बाद 30 दिन के भीतर मुआवजे की रकम बैंक खाते में भेज दी जाएगी। सवाल2- योजना में शामिल नहीं हुए तो क्या नुकसान? जवाब- अगर बीमा नहीं कराया और बीमारी, बिजली गिरने या किसी हादसे में पशु की मौत हो गई, तो पूरा नुकसान पशुपालक को उठाना पड़ेगा। जबकि, इस योजना में सिर्फ 15% प्रीमियम देकर अपने पशुओं को सुरक्षा कवच दे सकते हैं। सवाल3- अगर पशु के कान से बीमा वाला टैग निकल जाए या खो जाए, तो क्या मुआवजा मिलेगा? जवाब- नहीं, क्लेम के समय पशु के कान में बीमा टैग होना जरूरी है। अगर टैग टूट जाए या गिर जाए, तो तुरंत सरकारी पशु चिकित्सक से नया टैग लगवाकर उसका रिकॉर्ड अपडेट कराना होगा। नहीं तो क्लेम अटक सकता है। सवाल4- अगर कोई बीमित पशु को किसी दूसरे व्यक्ति को बेच देता है, तो क्या बीमा चालू रहेगा? जवाब- नहीं। पशु को बेचते ही पुराना बीमा खत्म हो जाता है। अगर नया खरीदार भी उसी पात्रता (छोटे/सीमांत किसान) में आता है, तो उसे पशु चिकित्साधिकारी के पास जाकर बीमा पॉलिसी को अपने नाम ट्रांसफर करवाना होगा। बिना नाम ट्रांसफर कराए, नए मालिक को क्लेम नहीं मिलेगा। सवाल5- क्या गाय-भैंस के बछड़ों का बीमा कराया जा सकता है? जवाब- इस योजना के तहत केवल उन्हीं दुधारू या बड़े पशुओं का बीमा होता है जो कम से कम 2 से 3 साल की उम्र पार कर चुके हों। नवजात या बहुत छोटे पशुओं का बीमा इस योजना के तहत नहीं किया जाता है। छोटे पशुओं की कैटेगरी में केवल वयस्क भेड़, बकरी और सुअर ही शामिल हैं। ------------------------------ आपके काम की ये खबरें भी पढ़ें- बिना गारंटी ₹5 लाख तक कर्ज लें, ब्याज काफी कम, UP में 25 लाख किसान क्रेडिट कार्ड बनेंगे उत्तर प्रदेश में मानसून की एंट्री के साथ ही खेती-किसानी के काम ने रफ्तार पकड़ ली है। सीजन में किसानों को पैसे की किल्लत न हो, इसके लिए यूपी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में 25 लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) बनाए जाएंगे। इसके तहत किसानों को ₹5 लाख तक का फसल ऋण बेहद सस्ते ब्याज और बिना किसी गारंटी के मिल सकेगा। पूरी खबर पढ़िए… ---------------------- PM किसान की 24वीं किस्त किसे नहीं मिलेगी:इन गलतियों से अटक सकती है, जानें ‌हर साल ₹6000 पाने का तरीका पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त पर किसानों की नजर है। 23वीं किस्त में सरकार ने 9.44 करोड़ से ज्यादा किसानों के खातों में ₹2000 भेजे, लेकिन लाखों किसानों को पैसा नहीं मिला। 24वीं किस्त समय पर पाने के लिए क्या करना होगा और किन गलतियों से बचना जरूरी है? पूरी खबर पढ़िए…
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